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  "type": "article",
  "title": "राजसमंद के रिहायशी इलाके में तेंदुए की दहशत, दो सेकंड में पिल्ले को उठा ले गया",
  "summary": "राजसमंद जिले के जावद में श्रीजीनगर इलाके में एक तेंदुआ रिहायशी इलाके में घुस आया और महज दो सेकंड में कुत्ते के पिल्ले को उठाकर झाड़ियों में ले गया। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई है और पिछले पांच दिनों में यह दूसरी बार है जब तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई है।",
  "content": "उदयपुर संभाग के राजसमंद जिले में इन दिनों रिहायशी इलाकों के भीतर तेंदुए की आवाजाही से स्थानीय नागरिकों के बीच गहरा डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। ताजा मामला राजसमंद जिले के जावद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले श्रीजीनगर इलाके का है, जहां एक जंगली तेंदुआ रात के अंधेरे में आबादी के बीच आ धमका। इलाके में आवारा कुत्तों का एक झुंड रहता है जिसमें तीन बड़े और दो छोटे पिल्ले शामिल हैं। घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक इस झुंड पर हमला बोल दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।\n\n \n\nदो सेकंड से भी कम समय में हुआ शिकार\n जब तेंदुआ आबादी वाले क्षेत्र में दाखिल हुआ तो वहां मौजूद कुत्तों ने उसे घेरने की कोशिश की और दौड़ाई करने लगे। इसी गहमागहमी के बीच तेंदुआ सीढ़ियों पर चढ़ रहे एक छोटे पिल्ले तक पहुंच गया और अपनी मजबूत जबड़ों से उसकी गर्दन को दबोच लिया। हैरान करने वाली बात यह रही कि पूरी घटना इतनी तेजी से घटी कि तेंदुए ने महज दो सेकंड से भी कम वक्त में पिल्ले को अपने जबड़े में दबाया और पास की घनी झाड़ियों की तरफ फरार हो गया। यह पूरी वारदात पास के ही एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ-साफ रिकॉर्ड हो गई, जिसके फुटेज सामने आने के बाद से पूरे इलाके के लोगों के रातों की नींद उड़ गई है।\n\n \n\nपांच दिन में दूसरी बार देखा गया तेंदुआ\n स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले पांच दिनों के भीतर इलाके में तेंदुए की यह दूसरी बार उपस्थिति दर्ज की गई है। सुबह जब गली के लोग सोकर उठे तो उन्होंने पाया कि झुंड का एक पिल्ला गायब है। इसके बाद जब राजेंद्र सिंह चुंडावत और कपिल टांक के घरों पर लगे सुरक्षा कैमरों की जांच की गई, तब जाकर इस खौफनाक वाकये का खुलासा हुआ। इससे पहले बीते अगस्त महीने में भी राजसमंद शहर के महावीर नगर इलाके में एक तेंदुआ देखा गया था। उस दौरान महावीर नगर की एक खाली पड़ी आवासीय इमारत के बरामदे में तेंदुआ बैठा हुआ था। सुबह जब पड़ोसी सुधा सिंह भाटी ने अपने घर का मुख्य दरवाजा खोला तो उनकी नजर उस पर पड़ी थी। उनके चिल्लाने पर आसपास के लोग जुट गए, जिसके बाद तेंदुआ सड़क पर आ गया और एक अन्य पड़ोसी भंवर सिंह चुंडावत के जर्मन शेफर्ड कुत्ते द्वारा खदेड़े जाने के बाद तालेड़ी नाले की झाड़ियों की तरफ भाग निकला था।\n\n \n\nवन विभाग ने लगाया पिंजरा\n बार-बार हो रही इन घटनाओं से डरे हुए स्थानीय नागरिकों ने वन विभाग के अधिकारियों के समक्ष तत्काल पिंजरा लगाने की पुरजोर मांग उठाई है, ताकि इस खूंखार जानवर को जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से पकड़ा जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वहीं दूसरी तरफ डीएफओ ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे रात के वक्त बाहर निकलते समय विशेष सतर्कता बरतें और यदि कहीं भी तेंदुए की आवाजाही दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग या आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। फिलहाल खतरे को भांपते हुए संबंधित स्थान पर वन विभाग की ओर से पिंजरा स्थापित कर दिया गया है, हालांकि खबर लिखे जाने तक तेंदुए को पकड़ा नहीं जा सका है और क्षेत्र में लगातार भय का साया बना हुआ है।\n\nइसका आप पर असर\nराजसमंद के रिहायशी इलाकों में तेंदुए की बार-बार हो रही आवाजाही से स्थानीय नागरिकों और बाहर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा पर सीधा खतरा पैदा हो गया है।\n\n• भारत में: वन्यजीवों के इंसानी बस्तियों में घुसने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे देश भर के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में सुरक्षा को लेकर चिंता गहरी हो गई है। लोगों को रात के समय सुनसान रास्तों पर चलते वक्त अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सख्त आवश्यकता है।\n\n• राजसमंद में: राजसमंद के जावद और श्रीजीनगर क्षेत्र के निवासियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि पिछले पांच दिनों में दूसरी बार तेंदुए की पुष्टि हुई है। स्थानीय लोग बच्चों और पालतू जानवरों को खुला छोड़ने से बचें और किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।\n\nऐसा क्यों हुआ\nराजसमंद के रिहायशी इलाकों में तेंदुए के आने की मुख्य वजह जंगलों का दायरा घटना और प्राकृतिक आवासों का सिकुड़ना है, जिसके कारण वन्यजीव भोजन और पानी की तलाश में बस्तियों का रुख कर रहे हैं। इस मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित स्थान पर पिंजरा लगा दिया है ताकि जानवर को सुरक्षित पकड़ा जा सके।\n\n• प्राकृतिक आवास का नुकसान: जंगलों की कटाई और मानवीय अतिक्रमण के कारण वन्यजीवों के लिए भोजन की कमी हो जाती है, जिससे वे आवारा कुत्तों और मवेशियों के शिकार के लिए बस्तियों में आ जाते हैं।\n\n• सुरक्षा उपाय और निगरानी: पूर्व में भी अगस्त महीने में इसी प्रकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके बाद स्थानीय लोगों के दबाव पर वन विभाग ने पिंजरे लगाने और गश्त बढ़ाने की कार्रवाई शुरू की है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. तेंदुए की यह घटना राजसमंद के किस इलाके में हुई?\nयह घटना राजसमंद जिले के जावद क्षेत्र के श्रीजीनगर में हुई है।\n\n2. तेंदुआ कितनी देर में पिल्ले को उठा ले गया?\nतेंदुआ दो सेकंड से भी कम समय में कुत्ते के पिल्ले को अपनी गर्दन में दबोचकर भाग गया।\n\n3. पिछले कितने दिनों में तेंदुए की यह दूसरी बार मौजूदगी दर्ज हुई है?\nपिछले पांच दिनों के भीतर इलाके में तेंदुए की यह दूसरी बार उपस्थिति दर्ज की गई है।\n\n4. वन विभाग द्वारा इस मामले में क्या कदम उठाया गया है?\nस्थानीय लोगों की मांग पर वन विभाग ने बताए गए स्थान पर पिंजरा लगा दिया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।",
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  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-10-22",
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  "site": "TrendKia"
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