राणा प्रताप सागर बांध के पास 14 फीट लंबे अजगर ने कुत्ते को निगला, वन विभाग ने किया रेस्क्यू चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में राणा प्रताप सागर बांध के जीरो बैरियर के पास 14 फीट लंबे अजगर ने एक कुत्ते का शिकार कर उसे निगल लिया। सूचना मिलने पर वन विभाग ने रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ा। चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा इलाके में स्थित राणा प्रताप सागर बांध परिसर के समीप एक भारी-भरकम अजगर दिखाई देने से सनसनी फैल गई। बांध के जीरो बैरियर क्षेत्र में करीब 14 फीट लंबे इस विशालकाय अजगर ने अचानक हमला करके एक श्वान को अपना निवाला बना लिया। इंसानी आवाजाही और वन्यजीव क्षेत्र की सीमा पर हुई इस दुर्लभ घटना ने वहां मौजूद लोगों को हतप्रभ कर दिया। शिकार करने के बाद अजगर उसी स्थान पर कुंडली मारकर बैठ गया, जिसके चलते आसपास के इलाके में भारी कौतूहल और डर दोनों देखने को मिला। घात लगाकर किया हमला और जिंदा निगल गया जीरो बैरियर क्षेत्र में पहुंचे इस भारी अजगर ने रास्ते में घूम रहे एक कुत्ते पर अचानक घात लगाकर हमला बोला। अजगर ने अपनी मजबूत मांसपेशियों के शिकंजे में कुत्ते को इस कदर जकड़ा कि उसे संभलने या भागने का कोई मौका नहीं मिला। कुछ ही पलों के भीतर कुत्ते की सांसें थम गईं। शिकार के पूरी तरह शांत हो जाने के बाद अजगर ने उसे धीरे-धीरे पूरा निगल लिया। शिकार करने के बाद शरीर भारी हो जाने के कारण अजगर कहीं दूर नहीं जा सका और वहीं जमीन पर कुंडली जमाकर विश्राम की मुद्रा में बैठ गया। कर्मचारियों ने बनाया वीडियो, मौके पर जुटी भीड़ बांध पर अपनी ड्यूटी निभा रहे कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों ने जब अजगर के इस रूप को देखा तो हर कोई दंग रह गया। जैसे ही यह बात आसपास फैली, बांध के समीप लोगों का जमावड़ा लग गया। मौके पर उपस्थित कुछ कर्मचारियों ने अपने फोन से इस विशालकाय सरीसृप की तस्वीरें और वीडियो बनाए। शिकार निगलने के बाद शांत बैठे अजगर की तस्वीरें सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर तेजी से चर्चा में आ गईं। आम तौर पर ऐसे दृश्य खुले में बहुत कम देखने को मिलते हैं, इसलिए लोग इसे देखकर हैरत में पड़ गए। वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा सार्वजनिक आवागमन वाले संवेदनशील क्षेत्र में इतने विशाल अजगर की मौजूदगी से खतरे की आशंका पैदा हो गई थी। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बांध कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने फौरन वन विभाग को पूरे मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची। वन्यजीव कर्मियों ने पूरी सावधानी और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अजगर को सुरक्षित काबू में किया। इसके बाद उसे इंसानी आबादी से दूर उसके प्राकृतिक आवास यानी गहरे वन क्षेत्र में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया गया। इलाके में दहशत, पानी और भोजन की तलाश में निकलते हैं सरीसृप राणा प्रताप सागर बांध का पूरा क्षेत्र अपनी हरियाली, विशाल जलराशि और वन्यजीवों की मौजूदगी के लिए पहचाना जाता है। ऐसे में जल स्रोतों के पास बड़े अजगरों का भोजन अथवा पानी की तलाश में खुले में निकलना असामान्य नहीं है। हालांकि, बांध के महत्वपूर्ण जीरो बैरियर के बिल्कुल करीब 14 फीट लंबे अजगर द्वारा सरेआम शिकार करने की घटना से स्थानीय निवासियों और कर्मचारियों के मन में खौफ पैदा हो गया है। इलाके में लोगों को सतर्क रहने और झाड़ियों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसका आप पर असर जलाशयों और वन क्षेत्रों के पास रहने वाले नागरिकों को इस घटना के बाद विशेष सतर्कता बरतनी होगी। • राजस्थान में: जल स्रोतों और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को खुले इलाकों में पालतू जानवरों को अकेला छोड़ने से बचना चाहिए। झाड़ियों या पत्थरों के समीप जाते समय सतर्कता रखें और किसी भी भारी सरीसृप को देखते ही वन विभाग को सूचित करें। • चित्तौड़गढ़ में: रावतभाटा और बांध क्षेत्र में आवागमन करने वाले कर्मचारी रात व सुबह के समय अंधेरे रास्तों पर टॉर्च का उपयोग करें। बांध के जीरो बैरियर जैसे संवेदनशील हिस्सों के पास बच्चों और अकेले व्यक्तियों की आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जाए। • पालतू जानवरों की सुरक्षा: खुले में घूमने वाले कुत्तों या मवेशियों के बाड़ों की समुचित घेराबंदी रखें ताकि भारी शिकारी जीव आसानी से अंदर न घुस सकें। पालतू पशुओं को सुनसान झाड़ियों की तरफ चरने के लिए खुला न छोड़ें। • आपातकालीन संपर्क: वन्यजीव दिखने पर खुद उसे पकड़ने या छेड़ने का प्रयास न करें। तुरंत स्थानीय प्रशासन या वन विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना देकर विशेषज्ञों का इंतजार करें। ऐसा क्यों हुआ राणा प्रताप सागर बांध के पास 14 फीट लंबे अजगर के आने का मुख्य कारण जल स्रोत और भोजन की उपलब्धता है। • प्राकृतिक पर्यावास की समीपता: बांध का नजदीकी क्षेत्र प्राकृतिक रूप से घने जंगलों और चट्टानी इलाकों से घिरा हुआ है, जो विशालकाय अजगरों का स्वाभाविक आवास है। ऐसे में पानी और अनुकूल तापमान के लिए वे अक्सर जल संरचनाओं के समीप आ जाते हैं। • शिकार की तलाश: बांध के जीरो बैरियर के पास लावारिस कुत्तों और छोटे जीवों की लगातार मौजूदगी रहती है। भोजन की तलाश में भटकते हुए अजगर ने आसान शिकार देखकर कुत्ते पर हमला कर दिया। • मानव बस्तियों का विस्तार: वन्यजीवों के प्राकृतिक दायरे और मानवीय गतिविधियों के बीच की दूरी कम होने से ऐसे आमने-सामने के टकराव बढ़ जाते हैं। बांध की परिधि में होने वाली दैनिक गतिविधियों से वन्यजीव कई बार संवेदनशील बैरियर तक खिंचे चले आते हैं। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस स्थान पर हुई? यह घटना चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में स्थित प्रसिद्ध राणा प्रताप सागर बांध के जीरो बैरियर क्षेत्र में हुई। 2. अजगर की लंबाई कितनी बताई गई है? अजगर की लंबाई लगभग 14 फीट बताई गई है। 3. अजगर ने किस जानवर का शिकार किया? अजगर ने घात लगाकर एक कुत्ते (श्वान) को अपनी गिरफ्त में लेकर निगल लिया। 4. शिकार के बाद अजगर का क्या किया गया? सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू किया और गहरे जंगल में छोड़ दिया। https://trendkia.com/rajasthan/rana-pratapa-sagara-bandha-ke-pasa-14-phita-lnbe-ajagara-ne-kutte-ko-nigala-forest-department-ne-kiya-rescue-49044 TrendKia — Har trend, sabse pehle.