रायला में संगम इंडिया यूनिट के री-साइकिल परिसर में धधकी आग, गोदाम का सामान जलने से भारी नुकसान भीलवाड़ा के सरेरी में देर रात एक री-साइकिलिंग इकाई में अचानक लपटें उठने से अफरा-तफरी मच गई। दमकल की दर्जनभर से अधिक गाड़ियां लंबे समय से लपटों को शांत करने में जुटी हैं। राजस्थान के भीलवाड़ा अंतर्गत रायला इलाके में स्थित एक प्रमुख औद्योगिक परिसर देर रात अचानक भीषण लपटों से घिर गया। सरेरी में संचालित संगम इंडिया लिमिटेड की यूनिट-2 के री-साइकिल प्लांट में यह हादसा हुआ, जहां देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप ले लिया। घटना के समय कार्यस्थल पर मौजूद कर्मचारियों को तुरंत सतर्कता दिखाते हुए बाहर निकाल लिया गया, जिससे जनहानि टल गई। रूई के गोदाम में फैली लपटें परिसर के भीतर स्थित कॉटन स्टोरेज वाले हिस्से में आग तेजी से फैल गई, जिसकी वजह से वहां जमा भारी मात्रा में रखा कच्चा और तैयार माल जल गया। प्राथमिक आकलनों के संकेत हैं कि इस अग्निकांड के चलते करोड़ों रुपये मूल्य की सामग्री पूरी तरह नष्ट हो गई है, यद्यपि कुल आर्थिक क्षति का अंतिम मूल्यांकन विस्तृत जांच पूरी होने के उपरांत ही तय हो सकेगा। दमकल टीमों का राहत अभियान हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के विभिन्न केंद्रों से 10 से 15 दमकल वाहन घटनास्थल की ओर रवाना किए गए। बारह घंटे से अधिक की अवधि बीत जाने के बावजूद अग्निशमन दस्ते लपटों को पूर्ण रूप से शांत करने के लिए लगातार पानी की बौछारें कर रहे हैं। वर्तमान समय तक लपटें भड़कने की सटीक तकनीकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, और प्रशासनिक स्तर पर कारणों की पड़ताल की जा रही है। इसका आप पर असर इस औद्योगिक अग्निकांड से स्थानीय उत्पादन ढांचे और आपूर्ति व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा है। • भारत में: वस्त्र उद्योग के री-साइकिलिंग और धागा उत्पादन तंत्र से जुड़े कारोबारियों के लिए ऑर्डर समय पर पूरे करने में कुछ व्यवधान उत्पन्न हो सकता है। ऐसे बड़े प्लांट में उत्पादन रुकने से कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है। • भीलवाड़ा में: रायला और सरेरी के आसपास स्थित औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और फायर ऑडिट कड़े किए जा सकते हैं। इस घटना के बाद स्थानीय कारखानों में दमकल सुरक्षा उपकरणों की विस्तृत जांच शुरू होने की संभावना है। • कामगारों के लिए: प्रभावित यूनिट में कार्यरत श्रमिकों के काम के घंटों और शिफ्ट प्रबंधन में मरम्मत कार्य चलने तक बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रबंधन की पहली प्राथमिकता पूरी यूनिट की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगी। • पर्यावरण व हवा: बड़ी मात्रा में सूती माल और सिंथेटिक फाइबर जलने से आसपास के ग्रामीण व आवासीय क्षेत्रों में धुएं का अस्थायी असर रहेगा। स्थानीय निवासियों को कुछ समय तक सांस संबंधी सतर्कता बरतने की सलाह दी जा सकती है। ऐसा क्यों हुआ औद्योगिक परिसरों में कपड़ों व रूई के विशाल भंडार होने के कारण आग लगने पर स्थितियां बेहद तेजी से बिगड़ती हैं। • सीधा कारण: घटना के प्रारंभिक कारणों का आधिकारिक रूप से अभी पता नहीं चल पाया है। विद्युत शॉर्ट सर्किट या मशीनरी जनित घर्षण जैसे सामान्य तकनीकी बिंदुओं की जांच जारी है। • प्रसार की परिस्थितियां: री-साइकिलिंग यूनिट के गोदाम में भारी तादाद में रूई और कपड़ा सामग्री रखी हुई थी। यह सामग्री अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग ने चंद पलों में ही विकराल रूप धारण कर लिया। • नियंत्रण में देरी: गोदाम के भीतर सूती रेशों की सघन परतों में आग सुलगते रहने के कारण बाहर से पानी डालने पर भी लपटें शांत होने में बारह घंटे से अधिक का समय लगा। दमकल दलों को विभिन्न दिशाओं से घेराबंदी करनी पड़ी। सवाल-जवाब 1. यह अग्निकांड किस जगह और किस यूनिट में हुआ? यह हादसा भीलवाड़ा जिले के रायला इलाके स्थित सरेरी में संगम इंडिया लिमिटेड यूनिट-2 के री-साइकिल प्लांट में हुआ। 2. हादसे के समय प्लांट में मौजूद कर्मचारियों की स्थिति क्या रही? आग भड़कते ही परिसर में काम कर रहे सभी कर्मचारियों को फौरन सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। 3. आग बुझाने में कितनी दमकल गाड़ियों को लगाया गया? लपटों पर नियंत्रण पाने के लिए विभिन्न नजदीकी इलाकों से 10 से 15 दमकल वाहन तैनात किए गए। 4. आग से कितना नुकसान होने का अनुमान है? शुरुआती अनुमानों में करोड़ों रुपये मूल्य की रूई और री-साइकिल सामग्री के जलने का अनुमान लगाया गया है। 5. आग लगने का मुख्य कारण क्या सामने आया है? आग लगने के वास्तविक तकनीकी कारणों की पुष्टि अभी नहीं हो पाई है और मामले की जांच जारी है। https://trendkia.com/rajasthan/rayla-men-sangam-india-unit-ke-ri-saikila-parisara-men-dhadhaki-aga-godama-ka-samana-jalane-se-bhari-nukasana-41197 TrendKia — Har trend, sabse pehle.