रिश्तेदारों को फंसाने के लिए पिता ने 8 माह की बच्ची को जमीन पर पटककर मार डाला करौली जिले के हिण्डौन सिटी में एक पिता ने पारिवारिक रंजिश के चलते अपनी आठ माह की बेटी की हत्या कर दी और चचेरे रिश्तेदारों पर झूठा इल्जाम लगा दिया। पुलिस जांच में साजिश का पर्दाफाश होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। राजस्थान के करौली जिले में स्थित हिण्डौन सिटी से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक व्यक्ति ने अपने ही खून का सौदा कर पारिवारिक दुश्मनी साधने की खौफनाक साजिश रची। खेड़े का पुरा इलाके के रहने वाले रामदेव जाटव ने अपनी महज 8 माह की मासूम बेटी को जमीन पर पटककर मौत के घाट उतार दिया। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद उसने पूरे मामले को मोड़ देने और अपने सगे भाई के कुनबे को सलाखों के पीछे भिजवाने के लिए पुलिस में एक मनगढ़ंत शिकायत दर्ज कराई थी। झूठी कहानी बनाकर रिश्तेदारों पर मढ़ा था कत्ल का आरोप घटनाक्रम के मुताबिक, यह वारदात 28 अक्टूबर को अंजाम दी गई थी। आरोपी रामदेव जाटव ने अपनी बच्ची को बेरहमी से जमीन पर दे मारा, जिससे उसने दम तोड़ दिया। इसके तुरंत बाद उसने पुलिस के पास पहुंचकर दावा किया कि उसके तीन भतीजों और उनकी पत्नियों ने घर में घुसकर मारपीट की और उसी दौरान बच्ची की जान ले ली। इस चाल का मुख्य मकसद अपने सगे भाई के परिवार को कानूनी शिकंजे में फंसाकर पुरानी रंजिश का बदला लेना था। जांच में खुली साजिश, आरोपी पिता सलाखों के पीछे मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। नई मंडी थाना पुलिस और विशेष दल ने जब घटना से जुड़े साक्ष्यों और पारिवारिक पृष्ठभूमि की बारीकी से पड़ताल की, तो रंजिश और विवाद की असली तस्वीर सामने आ गई। लगातार पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद यह साफ हो गया कि हत्या किसी बाहरी या रिश्तेदार ने नहीं, बल्कि खुद पिता ने ही की थी। सच्चाई उजागर होने पर पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। इसका आप पर असर पारिवारिक विवादों में झूठे मुकदमों और गंभीर अपराधों के मामलों में पुलिस जांच तंत्र की सतर्कता का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। • राजस्थान में: स्थानीय स्तर पर गंभीर आरोपों की त्वरित फोरेंसिक और परिस्थितिजन्य पड़ताल निर्दोष परिजनों को जेल जाने से बचाती है। इससे विवादों में झूठी एफआईआर दर्ज कराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी मिसाल कायम होती है। • भारत में: पारिवारिक रंजिश निपटाने के लिए गढ़ी गई झूठी कहानियों को बेनकाब करने में पुलिस की तकनीकी जांच महत्वपूर्ण साबित हो रही है। आम नागरिकों के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि झूठी शिकायतें न केवल खारिज होती हैं, बल्कि कानूनी कार्रवाई का आधार भी बनती हैं। • विधिक अधिकार: किसी भी आपराधिक शिकायत की निष्पक्ष जांच होने तक साक्ष्यों का परीक्षण आवश्यक होता है। इससे रंजिश के तहत फंसाए जा रहे निर्दोष पक्षों को सुरक्षा मिलती है। • जांच प्रक्रिया: गंभीर मामलों में विशेष जांच टीमों का तुरंत सक्रिय होना निष्पक्ष न्याय प्रणाली को सुनिश्चित करता है। इससे नागरिकों का कानून व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर भरोसा मजबूत होता है। ऐसा क्यों हुआ यह दुखद घटना पारिवारिक रंजिश और बदले की भावना से प्रेरित होकर रची गई एक खतरनाक साजिश का परिणाम थी। • पारिवारिक रंजिश: आरोपी का अपने सगे भाई के परिवार और भतीजों के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके चलते उसने बदला लेने की योजना बनाई। • निर्दोषों को फंसाने की मंशा: आरोपी अपने भाई के बेटों और उनकी पत्नियों को गंभीर कानूनी पचड़े में फंसाकर जेल भिजवाना चाहता था, इसलिए उसने अपनी ही बच्ची को निशाना बनाया। • पुलिस जांच में विसंगतियां: शिकायत दर्ज होने के बाद जब पुलिस ने घटनास्थल और आरोपी के बयानों की पड़ताल की, तो कहानी में विरोधाभास पाए गए जिससे पूरी साजिश बेनकाब हो गई। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां और कब घटी? यह वारदात राजस्थान के करौली जिले में हिण्डौन सिटी के खेड़े का पुरा इलाके में 28 अक्टूबर को हुई थी। 2. बच्ची की हत्या का मुख्य आरोपी कौन है? बच्ची की हत्या का आरोपी उसका अपना पिता रामदेव जाटव है, जिसने उसे जमीन पर पटक दिया था। 3. आरोपी ने शुरुआती शिकायत में क्या आरोप लगाए थे? आरोपी ने अपने तीन भतीजों और उनकी पत्नियों पर घर में घुसकर मारपीट करने और बच्ची की हत्या करने का झूठा आरोप लगाया था। 4. मामले की जांच किस पुलिस टीम ने की? जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देशन में गठित विशेष टीम और नई मंडी थाना पुलिस ने जांच कर मामले का पर्दाफाश किया। https://trendkia.com/rajasthan/rishtedaron-ko-phnsane-ke-lie-pita-ne-8-maha-ki-bachchi-ko-jamina-para-patakakara-mara-dala-54498 TrendKia — Har trend, sabse pehle.