रोशनी के महापर्व में विदेशी मेहमानों से सजा मंडावा, हवेलियों की भव्यता देख फ्रांस के पर्यटक हुए मंत्रमुग्ध झुंझुनूं का ऐतिहासिक कस्बा मंडावा दीपोत्सव के जश्न में डूबा हुआ है, जहां फ्रांस से पहुंचे विदेशी सैलानियों ने प्राचीन हवेलियों और भित्तिचित्रों की खूबसूरती को निहारने के साथ स्थानीय संस्कृति का जमकर आनंद लिया। ओपन आर्ट गैलरी के नाम से दुनिया भर में अपनी अनूठी पहचान रखने वाले मंडावा कस्बे में दीपोत्सव का पर्व पूरी भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। रोशनी के इस महापर्व की अनूठी रौनक को देखने और भारतीय संस्कृति के सजीव दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में देश और दुनिया से सैलानी यहां पहुंच रहे हैं। दीवाली के रंगों में सराबोर बाजारों, पारंपरिक हवेलियों और रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाती गलियों में इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। फ्रांस के पर्यटकों ने सराही ऐतिहासिक धरोहरें फ्रांस से आए पर्यटकों के एक विशेष दल ने मंडावा की कलात्मक हवेलियों और प्राचीन विरासतों का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान विदेशी मेहमानों ने हवेलियों की दीवारों पर उकेरे गए प्राचीन भित्तिचित्रों और बेहद बारीक नक्काशी की खुलकर प्रशंसा की। पर्यटकों का कहना था कि मंडावा की यह कलात्मक और ऐतिहासिक विरासत बेहद दुर्लभ और अनोखी है। हालांकि, इस ऐतिहासिक धरोहर के दीदार के साथ ही पर्यटकों ने इसके उचित रख-रखाव और संरक्षण की कमी पर चिंता भी जाहिर की। उनका मानना था कि वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध इस अनमोल धरोहर को भविष्य के लिए सहेजकर रखना बेहद जरूरी है। राजस्थानी व्यंजनों का स्वाद और बाजारों में खरीदारी दीपावली के इस खास मौके पर फ्रांस से आए इन विदेशी सैलानियों ने स्थानीय बाजारों में घूमकर जमकर खरीदारी की और पारंपरिक राजस्थानी हस्तशिल्प को करीब से देखा। इसके अलावा विदेशी मेहमानों ने यहां के चटपटे राजस्थानी व्यंजनों, पारंपरिक पकवानों और स्थानीय मिठाइयों का स्वाद चखकर यहां की संस्कृति का आनंद लिया। मंडावा का पारंपरिक खान-पान और स्थानीय लोगों का गर्मजोशी भरा आतिथ्य सत्कार विदेशी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। कैमरों में कैद हुई खूबसूरती और दी दीपावली की शुभकामनाएं शाम ढलते ही दीयों की टिमटिमाती रोशनी और बिजली की सजावट से जगमगाता मंडावा शहर पर्यटकों के मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गया। सैलानी हवेलियों की छतों और पुराने झरोखों से इस खूबसूरत कस्बे के नजारों को अपने कैमरों और मोबाइल में कैद करते नजर आए। इस दौरान विदेशी मेहमानों ने स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों से मिलकर दीपोत्सव की खुशियों को बांटा और हैप्पी दिवाली मंडावा कहकर बधाई दी। भारतीय संस्कृति, राजस्थानी परंपराओं और विदेशी मेहमानों के इस खूबसूरत मेल से पूरा कस्बा उत्सव के रंग में डूबा हुआ है। इसका आप पर असर पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ स्थानीय व्यापार और आतिथ्य उद्योग को बड़ा आर्थिक बढ़ावा मिल रहा है। • राजस्थान में: मंडावा और शेखावाटी क्षेत्र के होटल, गाइड और हस्तशिल्प कारोबारियों की आमदनी में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। • भारत में: विदेशी पर्यटकों के आगमन से देश के सांस्कृतिक पर्यटन और स्थानीय कारीगरों के उत्पादों की मांग को प्रोत्साहन मिलता है। ऐसा क्यों हुआ दीपावली के पर्व और राजस्थान के अनुकूल मौसम के कारण हर साल इस दौरान विदेशी सैलानी बड़ी संख्या में यहां आते हैं। • सांस्कृतिक आकर्षण: मंडावा की ओपन आर्ट गैलरी और प्राचीन हवेलियों की वास्तुकला अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को बरबस आकर्षित करती है। • त्योहार का उल्लास: दीपोत्सव के दौरान भारतीय संस्कृति और रोशनी के पर्व का प्रत्यक्ष अनुभव करने की ललक पर्यटकों को खींचती है। • पारंपरिक आतिथ्य: स्थानीय खान-पान और ग्रामीण पर्यटन की लोकप्रियता विदेशी मेहमानों के बीच लगातार बढ़ रही है। सवाल-जवाब 1. मंडावा क्यों प्रसिद्ध है? मंडावा अपनी ऐतिहासिक हवेलियों, प्राचीन भित्तिचित्रों और ओपन आर्ट गैलरी के रूप में दुनिया भर में प्रसिद्ध है। 2. कौन से देश के पर्यटक मंडावा आए हैं? फ्रांस से पर्यटकों का एक विशेष दल दीपोत्सव के अवसर पर मंडावा पहुंचा है। 3. विदेशी सैलानियों ने किस बात पर चिंता जताई है? पर्यटको ने ऐतिहासिक धरोहरों के उचित संरक्षण और जीर्णोद्धार की कमी पर चिंता व्यक्त की है। 4. पर्यटक मंडावा में क्या गतिविधियां कर रहे हैं? सैलानी हवेलियों का भ्रमण करने के साथ राजस्थानी व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे हैं और बाजारों से हस्तशिल्प खरीद रहे हैं। https://trendkia.com/rajasthan/roshani-ke-mahaparva-men-videshi-mehamanon-se-saja-mandawa-haveliyon-ki-bhavyata-dekha-france-ke-paryataka-hue-mntramugdha-57799 TrendKia — Har trend, sabse pehle.