सचिन पायलट का भजनलाल सरकार पर निशाना, मंत्री के बेटे के निर्दलीय लड़ने से दिया बड़ा उदाहरण कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मंत्री के बेटे का निर्दलीय चुनाव लड़ना सरकार की घटती लोकप्रियता और आंतरिक कलह का प्रमाण है। जयपुर में जारी पंचायत चुनावों की सरगर्मी के बीच कांग्रेस के प्रमुख नेता सचिन पायलट ने राज्य की भजनलाल सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सूबे की मौजूदा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि प्रशासन की स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है और जनता का सरकार से मोहभंग हो गया है। पायलट ने इस बात का प्रमाण देते हुए एक विशेष वाकया साझा किया, जिससे भाजपा सरकार के भीतर की हकीकत और जनता के बीच उसकी साख का अंदाजा लगाया जा सकता है। कैबिनेट मंत्री के बेटे का निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरना पायलट ने 15 अक्टूबर को जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस बात पर जोर दिया कि सरकार के दावों और मैदानी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने बिना नाम लिए राजस्थान सरकार के यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा का उदाहरण दिया। झाबर सिंह खर्रा सीकर जिले के श्रीमाधोपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उनके बेटे दुर्गासिंह खर्रा ने हाल ही में पंचायत समिति चुनाव के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया है। इसी का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि जब एक कैबिनेट मंत्री के पुत्र को ही अपनी पार्टी के टिकट और चुनाव चिन्ह पर जीत का भरोसा नहीं है, तो आम जनता की नाराजगी की गहराई को आसानी से समझा जा सकता है। पार्टी के भीतर खींचतान और प्रशासनिक दुरुपयोग के आरोप इस पूरे घटनाक्रम पर आगे बोलते हुए पायलट ने स्पष्ट किया कि खामी केवल मुख्यमंत्री तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्तारूढ़ दल के भीतर भारी गुटबाजी और खींचतान चल रही है। पंचायत चुनावों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी ताकत से सक्रिय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले टालमटोल के बहाने बनाए और पंचायत चुनावों में देरी की, लेकिन अदालत की कड़ी फटकार के बाद ही चुनाव कराने पड़े। इसके अलावा, निकाय चुनावों के दौरान भी सत्ता पक्ष ने साम, दाम, दंड और भेद की नीतियों का इस्तेमाल करते हुए पुलिस और प्रशासनिक तंत्र पर अनुचित दबाव बनाया और सत्ता का खुलकर दुरुपयोग किया। ग्रामीण इलाकों में विकास की कमी और युवाओं की नाराजगी पायलट ने सरकार पर मनमाने ढंग से परिसीमन करने का भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निकाय चुनावों के समय यह दावा किया जाता था कि शहरी क्षेत्रों में भाजपा बेहद मजबूत है, लेकिन इसके बावजूद दोनों दलों के वोट प्रतिशत में एक फीसदी से भी कम का अंतर रहा, जो कि एक बड़ा संकेत है। यह तब हुआ जब सरकारी मशीनरी का व्यापक स्तर पर दुरुपयोग किया गया था। पायलट ने दावा किया कि गांवों में सरकार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है, विशेषकर युवा वर्ग काफी नाराज चल रहा है। यदि पिछले राजनीतिक इतिहास पर नजर डाली जाए तो ग्रामीण क्षेत्रों के पंचायत चुनावों में हमेशा से कांग्रेस का पलड़ा भारी रहा है। वर्तमान समय में गांवों में बुनियादी विकास कार्यों का अभाव है और देश में जो कुछ भी घटित हो रहा है, उसे राजस्थान की समझदार जनता भली-भांति देख रही है। इसका आप पर असर यह राजनीतिक घटनाक्रम राज्य में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को प्रभावित कर सकता है, जिससे मतदाताओं का मूड बदल सकता है। • भारत में: राजनीतिक दलों के भीतर टिकट वितरण और आंतरिक असंतोष का असर राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रीय रणनीतियों को बदल सकता है। स्थानीय स्तर पर नेताओं के बयानों से चुनावी प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। • राजस्थान में: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं के बीच प्रशासनिक कार्यप्रणाली और विकास कार्यों को लेकर बहस छिड़ गई है। पंचायत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों और स्थानीय जनता के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह राजनीतिक बयानबाजी पंचायत चुनावों के दौरान टिकटों के बंटवारे और आंतरिक असंतोष के कारण सामने आई है। • राजनीतिक कलह: सत्तारूढ़ दल के भीतर टिकट आवंटन और भरोसे की कमी के कारण नेताओं के परिवारों में भी मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। • प्रशासनिक नीतियां: विपक्षी दल द्वारा चुनावों में देरी और प्रशासनिक मशीनरी के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए जा रहे हैं। • ग्रामीण असंतोष: गांवों में विकास कार्यों की कमी और युवाओं की नाराजगी से जुड़े मुद्दे चुनावी चर्चा का मुख्य केंद्र बन गए हैं। सवाल-जवाब 1. सचिन पायलट ने भजनलाल सरकार पर क्या मुख्य आरोप लगाया? पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार की हालत खस्ता है, जनता में भारी नाराजगी है और पार्टी के भीतर भारी खींचतान चल रही है। 2. किस मंत्री के बेटे ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया है? यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के बेटे दुर्गासिंह खर्रा ने पंचायत समिति चुनाव के लिए निर्दलीय नामांकन भरा है। 3. यह बयान सचिन पायलट ने कब और कहां दिया? पायलट ने यह बयान 15 अक्टूबर को जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया। 4. पंचायत चुनावों में देरी को लेकर पायलट ने क्या कहा? पायलट ने दावा किया कि सरकार ने पहले बहानेबाजी कर पंचायत चुनावों में देरी की और अदालत की फटकार के बाद चुनाव कराए जा रहे हैं। https://trendkia.com/rajasthan/sachin-pilot-attacks-bhajanlal-government-cites-cabinet-minister-son-contesting-as-independent-48159 TrendKia — Har trend, sabse pehle.