# सैन्य आधुनिकीकरण पर जैसलमेर में रक्षा मंत्री का बड़ा मंथन, बदलती जंग और तकनीक से निपटने की बनी रणनीति

> रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में जैसलमेर में रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति की अहम बैठक हुई, जिसमें तीनों सेनाओं को आधुनिक तकनीक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर बल दिया गया.

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/sainya-adhunikikarana-para-jaisalmer-men-raksha-mntri-rajnath-singh-ka-bara-mnthana-badalati-jnga-aura-takanika-se-nipatane-ki-ban-55724 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजनाथ सिंह, जैसलमेर, रक्षा मंत्रालय, सैन्य आधुनिकीकरण, भारतीय सेना, सुरक्षा चुनौतियां

राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में देश की सीमाओं की सुरक्षा और सशस्त्र बलों की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय विमर्श आयोजित हुआ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति का यह महत्वपूर्ण सत्र संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य रूप से भारतीय रक्षा बलों के आधुनिकीकरण पर चर्चा केंद्रित रही. इस दौरान तीनों सेनाओं को वर्तमान और भविष्य की सामरिक जरूरतों के अनुसार ढालने, नए जमाने के युद्ध कौशलों को अपनाने और उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल पर विस्तार से विचार किया गया.

## भविष्य के युद्ध और उन्नत तकनीक पर मुख्य फोकस
इस उच्चस्तरीय विमर्श का मुख्य केंद्र बिंदु वैश्विक स्तर पर तेजी से बदलता रक्षा परिदृश्य रहा. दुनिया भर में उभरते सुरक्षा संकटों और युद्ध के नए तरीकों को देखते हुए सैन्य तंत्र को लगातार उन्नत बनाने की आवश्यकता रेखांकित की गई. रक्षा मंत्री ने रेखांकित किया कि आने वाले दौर की चुनौतियों से पार पाने के लिए भारतीय सेनाओं के पास आधुनिक तकनीक, पर्याप्त संसाधन और त्वरित कार्रवाई की क्षमता होनी चाहिए. केवल पारंपरिक हथियारों की मौजूदगी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सैनिकों और कमांडरों को अत्याधुनिक प्रणालियों के संचालन में सक्षम बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

बैठक के प्रमुख बिंदुओं को साझा करते हुए यह स्पष्ट किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार रक्षा बलों के आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. इसके लिए बजटीय आवंटन और रक्षा खरीद के तंत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है. रक्षा मंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि आर्थिक संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ उनका प्रभावी और रणनीतिक इस्तेमाल सुनिश्चित करना भी अनिवार्य है, ताकि प्राथमिक सैन्य आवश्यकताओं को समय पर पूरा किया जा सके.

## तीनों सेनाओं के शीर्ष प्रतिनिधि और सांसद रहे शामिल
जैसलमेर के इस सत्र में रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य सांसदों के अलावा भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे. विभिन्न तकनीकी एवं रणनीतिक पहलुओं पर समिति के सदस्यों और सैन्य नेतृत्व के बीच गहरा विचार-विमर्श हुआ. बैठक में शामिल सभी सांसदों और सैन्य अधिकारियों के नामों का आधिकारिक ब्योरा यद्यपि सार्वजनिक नहीं हुआ, लेकिन विमर्श का पूरा ध्यान तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने और सुरक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने पर ही केंद्रित रहा.

## दो दिवसीय दौरे का पूरा घटनाक्रम
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को अपने दो दिवसीय प्रवास के तहत जैसलमेर पहुंचे थे. वायुसेना स्टेशन पर आगमन के बाद उनका काफिला सीधे शहर के होटल फोर्ट राजवाड़ा पहुंचा, जिसे इस महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य केंद्र बनाया गया था. पहले दिन की शाम करीब 6:30 बजे रक्षा मंत्री जैसलमेर वॉर म्यूजियम पहुंचे, जहां उन्होंने सैन्य शौर्य को दर्शाने वाले साउंड एंड लाइट शो का अवलोकन किया. इसके पश्चात होटल फोर्ट राजवाड़ा में सलाहकार समिति के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों के सम्मान में आयोजित आधिकारिक रात्रिभोज में वे सम्मिलित हुए और वहीं रात्रि विश्राम किया.

## स्थानीय नेताओं से मुलाकात और दिल्ली प्रस्थान
प्रवास के दूसरे दिन सुबह से ही होटल फोर्ट राजवाड़ा में बैठकों का क्रम जारी रहा. सलाहकार समिति की मुख्य बैठक शुरू होने से पहले भाजपा नेताओं कंवराज सिंह चौहान और दीप सिंह सहित कई स्थानीय प्रतिनिधियों ने रक्षा मंत्री से औपचारिक भेंट की और विभिन्न क्षेत्रीय विषयों पर चर्चा की. इसके बाद सलाहकार समिति का औपचारिक सत्र प्रारंभ हुआ, जो काफी देर तक चला और इसमें कई अहम रक्षा प्राथमिकताओं को अंतिम रूप दिया गया.

मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे होटल परिसर में एक सामूहिक फोटो सत्र हुआ. इस अवसर पर जैसलमेर के स्थानीय विधायक छोटूसिंह भाटी और पार्टी नेता विक्रम सिंह नाचना भी रक्षा मंत्री के साथ उपस्थित रहे. फोटो सत्र संपन्न होने के तुरंत बाद चाक-चौबंद सुरक्षा घेरे में रक्षा मंत्री का काफिला जैसलमेर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गया, जहां से वे विशेष विमान द्वारा दिल्ली लौट गए.

## इसका आप पर असर
इस उच्चस्तरीय रक्षा विमर्श का सीधा असर देश की सीमा सुरक्षा नीतियों, सैन्य बजट के प्रबंधन और रणनीतिक तैयारियों पर पड़ेगा.

- **भारत में:** सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और तकनीक पर जोर देने से सीमा सुरक्षा तंत्र पहले से अधिक मजबूत होगा. रक्षा बजट के प्रभावी इस्तेमाल और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलने से दीर्घकालिक स्तर पर राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र अधिक दक्ष बनेगा.
- **जैसलमेर में:** सीमावर्ती जिला होने के कारण जैसलमेर में सैन्य बैठकों और बुनियादी ढांचे की समीक्षा से स्थानीय सुरक्षा इंतजाम और अधिक सतर्क रहेंगे. इस प्रकार के राष्ट्रीय आयोजनों से सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक मुस्तैदी और स्थानीय गतिविधियों को भी बल मिलता है.
- **सशस्त्र बलों के लिए:** तीनों सेनाओं को भविष्य के युद्ध के अनुरूप तकनीकी उपकरण और त्वरित कार्रवाई के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे. इससे जवानों और कमांडरों को अत्याधुनिक प्रणालियों के साथ काम करने में आसानी होगी.
- **रक्षा उद्योग के लिए:** पूंजीगत खरीद और बजटीय प्राथमिकताओं पर स्पष्ट नीति बनने से रक्षा उपकरणों के उत्पादन को गति मिलेगी. घरेलू उद्योगों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए आवश्यकताओं की पूर्ति के नए अवसर तैयार होंगे.

## ऐसा क्यों हुआ
वैश्विक स्तर पर युद्ध के बदलते तौर-तरीकों और नई तकनीकों के बढ़ते उपयोग के बीच भारतीय सुरक्षा तंत्र को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से यह बैठक बुलाई गई थी.

- **युद्ध का बदलता स्वरूप:** आधुनिक युद्ध केवल पारंपरिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि इनमें ड्रोन, साइबर तकनीक और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों की भूमिका बढ़ गई है. इसी कारण तीनों सेनाओं को नई तकनीक से लैस करना एक अनिवार्य सामरिक जरूरत बन चुका है.
- **संसदीय समिति का नियमित मंथन:** रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति समय-समय पर प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा करने और नीतियों पर सांसदों के साथ विमर्श करने के लिए इस प्रकार के सत्र आयोजित करती है. जैसलमेर जैसे सामरिक महत्व के स्थान पर बैठक करने से सीमावर्ती वास्तविकताओं को सीधे समझने का अवसर मिलता है.
- **संसाधनों के सदुपयोग पर जोर:** केवल रक्षा बजट बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उपलब्ध आर्थिक संसाधनों का सही दिशा में इस्तेमाल सुनिश्चित करना जरूरी होता है. सरकार का लक्ष्य प्राथमिक आवश्यकताओं की पहचान कर पूंजीगत खरीद को अधिक दक्ष बनाना है.

## सवाल-जवाब

### 1. जैसलमेर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता किसने की?
इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जिसमें रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य शामिल हुए.

### 2. इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य विषय क्या था?
बैठक का मुख्य विषय ‘भारतीय रक्षा बलों का आधुनिकीकरण’ था, जिसमें नई तकनीक और भविष्य के सुरक्षा परिदृश्यों पर चर्चा की गई.

### 3. बैठक में रक्षा बजट को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
रक्षा मंत्री ने कहा कि केवल बजट बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपलब्ध आर्थिक संसाधनों का प्राथमिक जरूरतों के अनुसार प्रभावी इस्तेमाल होना चाहिए.

### 4. रक्षा मंत्री ने जैसलमेर में अपने पहले दिन क्या गतिविधियां कीं?
सोमवार शाम उन्होंने जैसलमेर वॉर म्यूजियम में साउंड एंड लाइट शो देखा और इसके बाद समिति सदस्यों के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज में भाग लिया.

### 5. दौरे के दूसरे दिन रक्षा मंत्री से किन नेताओं ने मुलाकात की?
मंगलवार को भाजपा नेता कंवराज सिंह चौहान, दीप सिंह, जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी और विक्रम सिंह नाचना ने उनसे मुलाकात की.

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