# समुद्र में गहराया दबाव, चार राज्यों पर मूसलाधार आफत का साया

> बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तंत्र के चलते ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मूसलाधार बारिश का आपात संकेत जारी किया गया है। वहीं देश के सत्रह राज्यों में आंधी और बौछारों का नया दौर शुरू होने जा रहा है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/samudra-men-gaharaya-dabava-chara-rajyon-para-musaladhara-aphata-ka-saya-36798 · **Language:** Hindi
**Tags:** मौसम विभाग, मानसून, बारिश अलर्ट, बंगाल की खाड़ी, ओडिशा मौसम, रेड अलर्ट

दक्षिण-पश्चिम मानसून के विदाई काल में देश के मौसम तंत्र में अचानक बड़ा उथल-पुथल देखने को मिल रहा है। समुद्र की सतह पर सक्रिय एक नया विक्षोभ अब विकराल रूप धारण करने की कगार पर है, जिसके परिणामस्वरूप पूर्वी और मध्य भारत के तटीय तथा मैदानी भूभागों में अचानक भारी वर्षा की स्थिति पैदा हो गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर केंद्रित निम्न दबाव का क्षेत्र तेजी से संघनित हो रहा है, जिससे चार राज्यों पर आफत के बादल मंडरा रहे हैं।

## समुद्री तंत्र के गहरे दबाव में बदलने की संभावना
मौसम विश्लेषण से स्पष्ट संकेत मिले हैं कि समुद्र में बना यह चक्रवाती चक्र आगामी 48 घंटों में दो चरणों में मजबूत होगा। पहले चरण में यह साधारण डिप्रेशन का रूप लेगा और उसके उपरांत डीप डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा। यह तंत्र पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे खिसक रहा है। गणना के मुताबिक 23 सितंबर की सुबह तक इसके उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के समुद्री किनारों के अत्यंत समीप पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इसके तटवर्ती सीमा पर दस्तक देते ही तेज हवाओं का दौर आरंभ हो जाएगा, जिसकी रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच पहुंच सकती है।

## चार राज्यों में आपात चेतावनी, 17 राज्यों में प्रसार
इस मौसमी विक्षोभ की सीधी मार ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना पर पड़ने जा रही है। इन चारों राज्यों के विस्तृत इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा और कुछ स्थानों पर मूसलाधार जलजमाव होने की प्रबल आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट प्रभावी किया गया है। इसके अतिरिक्त, इस बड़े चक्रवाती घेरे के कारण करीब 17 राज्यों में मौसमी गतिविधियों में भारी फेरबदल दर्ज किया जाएगा। उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर तक बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। पहाड़ी प्रांतों में ढलानों के खिसकने यानी भूस्खलन का गंभीर संकट भी पैदा हो गया है, जबकि पूर्वोत्तर के इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने और गरज के साथ बौछारें पड़ने का खतरा मंडरा रहा है।

## राष्ट्रीय राजधानी में मौसम का मिजाज रहेगा शुष्क
एक तरफ जहां पूर्वी तट और मैदानी राज्य भीगेंगे, वहीं दिल्ली और एनसीआर के इलाके में हालात अपेक्षाकृत शांत रहने वाले हैं। 23 सितंबर को देश की राजधानी में दिनभर आसमान साफ रहेगा और किसी प्रकार की व्यापक वर्षा की संभावना नहीं जताई गई है। यहां का अधिकतम पारा 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमट सकता है। वायु प्रवाह की बात करें तो प्रातः काल में हवाएं दक्षिण-पश्चिम से 10 किलोमीटर प्रति घंटा की सुस्त चाल से बहेंगी। दोपहर में रुख बदलकर दक्षिण-पूर्व हो जाएगा और गति 15 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी, जबकि संध्याकाल और रात के पहर में यही दक्षिण-पूर्वी हवाएं 20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती हैं।

## उत्तर प्रदेश के जनपदों में बारिश का फैलाव
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में 23 सितंबर से बादलों का डेरा जमना तय है। बनारस, आजमगढ़, गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, बलिया, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, प्रयागराज, कौशांबी और भदोही जैसे जिलों में बौछारें दर्ज की जा सकती हैं। इसके उपरांत 24 से 27 सितंबर के मध्य वर्षा का यह दायरा पश्चिमी यूपी तक फैल जाएगा। पूर्वी अंचलों में 25 और 26 सितंबर को अधिकांश भूभाग तरबतर होंगे। 25 से 27 सितंबर के दौरान समूचे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी और आसमानी बिजली के साथ हवाओं के झोंके 40 से 50 किलोमीटर और चरम स्थिति में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकते हैं।

## बिहार और झारखंड में झमाझम बारिश और वज्रपात
बिहार में 23 सितंबर को बादलों का तीव्र जमावड़ा शुरू होगा, जो 27 सितंबर तक निरंतर सक्रिय बना रहेगा। राज्य में 24 और 25 सितंबर की अवधि में कुछ अंचलों में बहुत भारी वर्षा होने के संकेत हैं, जिसके बाद 26 और 27 तारीख को भी भारी झड़ी लगी रह सकती है। इस दौरान 25 से 27 सितंबर के बीच आंधी और तेज बवंडर के साथ बिजली चमकने का खतरा बना रहेगा। पड़ोसी राज्य झारखंड में भी 23 सितंबर से स्थितियां तेजी से बदलेंगी। राजधानी रांची के अतिरिक्त रामगढ़, बोकारो, धनबाद, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में तेज फुहारों से लेकर व्यापक वर्षा होगी। झारखंड में 24 सितंबर को अत्यंत भारी मेघगर्जन की संभावना है, जबकि 25 व 26 सितंबर को भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान वज्रपात और तेज हवाओं से सचेत रहने की जरूरत है।

## राजस्थान में शुष्क मौसम और मध्य प्रदेश में बादलों की वापसी
इसके ठीक विपरीत पश्चिमी भारत के राजस्थान में मानसून की वापसी का क्रम काफी तेज हो चुका है। 23 सितंबर के लिए जारी सात दिवसीय आकलन बताता है कि पूर्वी और पश्चिमी दोनों राजस्थान में मौसम पूरी तरह सूखा रहेगा। दक्षिण-पश्चिम मानसूनी हवाएं राज्य के कई क्षेत्रों से रुखसत हो रही हैं और अगले 48 घंटों में अन्य हिस्सों से भी इनके लौटने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार है। दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में 23 सितंबर से बादलों की सक्रियता में अचानक इजाफा होगा, जहां पूर्वी हिस्सों से शुरू होकर अनेक जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।

## इसका आप पर असर
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव और भारी बारिश के अलर्ट से आम नागरिकों की यात्रा, खेती और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ेगा।

- **तटीय और मध्य राज्यों में:** ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का गंभीर जोखिम पैदा हो गया है। स्थानीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आवश्यक न होने पर तटीय क्षेत्रों या जलमग्न सड़कों की ओर यात्रा करने से बचें।
- **किसानों पर असर:** पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में तेज हवाओं और पानी के भराव से पकी या कटाई के मुहाने पर खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। किसान खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी के उचित प्रबंध समय रहते पूरा कर लें।
- **बिजली और आंधी से सुरक्षा:** 25 से 27 सितंबर के बीच 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले झक्कड़ों के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न खड़े हों। आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के चलते ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग वज्रपात के समय पक्के मकानों में शरण लें।
- **पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन:** भूस्खलन की चेतावनियों के मद्देनजर पूर्वोत्तर तथा पहाड़ी राज्यों के प्रमुख राजमार्गों पर आवागमन बाधित हो सकता है। यात्री और वाहन चालक पहाड़ी ढलानों पर यात्रा करने से पहले स्थानीय यातायात पुलिस के मार्ग परामर्श की जांच अवश्य करें।
- **पश्चिमी भारत में सूखा:** राजस्थान और उससे सटे इलाकों में शुष्क मौसम और धूप रहने से उमस बढ़ सकती है। वहां के निवासी मौसमी बदलाव के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतें और पर्याप्त जल ग्रहण करें।

## ऐसा क्यों हुआ
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी भाग में समुद्र की सतह का तापमान और मौसमी परिस्थितियां अनुकूल होने के कारण निम्न दबाव का क्षेत्र तेजी से संघनित हुआ है। हवा के दबाव में आई इस तीव्र गिरावट के चलते समुद्री तंत्र चक्रवाती दबाव और फिर डीप डिप्रेशन में तब्दील हो रहा है।

- **वायुमंडलीय दबाव में गिरावट:** समुद्र के ऊपर गर्म और नम हवाएं तेजी से ऊपर उठी हैं, जिससे उत्तर-पश्चिम खाड़ी में निम्न दबाव का एक सघन केंद्र बन गया। वायुमंडलीय गतिशीलता अनुकूल होने के कारण यह डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन के रूप में मजबूत होता चला गया।
- **पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में विस्थापन:** मानसूनी हवाओं के अंतिम प्रवाह के कारण यह तंत्र पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। तटवर्ती स्थलीय सीमाओं से टकराने की प्रक्रिया में यह भारी मात्रा में नमी खींचकर तटीय राज्यों पर गिरा रहा है।
- **विदाई काल का विरोधाभास:** देश के पश्चिमी छोर से जहां मानसून वापसी की रेखाएं खींच रहा है, वहीं पूर्वी तट पर चक्रवाती हलचलें बढ़ रही हैं। मानसून के अंतिम चरण में समुद्र में इस तरह के मौसमी तंत्रों का तटों पर टकराना अक्सर तेज बारिश और तूफानी हवाओं का कारण बनता है।

## सवाल-जवाब

### 1. बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तंत्र किन राज्यों को सबसे अधिक प्रभावित करेगा?
इस मौसम तंत्र की मुख्य मार ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना पर पड़ेगी, जहां भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट लागू है।

### 2. यह मौसमी दबाव कब तक तटों के निकट पहुंचेगा?
मौसम विज्ञानियों के आकलन के अनुसार यह सिस्टम 23 सितंबर की सुबह तक उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों के करीब पहुंच जाएगा।

### 3. इस दौरान हवाओं की रफ्तार कितनी रहने का अनुमान है?
तटीय इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं।

### 4. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मौसम का क्या पूर्वानुमान है?
दिल्ली में 23 सितंबर को मौसम मुख्य रूप से शुष्क और साफ रहेगा, जहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।

### 5. उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश का दौर कब तक चलेगा?
उत्तर प्रदेश में 23 से 27 सितंबर तक और बिहार में 23 से 27 सितंबर के बीच अलग-अलग जिलों में मध्यम से भारी बारिश और आंधी-तूफान के सक्रिय रहने का अनुमान है।

### 6. राजस्थान में बारिश की क्या स्थिति रहेगी?
राजस्थान में बारिश की संभावना न के बराबर है और दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया तेज होने से मौसम पूरी तरह सूखा रहेगा।

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