सांस्कृतिक आदान-प्रदान: IIT जोधपुर ने युवा संगम फेज-7 के तहत राजस्थान के 50 युवाओं को सिक्किम भेजा IIT जोधपुर ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' पहल के तहत राजस्थान के 50 युवाओं के एक दल को सिक्किम की सांस्कृतिक यात्रा पर रवाना किया है। IIT जोधपुर से राजस्थान के 50 युवाओं का एक प्रतिनिधिमंडल सिक्किम की सांस्कृतिक यात्रा पर रवाना हुआ है। 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' पहल के अंतर्गत आयोजित युवा संगम फेज-7 के इस विशेष दौरे को 8 अक्टूबर 2026 को एक आधिकारिक समारोह में हरी झंडी दिखाई गई। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और लोक परंपराओं को बढ़ावा देना है। यात्रा का भव्य शुभारंभ इस दल में राजस्थान के अलग-अलग जिलों से चुने गए 50 युवा शामिल हैं। इस यात्रा के दौरान उनके मार्गदर्शन और सहायता के लिए पांच अधिकारी भी उनके साथ सिक्किम जा रहे हैं। IIT जोधपुर के उप निदेशक प्रोफेसर भबानी के. सतपथी और विद्यार्थी अधिष्ठाता डॉ. राजलक्ष्मी चौहान ने इस प्रतिनिधिमंडल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। युवा संगम का मुख्य उद्देश्य इस यात्रा का मुख्य लक्ष्य देश के युवाओं को भारत की अनूठी सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं और विकास की यात्रा से रूबरू कराना है, जिससे राष्ट्रीय एकता और संप्रभुता की भावना को और अधिक बल मिल सके। सिक्किम में अपने प्रवास के दौरान, यह प्रतिनिधिमंडल वहां के स्थानीय लोगों से मुलाकात करेगा और उनकी संस्कृति, दैनिक जीवन, तकनीकी विकास, पर्यटन और विकासात्मक गतिविधियों का गहराई से अध्ययन करेगा। सांस्कृतिक विरासत का आदान-प्रदान यह कार्यक्रम दोनों राज्यों के बीच एक सेतु की तरह काम कर रहा है। जहां एक ओर राजस्थान के युवा पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम की खूबियों को समझेंगे, वहीं दूसरी ओर वे राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, पारंपरिक खान-पान और अनूठे रीति-रिवाजों को वहां के लोगों के साथ साझा करेंगे। युवा संगम की यह अनूठी पहल राजस्थान और सिक्किम के युवाओं के बीच आपसी संवाद, सहयोग और मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। इसका आप पर असर यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान सरकारी पहलों के तहत युवाओं को दूसरे राज्यों की संस्कृति को करीब से जानने और उनसे जुड़ने का बेहतरीन अवसर प्रदान करता है। • देशभर में: युवा संगम कार्यक्रम छात्रों को विभिन्न संस्कृतियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराने का अवसर देकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। इससे भारत के भावी नागरिकों के बीच दोस्ती और आपसी समझ का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होता है। • राजस्थान और सिक्किम में: इन दोनों राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे के सामने अपनी स्थानीय विरासत और व्यंजनों को प्रदर्शित करने का अनूठा मंच मिलता है। इस सीधे संवाद से दोनों राज्यों के बीच पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और पश्चिमी व पूर्वोत्तर भारत के बीच सांस्कृतिक संबंध गहरे होंगे। सवाल-जवाब 1. सिक्किम जाने वाले इस प्रतिनिधिमंडल को किस संस्थान ने रवाना किया? इस प्रतिनिधिमंडल को IIT जोधपुर द्वारा रवाना किया गया है। 2. यह यात्रा किस सरकारी पहल के तहत आयोजित की जा रही है? यह यात्रा केंद्र सरकार की 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' पहल के अंतर्गत युवा संगम फेज-7 के तहत आयोजित की जा रही है। 3. इस डेलिगेशन में राजस्थान से कितने सदस्य शामिल हैं? इस डेलिगेशन में राजस्थान के विभिन्न जिलों से 50 युवा सदस्य और उनके साथ 5 अधिकारी शामिल हैं। 4. इस प्रतिनिधिमंडल को रवाना करने वाले मुख्य अधिकारी कौन थे? इन्हें IIT जोधपुर के उप निदेशक प्रोफेसर भबानी के. सतपथी और विद्यार्थी अधिष्ठाता डॉ. राजलक्ष्मी चौहान ने रवाना किया। प्रेरणा और सबक यह यात्रा व्यक्तिगत विकास में यात्रा करने और नई संस्कृतियों को जानने की जिज्ञासा के महत्व को दर्शाती है। • दृष्टिकोण का विस्तार: अपने आरामदेह दायरे से बाहर निकलकर दूरदराज के क्षेत्रों का दौरा करने से सहानुभूति की भावना बढ़ती है और जीवन के प्रति नजरिया व्यापक होता है। • अपनी विरासत पर गर्व: अपने गृह राज्य का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है और यह स्थानीय परंपराओं को संजोने व उन्हें साझा करने का मूल्य सिखाता है। • आपसी संबंध बनाना: विविध समुदायों के बीच रूढ़िवादिता को दूर करने और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए युवाओं के बीच सीधा संवाद सबसे प्रभावी तरीका है। https://trendkia.com/rajasthan/sanskritika-adana-pradana-iit-jodhpur-ne-yuva-sngama-pheja-7-ke-tahata-rajasthan-ke-50-yuvaon-ko-sikkim-bheja-45208 TrendKia — Har trend, sabse pehle.