सरदारगढ़ में दलपत सिंह की चाकू घोंपकर जान लेने वाला राजू सिंह महाराष्ट्र से गिरफ्तार, ईको वैन जब्त राजसमंद जिले के सरदारगढ़ में पुरानी रंजिश के चलते दलपत सिंह की चाकू से हत्या करने वाले मुख्य आरोपी राजू सिंह को आमेट पुलिस ने वारदात के पांच दिन बाद महाराष्ट्र से दबोच लिया है. राजसमंद जिले के सरदारगढ़ इलाके में हुए चर्चित दलपत सिंह हत्याकांड में आमेट थाना पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. वारदात के बाद से लगातार फरार चल रहे मुख्य आरोपी राजू सिंह को पुलिस टीमों ने तकनीकी निगरानी के आधार पर महाराष्ट्र से धर दबोचा. यह गिरफ्तारी घटना के ठीक पांच दिन बाद संभव हो सकी है. पुलिस की प्राथमिक जांच से स्पष्ट हुआ है कि दोनों पक्षों के बीच काफी समय से आपसी विवाद और पुरानी रंजिश चली आ रही थी, जिसके खूनी मोड़ लेने से दलपत सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी गई. वारदात को अंजाम देकर राज्य से बाहर भागा था आरोपी शुरुआती पड़ताल के अनुसार, आरोपी राजू सिंह ने पुरानी रंजिश के चलते दलपत सिंह पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए थे. इस जानलेवा हमले में दलपत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई. खूनी खेल को अंजाम देने के तुरंत बाद राजू सिंह मौके से फरार हो गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए आमेट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की और आरोपी की संभावित पनाहगाहों का पता लगाने के लिए कई विशेष टीमें गठित कीं. पुलिस दल लगातार अलग-अलग संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रहे थे ताकि आरोपी को शिकंजे में लिया जा सके. सीसीटीवी और साइबर सेल की निगरानी से मिली लोकेशन आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस टीमों ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. इसके साथ ही साइबर सेल की सहायता से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और तकनीकी निगरानी शुरू की गई. इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए पुलिस को सुराग मिला कि आरोपी राजस्थान की सीमा पार कर पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में छिपा हुआ है. पुख्ता सूचना मिलते ही आमेट पुलिस की एक विशेष टीम महाराष्ट्र रवाना हुई, जहां सुनियोजित घेराबंदी करते हुए वारदात के पांचवें दिन मुख्य आरोपी राजू सिंह को हिरासत में ले लिया गया. महाराष्ट्र नंबर की ईको वैन जब्त, मददगारों की हो रही तलाश कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से महाराष्ट्र रजिस्ट्रेशन नंबर वाली एक ईको वैन भी जब्त की है. माना जा रहा है कि दलपत सिंह पर हमला करने के बाद आरोपी इसी चारपहिया वाहन की मदद से राजस्थान की सीमा से बाहर भागा था. अब पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि राजू सिंह को राजस्थान से सुरक्षित निकालने और महाराष्ट्र में छिपने की जगह मुहैया कराने में किन लोगों की भूमिका रही है. इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू की बरामदगी और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर आमेट पुलिस आरोपी से सघन पूछताछ कर रही है. इसका आप पर असर इस गिरफ्तारी से सरदारगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में हत्या के बाद फैले तनाव और भय के माहौल में कमी आई है. • राजसमंद में: मुख्य आरोपी के पकड़े जाने से सरदारगढ़ क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल करने में मदद मिलेगी. स्थानीय निवासी अब राहत महसूस कर रहे हैं क्योंकि फरार हमलावर पांच दिनों के भीतर पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है. • पूरे राजस्थान में: अंतरराज्यीय समन्वय और साइबर सर्विलांस के जरिए अपराधियों के राज्य से बाहर भागने के बावजूद पकड़े जाने की व्यवस्था पुख्ता हुई है. सीमा पार भागकर पनाह लेने की कोशिश करने वाले आरोपियों के लिए यह त्वरित पुलिस कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है. • सुरक्षा और न्याय: पीड़ित परिवार को मामले में कानूनी प्रक्रिया और न्याय की उम्मीद बंधी है. पुलिस अब आरोपी से हथियार बरामदगी और उसके अन्य मददगारों पर कानूनी शिकंजा कसने की दिशा में आगे बढ़ रही है. • वाहन जांच और शरण: अपराधियों को भगाने में इस्तेमाल वाहनों और शरण देने वाले मददगारों पर कानूनी निगरानी कड़ी की जाएगी. इस कार्रवाई से आपराधिक गतिविधियों में सहयोग करने वालों के खिलाफ भी सख्त रुख सामने आएगा. ऐसा क्यों हुआ यह खूनी वारदात दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चली आ रही आपसी रंजिश के चलते अंजाम दी गई, जिसने उग्र रूप लेकर जानलेवा हमले का रूप ले लिया. • आपसी पुरानी रंजिश: प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि दलपत सिंह और राजू सिंह के बीच काफी समय से पुराना विवाद चल रहा था. इसी रंजिश के कारण आरोपी ने मौका पाकर चाकू से घातक वार कर हत्या की योजना को अंजाम दिया. • योजनाबद्ध तरीके से भागने की तैयारी: आरोपी ने वारदात के तुरंत बाद राज्य से बाहर निकलने के लिए महाराष्ट्र नंबर की ईको वैन का इंतजाम कर रखा था. इसी पूर्व-नियोजित आवाजाही के चलते वह अपराध करने के तुरंत बाद तेजी से सीमा पार कर महाराष्ट्र पहुंच सका. • जांच में बाकी कड़ियों की पड़ताल: पुलिस अभी इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि झगड़े का तात्कालिक कारण क्या था और किस-किसने आरोपी को पनाह दी. वारदात में इस्तेमाल चाकू की बरामदगी और मददगारों की पहचान के बाद विवाद के हर पहलू की पूरी सच्चाई सामने आएगी. सवाल-जवाब 1. सरदारगढ़ में किसकी हत्या हुई थी? सरदारगढ़ में दलपत सिंह की चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. 2. हत्या का मुख्य आरोपी कौन है और उसे कहां से पकड़ा गया? मुख्य आरोपी का नाम राजू सिंह है, जिसे आमेट पुलिस ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है. 3. वारदात के कितने दिन बाद आरोपी की गिरफ्तारी हुई? घटना के ठीक पांच दिन बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई. 4. हत्या के पीछे मुख्य वजह क्या सामने आई है? पुलिस की शुरुआती पूछताछ के अनुसार दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रही पुरानी रंजिश इस हत्या की वजह बनी. 5. पुलिस ने आरोपी के पास से कौन सा वाहन बरामद किया है? पुलिस ने आरोपी राजू सिंह के कब्जे से एक महाराष्ट्र नंबर की ईको वैन जब्त की है. 6. पुलिस आरोपी तक कैसे पहुंची? पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और साइबर सेल व तकनीकी निगरानी की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की. https://trendkia.com/rajasthan/saradaragarha-men-dalpat-singh-ki-chaku-ghonpakara-jana-lene-vala-raju-singh-maharashtra-se-giraphtara-eeco-vaina-jabta-54029 TrendKia — Har trend, sabse pehle.