सर्दी के मौसम में पशुओं की सेहत का रखें खास ख्याल, खुराक और पानी देने के तरीके में करें बदलाव सर्दियों की शुरुआत के साथ ही पशुओं को तापमान बनाए रखने के लिए ज्यादा ऊर्जा की आवश्यकता होती है। उनके चारे, दाने और पानी के सही संतुलन से दूध उत्पादन और स्वास्थ्य को बेहतर रखा जा सकता है। सर्दियों का मौसम दस्तक देते ही पशुओं के शारीरिक तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता पड़ने लगती है। इस दौरान उनके दैनिक आहार में ऊर्जा से भरपूर दाने और उपलब्ध चारे के अनुपात पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। आहार में किसी भी प्रकार का बदलाव एक साथ करने के बजाय बेहद धीरे-धीरे किया जाना चाहिए, ताकि उनके पाचन तंत्र पर किसी तरह का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। हरे और सूखे चारे का उचित संतुलन पशुओं के खानपान में केवल एक ही तरह के चारे पर पूरी तरह निर्भर रहने से बचना चाहिए, बल्कि हरा चारा और सूखा चारा दोनों का सही मिश्रण देना जरूरी है। हरा चारा उनके शरीर को जरूरी पोषक तत्व मुहैया कराता है, जबकि सूखा चारा आहार में फाइबर की कमी को पूरा करता है। मौसम की उपलब्धता के अनुसार इन दोनों चारों को संतुलित मात्रा में देने से पशुओं की ओवरऑल हेल्थ और पाचन क्रिया दोनों को दुरुस्त रखने में मदद मिलती है। दूध देने वाले पशुओं के लिए पोषण का महत्व दुधारू पशुओं के लिए केवल पेट भरना ही काफी नहीं होता है, बल्कि उनके भोजन में प्रोटीन, खनिज मिश्रण और नमक जैसे आवश्यक पोषक तत्व भी पर्याप्त मात्रा में होने चाहिए। पशु की उम्र, उसके शारीरिक वजन, दूध देने की क्षमता और स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही उसका आहार तैयार किया जाना चाहिए। किसी भी तरह की दुविधा होने पर पशु चिकित्सक या फिर पशुपालन विशेषज्ञ से राय लेना हमेशा फायदेमंद साबित होता है। सर्दियों में पानी की अहमियत और प्रबंधन ठंड के दिनों में अक्सर पशुओं को कम प्यास लगती है और वे पानी कम पीते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उनके शरीर को पानी की कम जरूरत होती है। शरीर में पानी की कमी होने पर उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ दूध के उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए पशुओं के लिए साफ पानी की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। बहुत ज्यादा ठंडे पानी के बजाय सामान्य तापमान पर रखा हुआ पानी पिलाना पशुओं के लिए ज्यादा आरामदायक होता है। आहार में बदलाव और आरामदायक वातावरण सर्दियों के मौसम में दुधारू पशुओं के खानपान पर विशेष रूप से फोकस करना आवश्यक है। अचानक से भारी मात्रा में दाना या कोई नया आहार शुरू करने से बचना चाहिए, बल्कि इसकी मात्रा को क्रमिक रूप से बढ़ाना चाहिए और पशु के स्वास्थ्य तथा दूध देने के पैटर्न पर लगातार नजर रखनी चाहिए। संतुलित आहार के अलावा पशुओं को सर्द हवाओं और सीलन से सुरक्षित रखने के इंतजाम करना भी जरूरी है, क्योंकि एक आरामदायक माहौल भी पशुओं की सही देखभाल का एक अहम पहलू है। इसका आप पर असर सर्दियों के दौरान पशुओं के खानपान और देखभाल में किए गए बदलावों का सीधा असर उनके दूध उत्पादन और पशुपालकों की आय पर पड़ता है। • भारत में: देश भर के पशुपालकों को सर्दियों के महीनों में अपने मवेशियों की खुराक में ऊर्जावान दाने और चारे का संतुलन समय पर बदल देना चाहिए। इससे ठंड के मौसम में पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहती है। • ग्रामीण क्षेत्रों में: ग्रामीण इलाकों में किसानों और पशुपालकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मवेशियों को ठंडी हवा और नमी से पूरी तरह बचाया जाए। सही पोषण और गुनगुना पानी मिलने से दूध की मात्रा में गिरावट नहीं आती है और पशु स्वस्थ रहते हैं। ऐसा क्यों हुआ सर्दियों के मौसम में तापमान में गिरावट आने के कारण पशुओं के शरीर को खुद को गर्म रखने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह जैविक प्रक्रिया उनके चारे की खपत और पाचन तंत्र के कामकाज को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। • शरीर का तापमान नियंत्रण: ठंड बढ़ने पर मवेशियों का शरीर सामान्य से अधिक ऊर्जा खर्च करके अपनी आंतरिक उष्णता बनाए रखता है, जिसके लिए उन्हें ऊर्जावान दाने की जरूरत होती है। • फाइबर और पोषण की मांग: शरीर की आंतरिक प्रणालियों को ठीक रखने के लिए हरे और सूखे चारे का सही अनुपात आवश्यक हो जाता है ताकि पाचन संबंधी समस्याएं पैदा न हों। • पानी की खपत में कमी: कम तापमान के कारण पशु स्वाभाविक रूप से पानी कम पीते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ता है और दूध उत्पादन पर विपरीत असर पड़ता है। • वातावरण का प्रभाव: ठंडी हवा और नमी सीधे तौर पर पशु के स्वास्थ्य को कमजोर करती है, जिससे उनकी ऊर्जा का उपयोग तापमान से लड़ने में खर्च होने लगता है। सवाल-जवाब 1. सर्दियों में पशुओं के आहार में किस प्रकार का बदलाव करना चाहिए? सर्दी शुरू होते ही पशुओं के आहार में ऊर्जा देने वाले दाने और चारे की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए तथा बदलाव अचानक करने के बजाय धीरे-धीरे करना चाहिए। 2. पशुओं के चारे में हरे और सूखे चारे का संतुलन क्यों जरूरी है? हरा चारा पशुओं को जरूरी पोषक तत्व देता है जबकि सूखा चारा उनके आहार में फाइबर की जरूरत को पूरी करता है। 3. दूध देने वाले पशुओं के आहार में किन तत्वों का होना आवश्यक है? दूध देने वाले पशुओं के भोजन में प्रोटीन, खनिज मिश्रण और नमक जैसी चीजें उचित मात्रा में होनी चाहिए। 4. सर्दियों में पशुओं को कैसा पानी पिलाना चाहिए? पशुओं को बहुत ठंडे पानी के बजाय सामान्य तापमान का पानी देना चाहिए क्योंकि ठंड में वे पानी कम पीते हैं। 5. आहार के अलावा सर्दियों में पशुओं की देखभाल के लिए क्या जरूरी है? आहार के साथ-साथ पशुओं को ठंडी हवा और नमी से बचाकर एक आरामदायक वातावरण देना भी बेहद अहम हिस्सा है। https://trendkia.com/rajasthan/sardiyon-ke-mausama-men-pashuon-ki-sehata-ka-rakhen-khasa-khyala-khuraka-aura-pani-dene-ke-tarike-men-karen-badalava-49831 TrendKia — Har trend, sabse pehle.