# सर्दियों में क्यों बढ़ जाती है आंवले की मांग, जालोर की संतोष देवी से जानिए मुरब्बा बनाने का तरीका

> सर्दियों की शुरुआत के साथ ही जालोर में आंवले की मांग में तेजी आ गई है। स्थानीय निवासी संतोष देवी ने घर पर आसानी से आंवला मुरब्बा बनाने की विधि साझा की है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/sardiyon-men-kyon-barha-jati-hai-anvale-ki-manga-jalore-ki-santosh-devi-se-janie-murabba-banane-ka-tarika-50547 · **Language:** Hindi
**Tags:** आंवला, सर्दियों के स्वास्थ्य लाभ, आंवला मुरब्बा, संतोष देवी, जालोर, आयुर्वेदिक टिप्स, घरेलू नुस्खे

सर्दियों का मौसम आते ही सेहत के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाने वाले आंवले की पूछपरख बाजारों में काफी बढ़ जाती है। जालोर की सब्जी मंडी में इन दिनों ताजा आंवले की बंपर आवक हो रही है और लोग इसे बड़े चाव से खरीद रहे हैं। विटामिन-सी और तमाम तरह के एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर इस फल को कच्चा खाने के अलावा इसके कई तरह के व्यंजन भी तैयार किए जाते हैं। पारंपरिक खानपान और आयुर्वेद में आंवले को हमेशा से ही एक बेहद गुणकारी फल माना गया है, जो स्वाद के साथ सेहत को भी दुरुस्त रखता है।

स्थानीय बाजारों में इस समय ताजे आंवले आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं, जिसके कारण लोग अपने घरों में इसका विभिन्न रूपों में उपयोग कर रहे हैं। विशेषकर जालोर के परिवारों में सर्दियों के दौरान आंवले का मुरब्बा खाने का चलन काफी पुराना और लोकप्रिय है। इस ठंडे मौसम में गर्माहट और ऊर्जा बनाए रखने के लिए लोग इस पारंपरिक नुस्खे को आजमाना पसंद करते हैं।

## घर पर कैसे तैयार करें आंवले का मुरब्बा
घर पर आंवले का मुरब्बा बनाने की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए स्थानीय निवासी संतोष देवी ने इसकी आसान विधि साझा की है। उनका कहना है कि वे हर साल सर्दियों के सीजन में अपने घर पर खुद ही आंवले का मुरब्बा तैयार करती हैं। इस पारंपरिक विधि की शुरुआत आंवलों को उबालकर नरम करने से होती है। इसके बाद चीनी की चाशनी तैयार की जाती है और उबले हुए आंवलों को उस चाशनी में डालकर धीमी आंच पर अच्छी तरह पकाया जाता है।

इस प्रक्रिया के दौरान स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए इसमें इलायची और थोड़ी मात्रा में केसर भी मिलाया जाता है। जब यह मिश्रण पककर पूरी तरह ठंडा हो जाता है, तब इसे किसी साफ कांच के जार में भरकर सुरक्षित रख लिया जाता है। संतोष देवी के अनुसार, नियमित रूप से इसका सेवन करने से आंखों की रोशनी मजबूत होती है और सर्दियों में अक्सर होने वाली पैरों की ऐंठन या दर्द से भी काफी राहत मिलती है।

## आंवले के अन्य उपयोग और आयुर्वेदिक महत्व
आंवले का उपयोग केवल मुरब्बा बनाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लोग इसे अपनी पसंद के अनुसार अचार, जूस और कई अन्य खाद्य पदार्थों के रूप में भी डाइट में शामिल करते हैं। आयुर्वेद में भी इसके अनेक स्वास्थ्यवर्धक गुणों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। इसमें मौजूद पोषक तत्व और प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट्स इसे शरीर के लिए बेहद खास बनाते हैं।

आयुर्वेदिक डॉक्टर अश्विन रोहिल्ला के मुताबिक, आंवला अपने अनूठे एंटी-कैंसर और एंटी-एजिंग गुणों के लिए भी जाना-पहचाना जाता है। इसे मुरब्बे, अचार या ताजे जूस के रूप में किसी भी रूप में खाया जा सकता है। आयुर्वेद में इसके चिकित्सीय उपयोगों की लंबी परंपरा रही है। डॉक्टर का कहना है कि आंवले की खूबियों को लेकर कई वैज्ञानिक शोध भी सामने आ चुके हैं, जो इसकी उपयोगिता की पुष्टि करते हैं। जालोर में सर्दियों के दिनों में यह आसानी से मिल जाता है, इसलिए लोग अपनी सुविधा के अनुसार इसे अपने दैनिक खानपान का हिस्सा बना रहे हैं।

## इसका आप पर असर
सर्दियों के मौसम में आंवले का सेवन करने से आम लोगों को मौसमी बीमारियों से लड़ने और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में सीधी मदद मिलती है।

- **भारत में:** देश भर के आम उपभोक्ता सर्दियों के सीजन में आसानी से मिलने वाले ताजे आंवलों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इससे विटामिन-सी की दैनिक जरूरत पूरी होती है और पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है।
- **जालोर में:** जालोर के स्थानीय निवासी इस समय स्थानीय सब्जी मंडी से ताजा आंवला खरीदकर घर पर ही पारंपरिक मुरब्बा और अचार तैयार कर सकते हैं। इससे उन्हें सर्दियों के दौरान आंखों की रोशनी बेहतर रखने और जोड़ों या पैरों के दर्द से राहत पाने में मदद मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
सर्दियों के महीनों में आंवले की बंपर पैदावार और मांग बढ़ने के पीछे इसकी मौसमी उपलब्धता और पारंपरिक खानपान की आदतें मुख्य वजह हैं। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही इसके औषधीय गुणों की पुष्टि करते हैं।

- **मौसमी उपलब्धता:** सर्दियों के मौसम में ताजा आंवला स्थानीय बाजारों में प्रचुर मात्रा में मिलने लगता है, जिससे लोग इसे आसानी से खरीद पाते हैं।
- **पारंपरिक उपयोग:** सर्दियों में शरीर को गर्म रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पारंपरिक रूप से मुरब्बा और अचार बनाने का चलन रहा है।
- **वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक समर्थन:** आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी, एंटीऑक्सिडेंट्स, एंटी-कैंसर और एंटी-एजिंग गुण पाए जाते हैं, जिन्हें कई रिसर्च में फायदेमंद बताया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. सर्दियों में जालोर की मंडी में क्या आसानी से मिल रहा है?
सर्दियों की शुरुआत के साथ ही जालोर की सब्जी मंडी में ताजा आंवला आसानी से मिल रहा है।

### 2. संतोष देवी घर पर आंवले का मुरब्बा कैसे तैयार करती हैं?
संतोष देवी सबसे पहले आंवलों को उबालती हैं, फिर चीनी की चाशनी में उन्हें धीमी आंच पर पकाती हैं और उसमें इलायची व केसर मिलाती हैं।

### 3. आंवले का मुरब्बा खाने से सेहत को क्या फायदे मिलते हैं?
संतोष देवी के अनुसार, इसका सेवन करने से आंखों की रोशनी अच्छी रहती है और पैरों के दर्द से राहत मिलती है।

### 4. आंवले के मुरब्बे को लंबे समय तक कैसे सुरक्षित रखा जाता है?
पकाने और ठंडा होने के बाद आंवले के मुरब्बे को कांच के जार में भरकर रखा जाता है।

### 5. डॉक्टर अश्विन रोहिल्ला के अनुसार आंवले में कौन से प्रमुख गुण होते हैं?
डॉक्टर अश्विन रोहिल्ला के अनुसार आंवला अपने एंटी-कैंसर और एंटी-एजिंग गुणों के लिए जाना जाता है।

### 6. आंवले को डाइट में किन रूपों में शामिल किया जा सकता है?
आंवले को मुरब्बा, अचार, जूस या अन्य खाद्य पदार्थों के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है।

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