# सस्ते कबाड़ के झांसे में 9 लाख की डकैती, 12 जिलों में 1300 किमी पीछा कर दबोचे गए 7 बदमाश

> राजस्थान के राजसमंद में सस्ते स्क्रैप का लालच देकर 9 लाख रुपये लूटने वाले गिरोह के सात सदस्यों को पुलिस ने 1300 किलोमीटर पीछा करने और 10 से 12 जिलों में छापेमारी के बाद धर दबोचा.

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/saste-kabara-ke-jhanse-men-9-lakha-ki-dakaiti-12-jilon-men-1300-kimi-pichha-kara-daboche-gae-7-badamasha-40357 · **Language:** Hindi
**Tags:** राजसमंद, डकैती, भीम पुलिस, राजस्थान क्राइम, क्राइम न्यूज, गिरफ्तारी

राजस्थान के राजसमंद जिले में सस्ते स्क्रैप का लालच देकर वाहन चालकों और व्यापारियों को सुनसान इलाके में बुलाकर लूटने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. भीम थाना पुलिस ने इस डकैती कांड की गुत्थी सुलझाते हुए गिरोह के सात सदस्यों को बापर्दा गिरफ्तार कर लिया है. इस गिरोह ने सस्ते दाम में कबाड़ बेचने का झांसा देकर एक ट्रक को बुलाया था और फिर चालक व व्यापारी के साथ मारपीट कर लगभग 9 लाख रुपये की डकैती की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे. बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए पुलिस दल को एक हजार तीन सौ किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ा और कई जिलों में लगातार छापेमारी करनी पड़ी.

## सस्ते स्क्रैप का जाल बिछाकर सुनसान जगह बुलाते थे आरोपी
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद सुनियोजित और खतरनाक था. गिरोह के सदस्य व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को बाजार से काफी कम कीमत पर स्क्रैप उपलब्ध कराने का लालच देते थे. जब कोई ग्राहक इनके झांसे में आ जाता, तो उसे माल लोड करने के बहाने किसी सुनसान और निर्जन स्थान पर ट्रक या अन्य वाहन लेकर बुलाया जाता था. जैसे ही पीड़ित तय स्थान पर पहुंचते, घात लगाकर बैठे बदमाश उन पर अचानक हमला कर देते थे. पीड़ितों के साथ बेरहमी से मारपीट की जाती थी और उनके पास मौजूद पूरी नकदी, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान छीनकर बदमाश मौके से भाग निकलते थे. भीम थाना क्षेत्र में भी बदमाशों ने इसी कार्यप्रणाली का इस्तेमाल करते हुए करीब 9 लाख रुपये की डकैती डाली थी.

## 300 कैमरों की फुटेज खंगाली और 10 से 12 जिलों में दी दबिश
डकैती की इस गंभीर वारदात के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और फरार बदमाशों की धरपकड़ के लिए सघन अभियान शुरू किया गया. आरोपियों की पहचान सुनिश्चित करने और उनके भागने की दिशा का सटीक पता लगाने के लिए जांच टीम ने रास्तों पर लगे 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से जांची. अलग-अलग चौराहों और टोल प्लाजा के कैमरों की कड़ियों को आपस में जोड़कर पुलिस ने बदमाशों की हर हलचल का नक्शा तैयार किया. इसके बाद पुलिस टीम ने लगभग 1300 किलोमीटर तक लगातार आरोपियों का पीछा किया. जांच के दौरान टीम ने 10 से 12 जिलों में स्थित संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी. इसी अथक खोजबीन के बाद आखिरकार सातों आरोपियों को घेरकर पकड़ने में सफलता मिली.

## थानाधिकारी दिलीप खदाव के नेतृत्व में गठित विशेष टीम की कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए भीम थानाधिकारी दिलीप खदाव के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था. इस टीम ने वारदात के दिन से ही लगातार तकनीकी साक्ष्य और जमीनी खुफिया सूचनाएं जुटाने पर काम किया. अलग-अलग जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के बीच छापेमारी करते हुए टीम ने गिरोह के संभावित ठिकानों पर नजर रखी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी सातों आरोपियों को फिलहाल बापर्दा रखा गया है ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत उनकी शिनाख्त परेड कराई जा सके.

## हत्या, अपहरण और डकैती के कई मुकदमों में वांछित हैं आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुंडली खंगालने पर उनके बेहद संगीन आपराधिक अतीत की जानकारी सामने आई है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ विभिन्न थानों में हत्या, जानलेवा हमला यानी हत्या के प्रयास, फिरौती के लिए अपहरण, लूट, नकबजनी और चोरी के कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं. इस आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए अंदेशा जताया जा रहा है कि यह अंतरजिला गिरोह लंबे समय से इस तरह के हथकंडे अपनाकर कई राज्यों या जिलों में वारदातों को अंजाम दे रहा था. पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य फरार साथियों और पूर्व में की गई अन्य अनसुलझी वारदातों का पूरा ब्योरा हासिल किया जा सके.

## इसका आप पर असर
व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम जनता के लिए यह मामला वित्तीय व व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ा एक अहम सबक है.

- **भारत में:** अनजान लोगों से फोन या ऑनलाइन माध्यम पर बाजार से काफी सस्ते माल या स्क्रैप के सौदे स्वीकार करने से बचें. नकदी लेकर किसी भी अनजान या सुनसान जगह पर जाने से पहले विक्रेता की पहचान और उसके गोदाम या प्रतिष्ठान की भौतिक पुष्टि अवश्य करें.
- **राजसमंद में:** राष्ट्रीय राजमार्गों और सुनसान बाईपास इलाकों में ट्रक चालकों को संदिग्ध डील्स के लिए अकेले जाने से बचना चाहिए. किसी भी संदिग्ध कॉल या अनजानी लोकेशन मिलने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें.
- **परिवहन व्यवसायियों के लिए:** ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों को अपने ड्राइवरों को निर्देश देना चाहिए कि वे बिना आधिकारिक बिल्टी या सत्यापित पते के केवल फोन कॉल पर माल उठाने सुनसान इलाकों में न जाएं. संदिग्ध परिस्थितियों में स्थानीय ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन या पुलिस से सत्यापन कराना ही सुरक्षित विकल्प है.
- **नागरिक सुरक्षा:** यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति सस्ते सामान का प्रलोभन देकर तत्काल नकद भुगतान की मांग करता है, तो यह सुनियोजित धोखाधड़ी हो सकती है. ऐसे सौदों से दूर रहकर बड़े वित्तीय नुकसान और जानलेवा हमले से बचा जा सकता है.

## ऐसा क्यों हुआ
यह आपराधिक घटना असामाजिक तत्वों द्वारा व्यापारियों के लालच और सुरक्षा संबंधी असावधानी का फायदा उठाने के कारण घटित हुई.

- **सस्ते माल का प्रलोभन:** गिरोह ने कबाड़ को बेहद रियायती दर पर बेचने का लालच देकर खरीदार को आकर्षित किया. अत्यधिक मुनाफे की उम्मीद में पीड़ित बिना उचित सत्यापन के उनके बताए जाल में फंस गया.
- **सुनसान स्थान का चयन:** बदमाशों ने जानबूझकर ऐसा स्थान चुना जहां आसपास कोई आबादी या पुलिस गश्त न हो. इससे पीड़ितों पर अचानक हमला करना और बिना किसी विरोध के नकदी लूटकर भागना आसान हो गया.
- **सख्त निगरानी और तकनीकी जांच:** वारदात के बाद पुलिस ने 300 सीसीटीवी कैमरों और 10 से 12 जिलों में 1300 किलोमीटर तक लगातार सुराग जोड़कर इस अंतरजिला गिरोह का पता लगाया और उन्हें दबोच लिया.

## सवाल-जवाब

### 1. भीम पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
भीम थाना पुलिस ने डकैती के इस मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

### 2. बदमाशों ने किस बहाने से डकैती की वारदात को अंजाम दिया था?
बदमाशों ने सस्ते दामों पर स्क्रैप उपलब्ध कराने का झांसा देकर पीड़ित को सुनसान जगह बुलाया और मारपीट कर लूटपाट की.

### 3. वारदात में कितने रुपये की लूट हुई थी?
इस वारदात में बदमाशों ने करीब 9 लाख रुपये की डकैती की थी.

### 4. आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस को कितना पीछा करना पड़ा?
पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ने के लिए 10 से 12 जिलों में लगभग 1300 किलोमीटर तक पीछा किया और 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले.

### 5. क्या गिरफ्तार आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है?
हां, आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, चोरी और नकबजनी सहित कई संगीन मामले पहले से दर्ज हैं.

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._