# सवाई माधोपुर में बड़ी कार्रवाई, गणेश मेले की ड्यूटी से गायब 84 पुलिसकर्मियों का कटेगा वेतन

> सवाई माधोपुर जिले में रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेशजी के लक्खी मेले के दौरान बिना सूचना ड्यूटी से गायब रहने वाले 84 पुलिसकर्मियों पर सख्त एक्शन लिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने इन सभी लापरवाह कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/sawai-madhopur-men-bari-karravai-ganesh-mele-ki-dyuti-se-gayaba-84-pulisakarmiyon-ka-katega-vetana-48314 · **Language:** Hindi
**Tags:** सवाई माधोपुर, रणथंभौर, गणेश मेला, पुलिस कार्रवाई, राजस्थान पुलिस, त्रिनेत्र गणेश

सवाई माधोपुर में रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेशजी के प्रसिद्ध लक्खी मेले के दौरान अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर रहना कुल 84 पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया है। पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता के इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए इन सभी कर्मचारियों के खिलाफ एक दिन का अवैतनिक अवकाश स्वीकृत कर दिया है। इस प्रशासनिक फैसले का सीधा अर्थ यह है कि संबंधित पुलिसकर्मियों को उस एक दिन का वेतन नहीं मिलेगा। इस संबंध में आधिकारिक आदेश पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा 16 अक्टूबर को जारी किया गया था, जिसमें 12 सितंबर को ड्यूटी के समय अनुपस्थित रहने वाले कर्मियों पर यह गाज गिरी है।

## विभिन्न रैंक के कर्मी और इकाइयां हैं शामिल
इस अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में केवल सिपाही ही नहीं, बल्कि उप निरीक्षक स्तर तक के अधिकारी और कर्मचारी शामिल किए गए हैं। जारी की गई सूची में जिले के अलग-अलग पुलिस थानों, पुलिस लाइन और विभिन्न पुलिस कार्यालयों में तैनात अमले के नाम दर्ज हैं। गणेश मेले जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होती है, जिसके बीच इस तरह से पुलिसकर्मियों का गायब रहना विभाग के लिए चिंता का विषय बना, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।

## 12 सितंबर को पकड़ी गई थी अनुपस्थिति
रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेशजी का यह लक्खी मेला हर साल देश-दुनिया से आने वाली भारी संख्या में श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। मेले के दौरान दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना, चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना और यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाना पुलिस बल के लिए एक बड़ी चुनौती और अहम जिम्मेदारी होती है। ऐसे आयोजनों के लिए जिले के विभिन्न थानों और इकाइयों से विशेष रूप से पुलिस जवानों की तैनाती की जाती है। इसी मेले के दौरान गत 12 सितंबर को जब औचक या नियमित जांच की गई, तो ये 84 पुलिसकर्मी अपनी निर्धारित ड्यूटी से नदारद पाए गए, जिसके बाद अब उन पर यह औपचारिक कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।

## कार्रवाई का दायरा और विभागीय सख्ती
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 16 अक्टूबर को सामने आए आदेश के मुताबिक, केवल एक विशेष पद या एक ही थाने के कर्मचारियों को इस दायरे में नहीं रखा गया है, बल्कि उप निरीक्षक से लेकर आरक्षक यानी कांस्टेबल तक के विभिन्न पदों के कर्मी इसमें शामिल हैं। जिले के कई थानों के साथ-साथ पुलिस लाइन और प्रशासनिक कार्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे कर्मियों के नाम भी इस सूची का हिस्सा हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग ने किसी एक यूनिट विशेष तक सीमित न रहकर पूरे जिले स्तर पर लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ यह संदेश देने का प्रयास किया है कि बड़े आयोजनों में अनुशासनहीनता को सहन नहीं किया जाएगा।

## बड़े आयोजनों में सुरक्षा का महत्व
गणेश मेले जैसे विशाल आयोजनों में भक्तों की भारी आवाजाही के कारण पुलिस बल की सक्रिय तैनाती बेहद आवश्यक मानी जाती है। ऐसे संवेदनशील समय पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की शारीरिक रूप से मौजूदगी भीड़ प्रबंधन और व्यवस्था सुचारू रखने में अहम भूमिका निभाती है। यदि कोई कर्मचारी बिना किसी ठोस कारण के अपनी ड्यूटी से गैरहाजिर रहता है, तो इससे पूरी व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और सुरक्षा में चूक की आशंका बढ़ जाती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है और 84 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक दिन का वेतन काटने के रूप में यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।

## इसका आप पर असर
सवाई माधोपुर में पुलिस विभाग द्वारा की गई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई का सीधा असर प्रशासनिक अनुशासन और बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा।

- **सवाई माधोपुर में:** स्थानीय स्तर पर तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के बीच ड्यूटी के प्रति लापरवाही को लेकर कड़ा संदेश गया है, जिससे आगामी मेलों और त्योहारों में सुरक्षा व्यवस्था अधिक चाक-चौबंद रहेगी।
- **भारत में:** देश भर के विभिन्न पुलिस बलों और प्रशासनिक विभागों में वीआईपी मेलों या बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मियों के लिए यह एक कड़ा प्रशासनिक उदाहरण प्रस्तुत करता है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कार्रवाई 12 सितंबर को रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेशजी के मेले के दौरान ड्यूटी से गैरहाजिर पाए जाने पर की गई है। बड़े आयोजनों में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए तैनात अमले की लापरवाही के कारण विभाग ने यह अनुशासनात्मक कदम उठाया है।

- **ड्यूटी से अनुपस्थिति:** संबंधित 84 पुलिसकर्मी 12 सितंबर को गणेश मेले में अपनी तय की गई ड्यूटी पर उपस्थित नहीं पाए गए थे।
- **प्रशासनिक सख्ती:** गणेश मेले जैसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए विभाग ने बिना अनुमति गायब रहने वाले कर्मियों पर वेतन कटौती की कार्रवाई की है।
- **आदेश जारी होना:** पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा मामले की जांच और संज्ञान लेने के बाद 16 अक्टूबर को आधिकारिक आदेश जारी किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. सवाई माधोपुर में कितने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है?
रणथम्भौर त्रिनेत्र गणेशजी के मेले में ड्यूटी से गायब रहने वाले कुल 84 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है।

### 2. पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या सजा दी गई है?
सभी संबंधित लापरवाह पुलिसकर्मियों का एक दिन का अवैतनिक अवकाश स्वीकृत किया गया है, जिसके तहत उन्हें एक दिन का वेतन नहीं मिलेगा।

### 3. यह घटना किस तारीख की है?
यह कार्रवाई 12 सितंबर को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के मामले में की गई है।

### 4. आदेश कब जारी किया गया था?
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से यह आदेश 16 अक्टूबर को जारी किया गया था।

### 5. इस कार्रवाई में किन-किन पदों के कर्मी शामिल हैं?
इस सूची में उप निरीक्षक से लेकर कांस्टेबल तक के विभिन्न पुलिसकर्मी शामिल हैं।

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