सवाईमाधोपुर में पटाखों की कीमतें 50 प्रतिशत तक चढ़ीं, दीपोत्सव पर 3 करोड़ रुपये के कारोबार पर मंदी का साया सवाईमाधोपुर में प्रशासन ने पटाखों के लिए 97 अस्थायी लाइसेंस जारी किए हैं, लेकिन 30 से 50 फीसदी तक बढ़ी कीमतों से पिछले साल के तीन करोड़ रुपये के कारोबार की बराबरी करना मुश्किल दिख रहा है। दीपोत्सव की आहट के साथ ही सवाईमाधोपुर के बाजारों में त्योहारी रौनक बढ़ गई है, लेकिन आतिशबाजी के बाजार पर महंगाई का सीधा असर देखने को मिल रहा है। इस बार आतिशबाजी की कीमतों में 30 से लेकर 50 फीसदी तक का भारी उछाल आया है। आसमान छूती कीमतों के चलते व्यापारियों को आशंका है कि इस सीजन में आतिशबाजी की बिक्री काफी कमजोर रह सकती है। त्योहारी माहौल के बीच ग्राहक दुकानों पर तो पहुंच रहे हैं, लेकिन बढ़ी हुई दरों के कारण खरीदारी का दायरा सिमटता दिख रहा है। प्रशासन ने जारी किए 97 अस्थायी लाइसेंस, दो मुख्य मैदानों में सजीं दुकानें सवाईमाधोपुर जिला मुख्यालय पर आतिशबाजी की व्यवस्थित और सुरक्षित बिक्री सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कुल 97 अस्थायी लाइसेंस स्वीकृत किए गए हैं। इन अस्थायी दुकानों को शहर के दो प्रमुख मैदानों में लगाने की अनुमति दी गई है। पुराने शहर के ऐतिहासिक भैरव दरवाजा के पास स्थित गोपालजी मंदिर मैदान में 22 आतिशबाजी की दुकानें स्थापित की गई हैं। वहीं बजरिया क्षेत्र में स्थित इंद्रा मैदान में सबसे अधिक 75 दुकानें लगाई गई हैं। इन दो प्रमुख केंद्रों के अलावा सवाईमाधोपुर जिले के अन्य कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी नियमानुसार आतिशबाजी की दुकानें लगाने के लिए अलग से लाइसेंस जारी किए गए हैं। दोनों प्रमुख स्थलों पर खरीदारों की चहल-पहल शुरू हो चुकी है। 5 रुपये से 5 हजार रुपये तक के पटाखे, मल्टी-शॉट की जोरदार मांग इस त्योहारी सीजन में पटाखा बाजार में हर उम्र के लोगों के लिए आतिशबाजी की विस्तृत श्रृंखला पेश की गई है। स्टॉलों पर रोशनी, बुलेट बम, बुम्बा, पारंपरिक फुलझड़ियां, रॉकेट, सुतली बम, जमीन पर घूमने वाली गंगा-जमुना चकरी, बच्चों के पसंदीदा सांप और अनार सजाए गए हैं। इसके अतिरिक्त आसमान में कलाबाजी दिखाने वाले हेलिकॉप्टर बम भी दुकानों में प्रमुखता से उपलब्ध हैं। बड़े आयोजनों और सामूहिक उत्सवों के लिए 12 शॉट से लेकर 50 और 200 शॉट तक के आधुनिक स्काई शॉट पटाखे ग्राहकों का ध्यान खींच रहे हैं। बाजार में सबसे सस्ती आतिशबाजी की शुरुआत 5 रुपये से होती है, जबकि प्रीमियम पटाखे 5 हजार रुपये तक की कीमत में बिक रहे हैं। इस साल एक साथ कई बार धमाका करने वाले पटाखों की मांग में विशेष तेजी दर्ज की जा रही है। महंगाई से बिगड़ा समीकरण, 3 करोड़ के लक्ष्य तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण पटाखा कारोबारियों का कहना है कि लागत बढ़ने के कारण आतिशबाजी सीधे तौर पर महंगी हुई है। पिछले साल की तुलना में इस बार दरों में 30 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। सवाईमाधोपुर में पिछले वर्ष लगभग 3 करोड़ रुपये का पटाखा कारोबार दर्ज किया गया था, लेकिन इस बार व्यापारियों को उस आंकड़े तक पहुंचना बेहद मुश्किल लग रहा है। कीमतों में तेजी के कारण आम उपभोक्ता अपने बजट में भारी कटौती कर रहे हैं। पहले जहां लोग त्योहार के लिए भारी मात्रा में डिब्बे भरकर पटाखे ले जाते थे, वहीं अब अधिकांश ग्राहक सिर्फ रस्म अदायगी के लिए कम कीमत वाले और छोटे पटाखों तक ही सीमित रह रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार, पिछली दिवाली के मुकाबले बाजार में ग्राहकों की क्रय शक्ति और खरीदारी की मात्रा दोनों में गिरावट आई है। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त और दमकल वाहनों की तैनाती आतिशबाजी बाजारों में भीड़भाड़ और ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अनहोनी से समय रहते निपटा जा सके। प्रशासन के सख्त निर्देशों के तहत दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानों पर गैस सिलेंडर, पानी से लबालब भरी बाल्टियां और बजरी की बाल्टियां अनिवार्य रूप से रखी हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन ने बजरिया के इंद्रा मैदान और पुराने शहर के गोपालजी मंदिर मैदान दोनों स्थानों पर अग्निशमन दल के दमकल वाहन लगातार तैनात कर रखे हैं। अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की जा रही है ताकि जिले में दीपावली का पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके। इसका आप पर असर पटाखों की कीमतों में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि से आम उपभोक्ताओं के दिवाली बजट पर सीधा असर पड़ रहा है और उन्हें अपनी खरीदारी सीमित करनी पड़ रही है। • सवाईमाधोपुर में: शहर के खरीदारों को केवल इंद्रा मैदान और गोपालजी मंदिर मैदान स्थित 97 अधिकृत दुकानों से ही खरीदारी करने की सुविधा मिलेगी। बढ़ी कीमतों के कारण आम खरीदार बड़े स्काई शॉट छोड़कर छोटे और सस्ते पटाखों को प्राथमिकता दे रहे हैं। • भारत में: कच्चे माल की बढ़ती लागत और सुरक्षा मानकों के सख्त होने से देश भर के खुदरा बाजारों में आतिशबाजी महंगी हुई है। इसके चलते मध्यमवर्गीय परिवार अपने त्योहारी खर्च को संतुलित करने के लिए पटाखों की मात्रा में कटौती कर रहे हैं। • व्यापारियों पर असर: खुदरा दुकानों पर माल तो भरा है लेकिन पिछले साल के 3 करोड़ रुपये के कारोबार के मुकाबले इस बार मार्जिन और टर्नओवर घटने का खतरा मंडरा रहा है। कमजोर उठाव के कारण कई अस्थायी लाइसेंस धारकों की लागत फंसने की संभावना बढ़ गई है। • सार्वजनिक सुरक्षा: दोनों तय बाजारों में दमकल गाड़ियां और बालू व पानी की बाल्टियां होने से आपात स्थिति का जोखिम काफी कम हुआ है। अनाधिकृत स्थानों के बजाय तय मैदानों पर ही बिक्री होने से रिहायशी इलाकों में आग लगने का खतरा टल जाता है। ऐसा क्यों हुआ सवाईमाधोपुर में आतिशबाजी की कीमतों में तेज वृद्धि और बाजार के मंदे रहने के पीछे कच्चे माल की लागत, कड़े सुरक्षा नियम और सीमित उपभोक्ता बजट प्रमुख कारण हैं। • लागत और कच्चे माल में बढ़ोतरी: पटाखा निर्माण में प्रयुक्त रसायनों और निर्माण सामग्री की कीमतों में इजाफा होने से थोक और खुदरा दरों में 30 से 50 प्रतिशत तक का उछाल आया है। इसके कारण खुदरा विक्रेताओं को माल ऊंचे दामों पर उठाना पड़ा, जिसका सीधा भार ग्राहकों पर पड़ा। • सख्त लाइसेंसिंग और सुरक्षित स्थल निर्धारण: रिहायशी क्षेत्रों में जोखिम टालने के लिए प्रशासन ने सीमित संख्या में केवल 97 अस्थायी लाइसेंस दिए और दुकानें केवल दो मैदानों तक सीमित रखीं। खुले मैदानों में स्टॉल लगाने और सुरक्षा उपकरण जुटाने के अतिरिक्त खर्च ने भी अंतिम मूल्य को प्रभावित किया है। • उपभोक्ता प्राथमिकताओं में बदलाव: लगातार बढ़ती महंगाई के चलते आम परिवारों का जोर अनिवार्य वस्तुओं पर अधिक और आतिशबाजी जैसे गैर-जरूरी खर्चों पर कम हो गया है। इसी कारण खरीदार 5 हजार रुपये तक के बड़े पैकेट लेने के बजाय 5 रुपये से शुरू होने वाले छोटे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. सवाईमाधोपुर में इस बार पटाखों के लिए कितने लाइसेंस जारी किए गए हैं? जिला प्रशासन द्वारा सवाईमाधोपुर जिला मुख्यालय पर पटाखों की दुकानों के लिए कुल 97 अस्थायी लाइसेंस जारी किए गए हैं। 2. शहर में पटाखे खरीदने के लिए दुकानें किन मैदानों पर लगाई गई हैं? दुकानें पुराने शहर के भैरव दरवाजा स्थित गोपालजी मंदिर मैदान में 22 और बजरिया के इंद्रा मैदान में 75 की संख्या में लगाई गई हैं। 3. इस वर्ष पटाखों की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है? पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पटाखों के दामों में करीब 30 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 4. सवाईमाधोपुर के पटाखा बाजार में आतिशबाजी की कीमत सीमा क्या है? बाजार में पटाखों की शुरुआती कीमत 5 रुपये से लेकर प्रीमियम स्काई शॉट के लिए 5,000 रुपये तक उपलब्ध है। 5. दुकानों पर सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं? दुकानदारों ने गैस सिलेंडर, पानी और बजरी की बाल्टियां रखी हैं, साथ ही प्रशासन ने दोनों मैदानों पर दमकल गाड़ियां तैनात की हैं। 6. पिछले साल सवाईमाधोपुर में पटाखों का कितना कारोबार हुआ था? पिछले साल सवाईमाधोपुर में लगभग 3 करोड़ रुपये के पटाखों का कारोबार हुआ था। https://trendkia.com/rajasthan/sawaimadhopur-men-patakhon-ki-kimaten-50-pratishata-taka-charhin-3-karora-rupaye-ke-karobara-para-mndi-ka-saya-57881 TrendKia — Har trend, sabse pehle.