# शाहाबाद रोड पर खाद की किल्लत से भड़के किसान, दुकान बंद होने पर लगाया लंबा जाम

> बारां में डीएपी खाद न मिलने और विक्रेता द्वारा दुकान बंद करने से नाराज किसानों ने शाहाबाद रोड पर चक्काजाम कर दिया। रबी सीजन की बुआई के बीच खाद की किल्लत और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/shahabad-road-para-khada-ki-killata-se-bharake-kisana-dukana-bnda-hone-para-lagaya-lnba-jama-43387 · **Language:** Hindi
**Tags:** बारां, किसान प्रदर्शन, डीएपी खाद, शाहाबाद रोड, रबी फसल, खाद संकट, राजस्थान समाचार

राजस्थान के बारां जिले में डीएपी खाद की भारी कमी से परेशान काश्तकारों का सब्र सोमवार को पूरी तरह टूट गया। शहर के व्यस्त शाहाबाद रोड पर स्थित बंक के समीप बड़ी तादाद में किसान एकत्र हुए और सड़क के बीचों-बीच बैठकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। घंटों कतारों में खड़े रहने के बाद भी जब किसानों को खाद नहीं मिल सकी और संचालक ने अचानक प्रतिष्ठान बंद कर दिया, तो आक्रोशित किसानों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। किसानों के इस अप्रत्याशित कदम से शाहाबाद रोड पर दोनों तरफ वाहनों के पहिए थम गए और भारी जाम की स्थिति बन गई।

## लंबा इंतजार और दुकान बंद होने पर भड़का आक्रोश
कृषि कार्य छोड़कर शहर पहुंचे काश्तकारों का आरोप है कि वे सुबह से ही डीएपी खाद हासिल करने की उम्मीद में दुकान के बाहर प्रतीक्षा कर रहे थे। लंबे इंतजार के बावजूद जब किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद नहीं दी गई और उल्टा दुकानदार ने अपनी दुकान का शटर गिराकर बिक्री बंद कर दी, तो किसानों की नाराजगी चरम पर पहुंच गई। किसानों ने साफ कहा कि इस समय खेतों में बुआई और जुताई का बेहद अहम दौर चल रहा है। वे अपनी खेती का जरूरी कामकाज अधूरा छोड़कर दूर-दराज के गांवों से खाद की एक-एक बोरी के लिए यहां पहुंचे थे, लेकिन घंटों खड़े रहने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटाने की नौबत आ गई। दुकान बंद होते ही किसानों ने संगठित होकर सड़क को घेर लिया और डीएपी उपलब्ध कराने के नारे लगाने लगे।

## शाहाबाद रोड पर थमा यातायात, वाहनों की लंबी कतारें
किसानों द्वारा सड़क पर धरना देने की वजह से शाहाबाद रोड की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। देखते ही देखते सड़क के दोनों किनारों पर भारी वाहनों, बसों, कारों और दुपहिया वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। रास्ते से गुजरने वाले आम राहगीरों और वाहन चालकों को भीषण जाम के चलते भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई वाहन चालक घंटों तक इस जाम में फंसे रहे और रास्ता खुलने का इंतजार करते दिखे। प्रदर्शनकारी किसानों का दोटूक कहना था कि जब तक जिम्मेदार तंत्र मौके पर आकर खाद के पुख्ता इंतजाम नहीं करता, तब तक वे सड़क खाली नहीं करेंगे और उनका आंदोलन यूं ही जारी रहेगा।

## प्रशासन की बेरुखी से और गहराया असंतोष
हैरानी की बात यह रही कि शहर के प्रमुख मार्ग पर किसानों के प्रदर्शन और भारी जाम की सूचना संबंधित अधिकारियों व पुलिस महकमे को दिए जाने के बाद भी काफी देर तक कोई जिम्मेदार नुमाइंदा मौके पर नहीं पहुंचा। प्रशासन के इस ढुलमुल और उपेक्षापूर्ण रवैये ने आंदोलनकारी किसानों के गुस्से को और हवा दे दी। किसानों ने रोष जताते हुए कहा कि रबी सीजन की तैयारियों के मद्देनजर इस वक्त डीएपी खाद की मांग चरम पर है। यदि तय समय पर खेतों में खाद नहीं डाली गई, तो पूरी फसल की पैदावार प्रभावित होने का गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि खाद की कथित कालाबाजारी और कृत्रिम किल्लत पर फौरन सख्त अंकुश लगाया जाए तथा हर किसान को बिना किसी परेशानी के पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद मुहैया कराई जाए।

## इसका आप पर असर
शाहाबाद रोड पर हुए चक्काजाम और डीएपी की किल्लत ने खेती के व्यस्त सीजन में स्थानीय किसानों और आम यात्रियों दोनों के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

- **बारां में यात्रियों पर असर:** शाहाबाद रोड पर किसानों के धरने के चलते मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं और यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। शहर से गुजरने वाले दैनिक यात्रियों और मालवाहक वाहनों को कई घंटों तक जाम में फंसे रहने की परेशानी उठानी पड़ी।
- **स्थानीय किसानों पर प्रभाव:** रबी बुआई के नाजुक दौर में डीएपी खाद न मिलने से किसानों के कृषि कार्य में देरी हो रही है। यदि समय रहते खाद की पर्याप्त खेप नहीं मिली, तो फसलों की प्रारंभिक वृद्धि और अंतिम उत्पादन पर सीधा प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
- **कृषि बाजार व्यवस्था:** दुकानदारों द्वारा अचानक बिक्री बंद करने से किसानों में कालाबाजारी और कृत्रिम संकट को लेकर रोष बढ़ गया है। इससे ग्रामीण इलाकों में किसानों को अपनी सामान्य खेती छोड़कर दूरदराज के केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
- **प्रशासनिक निगरानी की जरूरत:** किसानों की नाराजगी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पर वितरण व्यवस्था पारदर्शी बनाने का दबाव बढ़ गया है। खाद केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थित टोकन प्रणाली लागू किए बिना ऐसे हंगामे दोबारा भड़कने का खतरा बना रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
रबी फसलों की बुआई के चरम पर पहुंचते ही डीएपी खाद की मांग तेजी से बढ़ी, जबकि खुदरा दुकानों पर सीमित आपूर्ति और दुकानदारों के रवैये ने हालात बिगाड़ दिए।

- **दुकान का अचानक बंद होना:** घंटों लाइन में प्रतीक्षा करने के बाद जब खाद विक्रेता ने बिना वितरण किए दुकान का शटर गिरा दिया, तो किसानों का धैर्य टूट गया। आपूर्ति न मिलने और दिनभर का समय बर्बाद होने से नाराज किसानों ने तुरंत सड़क पर बैठकर विरोध दर्ज कराया।
- **रबी सीजन की मांग का दबाव:** बुआई के समय जमीन की उर्वरता और बीजों के सही अंकुरण के लिए डीएपी खाद की सख्त जरूरत होती है। मांग के मुकाबले दुकानों पर सीमित मात्रा उपलब्ध होने से खाद केंद्रों पर भारी भीड़ जमा हो रही थी।
- **प्रशासनिक देरी से उपजा गुस्सा:** चक्काजाम और विरोध की सूचना देने के बावजूद मौके पर पुलिस या राजस्व प्रशासन का कोई अधिकारी समय पर नहीं पहुंचा। अधिकारियों के न पहुंचने से किसानों को लगा कि उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे विरोध और कड़ा हो गया।

## सवाल-जवाब

### 1. बारां में किसानों ने शाहाबाद रोड पर प्रदर्शन क्यों शुरू किया?
डीएपी खाद की किल्लत और दुकान पर काफी देर इंतजार के बाद विक्रेता द्वारा दुकान बंद कर दिए जाने के विरोध में किसानों ने सड़क पर धरना दिया।

### 2. किसानों के इस धरने से सड़क यातायात पर क्या असर पड़ा?
शाहाबाद रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर गाड़ियों व राहगीरों की लंबी कतारें लग गईं।

### 3. किसानों को इस समय डीएपी खाद की इतनी आवश्यकता क्यों है?
रबी सीजन की तैयारियों और बुआई के कामों के चलते किसानों को तुरंत डीएपी खाद की जरूरत है ताकि उनकी फसल प्रभावित न हो।

### 4. सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों का क्या रुख रहा?
किसानों के अनुसार, चक्काजाम की जानकारी मिलने के बाद भी पुलिस या प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

### 5. प्रदर्शनकारी किसानों की मुख्य मांगें क्या हैं?
किसान मांग कर रहे हैं कि खाद की कालाबाजारी रोकी जाए और सभी को बिना परेशानी पर्याप्त मात्रा में डीएपी मुहैया कराई जाए।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._