श्रीगंगानगर के घड़साना में पानी के लिए किसानों की महापंचायत, 6 महीने के रेगुलेशन और 2 समूहों में सिंचाई जल की मांग तेज राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के घड़साना में सिंचाई पानी की मांग को लेकर हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ नई मंडी पहुंचे। 'खेत बचाओ संघर्ष समिति' के बैनर तले आयोजित इस महापंचायत को व्यापार मंडल और बार एसोसिएशन ने भी अपना समर्थन दिया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सिंचाई पानी का संकट गहराने के बाद किसानों ने अपने आंदोलन को उग्र रूप दे दिया है। गुरुवार को घड़साना स्थित नई मंडी में 'खेत बचाओ संघर्ष समिति' के आह्वान पर आयोजित विशाल किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए आसपास के तमाम क्षेत्रों से हजारों की संख्या में किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और निजी वाहनों के साथ पहुंचे। धान मंडी के विशाल शेड के नीचे जुटी इस भीड़ ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए साफ कर दिया है कि जब तक उनकी बुनियादी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा। चार में से दो समूहों को पानी देने की मुख्य मांग घड़साना में किसान पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर लगातार अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। आंदोलनकारी किसानों की सबसे प्रमुख मांग यह है कि क्षेत्र की नहरों में कुल चार समूहों में से कम से कम दो समूहों को नियमित रूप से सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा, किसान मांग कर रहे हैं कि प्रशासन आगामी छह महीने के लिए पानी का स्पष्ट रेगुलेशन चार्ट जारी करे ताकि वे अपनी फसलों की बुआई और देखभाल की योजना सही तरीके से बना सकें। किसानों का तर्क है कि समय पर पर्याप्त पानी न मिलने के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है, जिससे कृषि पर निर्भर परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। व्यापार मंडल और बार एसोसिएशन का खुला समर्थन जैसे-जैसे महापंचायत में किसानों का जमावड़ा बढ़ा, घड़साना की नई मंडी परिसर में माहौल पूरी तरह से जुझारू नजर आने लगा। इस जन आंदोलन को अब केवल कृषि क्षेत्र का ही समर्थन नहीं मिल रहा, बल्कि स्थानीय कारोबारी और कानूनी संगठन भी खुलकर मैदान में आ चुके हैं। घड़साना के संयुक्त व्यापार मंडल और स्थानीय बार एसोसिएशन ने किसानों के इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। व्यापारी और अधिवक्ता संगठनों का कहना है कि कृषि ही इस पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए पानी की किल्लत दूर होना सभी वर्गों के हित में जरूरी है। प्रशासन की निगरानी और आगे की रणनीति महापंचायत के दौरान किसान नेताओं और प्रतिनिधियों ने आगे के आंदोलन की भावी रूपरेखा पर गहन चर्चा की। किसानों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि वे किसी भी स्थिति में अपने कदम पीछे नहीं हटाएंगे। यदि शासन और प्रशासन की तरफ से कोई ठोस तथा लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता है, तो इस प्रदर्शन को पूरे जिले और राज्य स्तर पर और अधिक तेज किया जाएगा। हजारों किसानों की मौजूदगी और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी भी घड़साना में सतर्क हैं और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसका आप पर असर घड़साना में किसानों के सिंचाई जल आंदोलन का असर स्थानीय खेती और क्षेत्रीय आपूर्ति व्यवस्था पर सीधा पड़ रहा है। • राजस्थान में: श्रीगंगानगर और आसपास के किसानों को सिंचाई पानी का स्पष्ट शेड्यूल मिलने पर फसल बुआई की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, जारी प्रदर्शन के कारण घड़साना मंडी और स्थानीय बाजारों की कारोबारी गतिविधियां प्रभावित रह सकती हैं। • भारत में: देश के कृषि क्षेत्रों में सिंचाई जल प्रबंधन और नहर जल वितरण को लेकर बनने वाले दबाव का संदेश जाएगा, जिससे अन्य राज्यों में भी जल वितरण नीतियों पर चर्चा तेज हो सकती है। ऐसा क्यों हुआ घड़साना में किसानों का आंदोलन नहरों से पर्याप्त सिंचाई पानी न मिलने और दीर्घकालिक रेगुलेशन जारी न होने के कारण भड़का है। • सिंचाई पानी की कमी: क्षेत्र में चार में से केवल सीमित समूहों को पानी मिल पा रहा था, जिससे फसलों की सिंचाई का चक्र बाधित हो रहा था। • रेगुलेशन जारी न होना: किसान लंबे समय से आगामी छह महीनों के लिए पानी की आपूर्ति का तय समय सारणी मांग रहे थे ताकि वे खेती का प्रबंधन कर सकें। • अनिश्चितकालीन धरने का असर: कई दिनों तक समाधान न निकलने पर खेत बचाओ संघर्ष समिति ने महापंचायत बुलाई, जिसे स्थानीय संगठनों का भी साथ मिला। सवाल-जवाब 1. घड़साना में किसान महापंचायत क्यों आयोजित की गई? सिंचाई पानी की कमी दूर करने, चार में से दो समूहों को पानी देने और छह महीने का रेगुलेशन जारी करने की मांग को लेकर यह महापंचायत बुलाई गई। 2. इस आंदोलन का नेतृत्व कौन सा संगठन कर रहा है? यह महापंचायत और आंदोलन 'खेत बचाओ संघर्ष समिति' के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है। 3. किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं? किसानों की मुख्य मांग चार में से दो समूहों को नियमित सिंचाई पानी देना और छह महीने का पानी रेगुलेशन चार्ट जारी करना है। 4. क्या स्थानीय संगठनों ने किसानों का समर्थन किया है? हां, घड़साना के संयुक्त व्यापार मंडल और बार एसोसिएशन ने किसानों के इस आंदोलन को पूरा समर्थन दिया है। https://trendkia.com/rajasthan/shrignganagara-ke-gharsana-men-pani-ke-lie-kisanon-ki-mahapnchayata-6-mahine-ke-reguleshana-aura-2-samuhon-men-sinchai-jala-ki-man-30786 TrendKia — Har trend, sabse pehle.