श्रीगंगानगर में डेढ़ लाख रुपये चुकाने के बाद भी शव देने से इनकार, अस्पताल के बाहर परिजनों का जोरदार हंगामा राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक निजी अस्पताल द्वारा बकाया राशि न चुकाने पर शव रोकने का मामला सामने आया है, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मामले में मारपीट और जहर खाने की अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं, और पुलिस जांच में जुटी है। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक निजी अस्पताल द्वारा बकाया भुगतान के नाम पर शव परिजनों को न सौंपने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर के बाहर भारी तनाव पैदा हो गया और परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। यह पूरा मामला जिला अस्पताल के ठीक सामने स्थित आरेस अस्पताल से जुड़ा हुआ है। हंगामे की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए। अस्पताल प्रशासन पर बकाया राशि के लिए शव रोकने का आरोप मृतक के परिजनों का आरोप है कि वे इलाज के दौरान अस्पताल में पहले ही करीब डेढ़ लाख रुपये जमा करवा चुके हैं। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा लगभग 52 हजार रुपये की बकाया राशि का भुगतान न होने का हवाला देकर शव देने से मना किया जा रहा था। इस रवैये से नाराज होकर परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि, इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधन की तरफ से क्या प्रतिक्रिया दी गई है, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को सौंपी शिकायत में लगाए गंभीर आरोप यह विवाद केवल शव रोकने तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि मामले ने तब एक और मोड़ ले लिया जब मृतक की मां रोशनी देवी ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी। रोशनी देवी ने बताया कि उनका पूरा परिवार मजदूरी करके किसी तरह गुजर-बसर करता है और उनका 20 साल का बेटा महावीर भी मजदूरी का काम करता था। शिकायत के मुताबिक, गजसिंहपुर के रहने वाले राजा सिंह ने महावीर को अपने यहां काम के लिए बुलाया था और वह उनकी ढाणी में काम करने गया था। परिजनों का आरोप है कि वहां महावीर के साथ मारपीट की गई, जिसके चलते उसकी हालत बिगड़ी। दवा पीने से मौत की बात और पुलिस की जांच जारी दूसरी तरफ इस मामले में यह भी कहा जा रहा है कि महावीर के साथ किसी प्रकार की कोई मारपीट नहीं हुई थी, बल्कि उसने कोई जहरीली दवा या पदार्थ का सेवन किया था जिसके कारण उसकी मौत हुई। हंगामे और तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों से आमने-सामने बातचीत कर विस्तृत जानकारी जुटाई है। फिलहाल सदर थाना पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद ही शव रोकने के आरोपों और मारपीट की शिकायत पर पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसका आप पर असर यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर होने वाले विवादों और आम जनता की आर्थिक लाचारी को उजागर करती है, जिसका सीधा असर मरीजों के अधिकारों और सुरक्षा पर पड़ता है। - भारत में: देश भर में निजी अस्पतालों द्वारा बकाया बिलों के भुगतान को लेकर शव रोके जाने के मामले समय-समय पर सामने आते हैं, जो स्वास्थ्य नियामक तंत्र पर सवाल खड़े करते हैं। - श्रीगंगानगर में: स्थानीय निवासियों और गरीब परिवारों को इलाज के नाम पर भारी भरकम बिल और इस तरह की अमानवीय स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे प्रशासनिक निगरानी की मांग तेज होती है। ऐसा क्यों हुआ यह पूरा विवाद अस्पताल के बकाया बिलों के भुगतान को लेकर उपजे तनाव और एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के आरोपों के कारण पैदा हुआ। - बकाया भुगतान का विवाद: परिजनों द्वारा लगभग डेढ़ लाख रुपये चुकाए जाने के बावजूद 52 हजार रुपये का बकाया शेष रहने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने शव सौंपने से कथित तौर पर इंकार कर दिया था। - संदिग्ध मौत और मारपीट के आरोप: मृतक की मां द्वारा पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में работода (नियोक्ता) के यहां काम के दौरान मारपीट किए जाने के गंभीर आरोप लगाए गए, जबकि दूसरी तरफ दवा खाने की बात कही जा रही है। - पुलिस जांच की स्थिति: दोनों पक्षों के बयानों में विरोधाभास होने के कारण जब तक पुलिस की औपचारिक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक मौत के असली कारणों और अस्पताल के रवैये पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकती। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां की है? यह घटना राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की है। 2. किस अस्पताल के बाहर हंगामा हुआ? यह हंगामा जिला अस्पताल के सामने स्थित आरेस अस्पताल के बाहर हुआ। 3. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर क्या आरोप लगाया? परिजनों ने आरोप लगाया कि बकाया 52 हजार रुपये न चुकाने के कारण अस्पताल ने शव देने से इनकार कर दिया, जबकि वे पहले ही डेढ़ लाख रुपये दे चुके थे। 4. मृतक का नाम क्या था और उसकी उम्र कितनी थी? मृतक का नाम महावीर था और उसकी उम्र 20 वर्ष थी। 5. मृतक की मां ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में क्या बताया? मां रोशनी देवी ने बताया कि महावीर गजसिंहपुर निवासी राजा सिंह की ढाणी में काम करने गया था, जहां उसके साथ मारपीट किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया। 6. मौत के कारणों को लेकर क्या दूसरा पक्ष सामने आया है? दूसरी तरफ से यह कहा जा रहा है कि महावीर के साथ कोई मारपीट नहीं हुई थी बल्कि उसने कोई दवा पी थी जिससे उसकी मौत हुई। 7. इस मामले में कौन सी पुलिस कार्रवाई कर रही है? सदर थाना पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। https://trendkia.com/rajasthan/shrignganagara-men-derha-lakha-chukae-phira-bhi-nahin-diya-shava-aspatala-men-macha-jamakara-macha-hngama-32540 TrendKia — Har trend, sabse pehle.