सीकर के खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी मुक्ति, तोरणद्वार पर पैसेंजर वाहनों पर बैन और चिमनी स्टैंड से चलेंगे ई-रिक्शा-ऑटो राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्यामजी धाम में पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। तोरणद्वार पर सवारी बैठाने और खुली कैंपर गाड़ियों में यात्री ढोने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल खाटूश्यामजी में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में व्यापक फेरबदल किया है। देश और दुनिया के कोने-कोने से प्रतिदिन यहाँ पहुँचने वाले लाखों भक्तों को सड़कों पर होने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से स्थायी मुक्ति दिलाने के लिए कई सख्त दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। मुख्य मार्गों पर चलने वाले ई-रिक्शा, ऑटो-टेम्पो और इको जैसी सवारी गाड़ियों के चालकों द्वारा की जाने वाली अनियंत्रित पार्किंग और सवारी बैठाने के लिए मची होड़ को रोकने के उद्देश्य से इस नई व्यवस्था का खाका तैयार किया गया है। अब किसी भी व्यावसायिक वाहन को सड़क किनारे मनमर्जी से गाड़ी खड़ी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, बल्कि सभी चालकों को निर्धारित स्टैंड पर कतारबद्ध तरीके से अपनी गाड़ियाँ लगानी होंगी और अपनी बारी आने पर ही यात्रियों को बैठाना होगा। पुलिस अधिकारियों की बैठक और पार्किंग स्थलों का भौतिक सत्यापन यातायात को सुचारू बनाने की इस पूरी रणनीति को अंतिम रूप खाटूश्यामजी थानाधिकारी इन्द्राज मरोडिया तथा यातायात प्रभारी एसआई रामावतार की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में दिया गया। इस बैठक में क्षेत्र के विभिन्न वाहन चालकों और उनके प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का आयोजन करने से पूर्व पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की विशेष टीम ने स्थानीय पार्किंग क्षेत्रों का गहन सर्वे और भौतिक सत्यापन किया था। इस निरीक्षण के दौरान टीम ने चिमनी स्टैंड, 40 बीघा पार्किंग, गड्डा पार्किंग और 52 बीघा क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों और वाहन प्रतिनिधियों के बीच हुई लंबी चर्चा के बाद शुरुआती चरण में सभी व्यावसायिक वाहनों को चिमनी स्टैंड पर ही खड़ा करने और वहीं से क्रमबद्ध संचालन करने पर सहमति बनी है। चिमनी स्टैंड बनेगा मुख्य वाहन डिपो, लगेगा निर्धारित शुल्क प्रशासन की योजना के अनुसार, चिमनी स्टैंड से संचालित होने वाली इस नई व्यवस्था का अगले कुछ सप्ताह तक बारीकी से परीक्षण किया जाएगा। पुलिस अधिकारी इस दौरान मिलने वाले व्यावहारिक परिणामों और यातायात के दबाव की निरंतर समीक्षा करेंगे। यदि यह प्रयोग सफल रहता है और सड़कों पर जाम की समस्या समाप्त होती है, तो चिमनी स्टैंड को स्थायी तौर पर मुख्य वाहन डिपो के रूप में विकसित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, इस निर्धारित डिपो में अपनी गाड़ियाँ पार्क करने वाले चालकों को नगरपालिका अथवा प्रशासनिक व्यवस्था के अंतर्गत तय किया गया एक मामूली पार्किंग शुल्क या किराया भी अदा करना होगा। तोरणद्वार पर पिक-अप पूरी तरह बंद और कैंपर गाड़ियों पर पाबंदी मंदिर की ओर जाने वाले पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तोरणद्वार क्षेत्र के नियमों में सबसे बड़ा बदलाव किया गया है। सबसे अधिक पैदल आवाजाही वाले तोरणद्वार इलाके से ई-रिक्शा, ऑटो और इको जैसे किसी भी सवारी वाहन द्वारा यात्रियों को बैठाने या उतारने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से खुली कैंपर गाड़ियों में यात्रियों को ढोने की प्रथा को पूरी तरह गैर-कानूनी घोषित करते हुए बैन कर दिया गया है। खाटू क्षेत्र में बिना नंबर या अनाधिकृत रूप से दौड़ने वाली गाड़ियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने सभी व्यावसायिक वाहनों का स्थानीय पुलिस थाने में पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया है। अवैध पार्किंग पर सीधी जब्ती और भारी जुर्माने की चेतावनी स्थानीय पुलिस तथा यातायात विभाग ने सभी वाहन चालकों को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई चालक मुख्य सड़कों, तोरणद्वार के आसपास के हिस्सों या मंदिर की ओर जाने वाली संकरी गलियों के प्रवेश द्वार पर गाड़ी खड़ी करके रास्ते को बाधित करेगा, तो उस पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि उसकी गाड़ी को मौके पर ही जब्त कर लिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता 'श्रद्धालुओं की सुगमता और सुरक्षा पहले, वाहन चालकों की मनमानी बाद में' की नीति पर चलना है। इस कड़े कदम से खाटूश्यामजी के प्रवेश द्वारों से लेकर मुख्य मंदिर परिसर तक के रास्तों को पूरी तरह से जाम-मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसका आप पर असर खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय वाहन चालकों के लिए इस नए ट्रैफिक नियम के कई महत्वपूर्ण व्यावहारिक प्रभाव पड़ेंगे। • भारत भर के श्रद्धालुओं के लिए: खाटूश्यामजी मंदिर दर्शन के लिए आने वाले लाखों भक्तों को तोरणद्वार और मुख्य मार्गों पर लगने वाले लंबे जाम से बड़ी राहत मिलेगी। पदयात्रियों की आवाजाही सुगम होगी और मंदिर तक पहुँचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। • सीकर और खाटू क्षेत्र में: स्थानीय व्यावसायिक वाहन चालकों को अब अपनी गाड़ियाँ केवल चिमनी स्टैंड पर कतारबद्ध तरीके से पार्क करनी होंगी। बेतरतीब पार्किंग या तोरणद्वार पर सवारी बैठाने पर गाड़ी जब्त होने और भारी जुर्माना भरने का जोखिम रहेगा। • कैंपर और ई-रिक्शा चालकों के लिए: खुली कैंपर गाड़ियों में सवारी ढोने पर पूर्ण प्रतिबंध लगने से चालकों को सुरक्षित विकल्प चुनने होंगे। साथ ही सभी ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को स्थानीय थाने में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सवाल-जवाब 1. खाटूश्यामजी में नई यातायात व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुगम और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना तथा मुख्य मार्गों पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत दिलाना है। 2. व्यावसायिक वाहनों के लिए पार्किंग की क्या व्यवस्था की गई है? सभी ई-रिक्शा, ऑटो और इको चालकों को चिमनी स्टैंड पर क्रमबद्ध (नंबर के अनुसार) गाड़ियाँ खड़ी करनी होंगी और बारी आने पर ही सवारी बैठाने का अवसर मिलेगा। 3. क्या तोरणद्वार से ई-रिक्शा या ऑटो में सवारी बैठा सकते हैं? नहीं, तोरणद्वार क्षेत्र से किसी भी प्रकार के सवारी वाहन द्वारा यात्री बैठाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। 4. कैंपर गाड़ियों से जुड़ी क्या नई पाबंदी लागू की गई है? सुरक्षा कारणों से खुली कैंपर गाड़ियों में सवारी ढोने को गैर-कानूनी घोषित कर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। 5. अवैध रूप से वाहन खड़ा करने पर पुलिस क्या कार्रवाई करेगी? अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और गाड़ियों को सीधे जब्त कर लिया जाएगा। 6. क्या चिमनी स्टैंड पर गाड़ी पार्क करने का कोई शुल्क लगेगा? हाँ, निर्धारित स्टैंड पर गाड़ी पार्क करने वाले चालकों को नगरपालिका या प्रशासन द्वारा तय मामूली शुल्क देना होगा। https://trendkia.com/rajasthan/sikar-ke-khatu-shyam-ji-men-shraddhaluon-ko-jama-se-milegi-mukti-toran-dwar-para-paisenjara-vahanon-para-baina-aura-chimni-stand-s-26827 TrendKia — Har trend, sabse pehle.