# सीकर शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने के लिए सड़क पुलिस का नया एक्शन प्लान, सितंबर से भारी वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध

> सीकर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस सितंबर से प्रमुख सड़कों पर स्पाइक्स, हाइट राइडर और डेलिनेटर्स लगाने जा रही है। वन-वे रूट और नए बस स्टैंडों के जरिए शहर को रोज-रोज के जाम से राहत दिलाने की तैयारी की गई है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-08-28 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/sikar-shahara-ko-traiphika-jama-se-mukta-karane-ke-lie-saraka-pulisa-ka-naya-ekshana-plana-sitnbara-se-bhari-vahanon-para-lagega-p-23436 · **Language:** Hindi
**Tags:** सीकर न्यूज़, सीकर ट्रैफिक पुलिस, राजस्थान समाचार, ट्रैफिक जाम, नगर परिषद सीकर, मनोज भाटीवाड़, सड़क सुरक्षा

राजस्थान के सीकर शहर में लगातार गहराती यातायात जाम की समस्या से नागरिकों को मुक्ति दिलाने के लिए यातायात पुलिस ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इस नए मास्टर प्लान को सितंबर महीने से धरातल पर उतारने की पूरी तैयारी कर ली गई है। योजना के मुख्य केंद्र बिंदु में शहर की मुख्य सड़कों पर आधुनिक यातायात नियंत्रण उपकरण स्थापित करना शामिल है। इसके तहत प्रमुख मार्गों पर हाइट राइडर, स्पाइक्स और डेलिनेटर्स लगाए जाएंगे। यातायात प्रभारी मनोज भाटीवाड़ ने जानकारी दी है कि इस पूरी कवायद का मूल ध्येय भारी व्यावसायिक वाहनों को भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में दाखिल होने से रोकना और आम जनता के लिए आवागमन को सुचारू बनाना है।

## भारी वाहनों की नो-एंट्री और आधुनिक ट्रैफिक तकनीक
शहर की तंग सड़कों पर बेतरतीब ढंग से दौड़ने वाले भारी वाहन लंबे समय से भीषण जाम का कारण बनते रहे हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए यातायात पुलिस ने बुनियादी ढांचे में बदलाव का फैसला किया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद निर्धारित ऊंचाई से अधिक बड़े वाहन शहर के अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा सड़कों पर वाहनों की गति और दिशा नियंत्रित करने के लिए आधुनिक सुरक्षा उपाय अपनाए जा रहे हैं। नगर परिषद और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय से इस योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

## वन-वे मार्ग और स्पाइक्स से थमेगा गलत दिशा का ट्रैफिक
शहर के सबसे व्यस्त व्यापारिक और आवासीय क्षेत्रों में यातायात का दबाव घटाने के लिए दो प्रमुख रास्तों को एकतरफा यानी वन-वे घोषित किया जा रहा है। योजना के तहत सूरजपोल गेट से अजमेर स्टैंड की तरफ जाने वाले रास्ते को वन-वे किया जाएगा। इसके साथ ही घंटाघर से वापस सूरजपोल गेट की ओर आने वाले मार्ग पर भी केवल एक ही दिशा में वाहन चल सकेंगे। इन मार्गों पर वन-वे नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए सड़कों पर टायर पंचर करने वाले स्पाइक्स लगाए जाएंगे। यदि कोई चालक विपरीत दिशा से वाहन घुसाने का प्रयास करेगा तो ये स्पाइक्स उसके वाहनों के टायरों को नुकसान पहुंचाएंगे। पुलिस का मानना है कि इससे गलत दिशा में ड्राइविंग की आदत पर पूर्ण विराम लगेगा और हादसों का खतरा कम होगा। स्थिति की समीक्षा के बाद शहर के अन्य मार्गों पर भी यह व्यवस्था लागू की जा सकती है।

## डेलिनेटर्स और डिपो तिराहा मार्ग पर लेन व्यवस्था
शहर में सुव्यवस्थित यातायात संचालन के लिए डिपो तिराहे से मंडी की ओर जाने वाले रास्ते पर डेलिनेटर्स लगाए जाएंगे। इन डेलिनेटर्स के जरिए सड़क को स्पष्ट रूप से दो अलग-अलग लेन में विभाजित किया जाएगा। इससे वाहनों की बेतरतीब आवाजाही और एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ पर रोक लगेगी। यातायात पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लेन अनुशासन कायम होने से वाहन चालकों को स्पष्ट रास्ता मिलेगा और चौराहे के पास लगने वाले अवांछित जाम से मुक्ति मिलेगी। यदि डिपो तिराहा मार्ग पर यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे शहर की अन्य मुख्य सड़कों पर भी विस्तार दिया जाएगा।

## प्रवेश द्वारों पर हाइट राइडर से रुकेगी बड़ी गाड़ियां
भारी मालवाहक वाहनों को शहर की संकरी सड़कों पर आने से रोकने के लिए प्रवेश द्वारों पर हाइट राइडर यानी लोहे के ऊंचे बैरियर लगाए जा रहे हैं। इस अभियान का पहला चरण दूजोद गेट से लेकर चांदपोल गेट तक के रास्ते पर शुरू किया जाएगा। इस हिस्से में हाइट राइडर लगने से तय सीमा से अधिक ऊंचे ट्रकों और कंटेनरों का प्रवेश अपने आप बंद हो जाएगा। प्रथम चरण पूरा होने के बाद शहर के बाकी सभी प्रवेश मार्गों पर भी इसी तरह के बैरियर खड़े किए जाएंगे। यातायात पुलिस ने सितंबर माह तक सभी हाइट राइडर लगाने का कार्य हर हाल में पूरा करने की समयसीमा निर्धारित की है।

## पूर्व में किए गए बदलाव और बस स्टैंडों का स्थानांतरण
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूर्व में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुका है, जिनके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। उदाहरण के तौर पर बजरंग कांटा चौराहे पर पहले नागौर, कुचामन, डीडवाना और लोसल की तरफ जाने वाली बसें बीच सड़क पर रुकती थीं, जिससे वहां हर समय जाम की स्थिति बनी रहती थी। इस समस्या का समाधान करते हुए नगर परिषद के पास स्थित करीब 150 फीट खाली जमीन पर एक अस्थायी बस स्टैंड का निर्माण कराया गया। इस कदम से बजरंग कांटा पर बसों के जमावड़े से होने वाली परेशानी काफी हद तक समाप्त हो गई।

इसी प्रकार रानी सती की तरफ से आने वाली बसों का अंबेडकर सर्किल पर ठहराव होने के कारण टी-पॉइंट पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप्प हो जाता था। प्रशासन ने तुरंत निर्णय लेते हुए बसों का स्टॉप संतोषी माता मंदिर के पास स्थानांतरित कराया और वहां ऑटो-टेंपो के संचालन के लिए अलग लेन बनाई। इसके अलावा पिपराली सर्किल पर भी बड़ा सुधार किया गया, जहां झुंझुनूं जाने वाली बसों का स्टैंड सर्किल से लगभग 150 मीटर आगे बिजली विभाग कार्यालय के पास शिफ्ट किया गया। वहीं जयपुर जाने वाली बसों का ठहराव सर्किल से 100 मीटर दूर तय किया गया। इन बदलावों के बाद पिपराली सर्किल पर बसों का जमावड़ा पूरी तरह बंद हो गया और वाहन निर्बाध रूप से गुजरने लगे।

## कोर्ट रोड और ऑटो स्टैंड सुधार कार्य
अदालत परिसर के आसपास की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं। पूर्व में आनंद रेस्टोरेंट के समीप ऑटो चालकों के अव्यवस्थित ढंग से वाहन खड़े करने के कारण कोर्ट रोड के ठीक सामने भारी जाम लगा रहता था। आम जनता की असुविधा को देखते हुए केनरा बैंक के पास ऑटो-रिक्शा और मिनी बसों के लिए एक व्यवस्थित स्टैंड आवंटित किया गया, जिससे इस व्यस्त सड़क पर आवाजाही सुगम हो गई। वर्तमान में नए एक्शन प्लान के तहत स्पाइक्स और डेलिनेटर्स लगाने के लिए नगर परिषद की ओर से निविदाएं जारी की जा चुकी हैं और संबंधित ठेकेदारों को जल्द से जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दे दिए गए हैं। यातायात प्रभारी मनोज भाटीवाड़ ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे के इस सुदृढ़ीकरण से सीकर शहर का यातायात ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा।

## इसका आप पर असर
सीकर शहर में सितंबर से लागू होने वाला नया ट्रैफिक प्लान आम लोगों और वाहन चालकों के लिए दैनिक यात्रा समय को काफी कम करेगा।

- **भारत में:** शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रबंधन और स्पाइक्स बैरियर के इस्तेमाल को लेकर अन्य नगर निगमों के लिए यह एक व्यावहारिक मॉडल बन सकता है। देश भर के छोटे शहरों में बिना बाईपास के भारी वाहनों का प्रवेश नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
- **सीकर में:** शहर के मुख्य बाजारों और पुरानी सड़कों पर लगने वाले घंटों लंबे जाम से राहत मिलेगी, जिससे स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वालों का समय बचेगा।
- **स्थानीय यात्रियों के लिए:** सूरजपोल गेट, घंटाघर और अजमेर स्टैंड के आसपास वन-वे ट्रैफिक होने से वाहन चालकों को तय लेन में चलने की आदत पड़ेगी और हादसे घटेंगे।
- **व्यापारियों और दुकानदारों के लिए:** डिपो तिराहा से मंडी मार्ग पर डेलिनेटर्स लगने से ग्राहकों के लिए दुकानों तक पहुंचना आसान होगा और गाड़ियों की अनियंत्रित पार्किंग बंद होगी।
- **भारी वाहन चालकों के लिए:** दूजोद गेट से चांदपोल गेट की तरफ जाने वाले बड़े ट्रकों को शहर के बाहर से वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ेगा, वरना हाइट राइडर से टकराने का जोखिम रहेगा।

## सवाल-जवाब

### 1. सीकर में नया ट्रैफिक प्लान कब से लागू हो रहा है?
यातायात पुलिस और नगर परिषद की यह नई कार्ययोजना सितंबर महीने से पूरी तरह लागू की जाएगी।

### 2. शहर की किन सड़कों को वन-वे बनाया जा रहा है?
सूरजपोल गेट से अजमेर स्टैंड मार्ग तथा घंटाघर से सूरजपोल गेट की तरफ जाने वाले रास्ते को वन-वे बनाया जाएगा।

### 3. गलत दिशा से आने वाले वाहनों को रोकने के लिए क्या तकनीक इस्तेमाल होगी?
वन-वे मार्गों पर रिवर्स दिशा से आने वाले वाहनों के टायरों को रोकने के लिए सड़क पर स्पाइक्स लगाए जाएंगे।

### 4. भारी वाहनों का प्रवेश शहर में कैसे रोका जाएगा?
दूजोद गेट से चांदपोल गेट तक और शहर के अन्य प्रवेश द्वारों पर हाइट राइडर बैरियर लगाए जाएंगे, जिससे ऊंचे भारी वाहन प्रवेश नहीं कर सकेंगे।

### 5. डिपो तिराहा से मंडी मार्ग पर क्या बदलाव किया जा रहा है?
इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को दो सुव्यवस्थित हिस्सों में बांटने के लिए डेलिनेटर्स लगाए जाएंगे।

### 6. क्या स्पाइक्स और डेलिनेटर्स लगाने के लिए टेंडर जारी हो चुके हैं?
हां, नगर परिषद की ओर से टेंडर जारी कर ठेकेदारों को काम शुरू करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

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