सीकर के सुंदरपुरा में बनेगा बाबा श्याम मंदिर जैसा रेलवे स्टेशन, जीएम ने किया भूमि निरीक्षण सीकर जिले के सुंदरपुरा में प्रस्तावित खाटूश्यामजी रेलवे स्टेशन के लिए महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने जमीन का निरीक्षण किया, जिससे निर्माण जल्द शुरू होने के संकेत मिले हैं। करीब 32 करोड़ की लागत वाला यह स्टेशन बाबा श्याम मंदिर की शैली में बनेगा और रींगस स्टेशन पर बढ़ते दबाव को कम करेगा। राजस्थान के सीकर जिले में खाटूश्यामजी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ट्रेन यात्रा जल्द आसान होने वाली है। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने सुंदरपुरा गांव में प्रस्तावित रेलवे स्टेशन के लिए तय की गई जमीन का दौरा किया और अधिकारियों से परियोजना की मौजूदा स्थिति पर बातचीत की। इस दौरे में उन्होंने साफ कर दिया कि निर्माण कार्य को अब ज्यादा दिन टाला नहीं जाएगा। निरीक्षण के दौरान क्या हुआ दौरे के वक्त महाप्रबंधक ने प्रस्तावित स्टेशन का नक्शा देखा और इंजीनियरों के साथ निर्माण की तैयारियों को लेकर लंबी बातचीत की। उन्होंने इलाके के जनप्रतिनिधियों, पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती और स्थानीय ग्रामीणों से भी मुलाकात की और उनसे स्टेशन की सही लोकेशन, खाटूश्यामजी मंदिर से इसकी दूरी और श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए मौजूद सड़कों की जानकारी ली। इस पूरी कवायद से यह संकेत मिला कि रेलवे इस परियोजना को लेकर कितना गंभीर है। कहां और कैसा होगा स्टेशन यह स्टेशन सीकर जिले के पलसाना ब्लॉक के सुंदरपुरा गांव में बनाया जाएगा और इसकी जगह जयपुर-सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग के करीब रखी गई है। खाटूश्यामजी मंदिर से इसकी दूरी लगभग 11 किलोमीटर होगी। इसकी सबसे दिलचस्प बात यह है कि स्टेशन की इमारत बाबा श्याम मंदिर की स्थापत्य शैली से मिलती-जुलती बनाई जाएगी, यानी ट्रेन से उतरते ही श्रद्धालुओं को मंदिर जैसा माहौल महसूस होगा। रींगस पर दबाव घटेगा, दो रास्ते मिलेंगे अभी तक ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं के पास रींगस रेलवे स्टेशन ही एकमात्र बड़ा सहारा है। मेलों और खास मौकों पर यहां भीड़ इतनी बढ़ जाती है कि रेलवे को कई बार अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलानी पड़ती हैं, क्योंकि कुछ दिनों में लाखों श्रद्धालु सिर्फ रींगस स्टेशन पर पहुंच जाते हैं। सुंदरपुरा में नया स्टेशन बनने के बाद रींगस पर यह भारी दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्टेशन से मंदिर तक दो रास्ते तैयार किए गए हैं। पहला रास्ता मंडा रोड से होते हुए सीधे मंदिर तक जाएगा, जिसकी दूरी करीब 11 से 12 किलोमीटर रहेगी। दूसरा रास्ता पलसाना बाईपास, गोवटी, डूकिया और सांवलपुरा गांवों से गुजरते हुए मंदिर पहुंचेगा, जिससे यात्रियों के पास आवागमन के लिए एक और विकल्प भी रहेगा। करीब 32 करोड़ की लागत, मिलेंगी ये सुविधाएं इस रेलवे स्टेशन को बनाने में लगभग 32 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यहां डबल ट्रैक, दो प्लेटफॉर्म, बड़ा प्रतीक्षालय, टिकट बुकिंग और रिजर्वेशन काउंटर, क्लॉक रूम और बड़ी पार्किंग जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। यह स्टेशन 17.49 किलोमीटर लंबी रींगस-खाटूश्याम नई रेल लाइन परियोजना का अहम हिस्सा है, जिसके पूरा होने से आसपास के गांवों के विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी। मंजूरी मिल चुकी, अब जमीन अधिग्रहण का इंतजार रेलवे बोर्ड इस परियोजना को पहले ही अपनी मंजूरी दे चुका है और सर्वे तथा डीपीआर का काम भी पूरा हो चुका है। अब सिर्फ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पहले स्थानीय स्तर पर हुए विरोध के चलते स्टेशन की जगह बदलनी पड़ी थी, लेकिन अब सुंदरपुरा को ही अंतिम स्थान मान लिया गया है। रेलवे का लक्ष्य है कि अगले 10 से 12 महीनों में सारी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करके निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। इसका आप पर असर यह खबर सीधे तौर पर खाटूश्यामजी आने वाले श्रद्धालुओं और सीकर इलाके के लोगों को प्रभावित करती है। • भारत भर में: देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को अब रींगस स्टेशन की भीड़ और स्पेशल ट्रेनों के इंतजार से राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे यात्रा आसान होगी। • सीकर में: सुंदरपुरा और आसपास के पलसाना क्षेत्र में नया स्टेशन बनने से स्थानीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी और आसपास के गांवों में विकास तथा रोजगार के मौके भी बढ़ सकते हैं। सवाल-जवाब 1. खाटूश्यामजी रेलवे स्टेशन कहां बनेगा? यह सीकर जिले के पलसाना ब्लॉक के सुंदरपुरा गांव में, जयपुर-सीकर राष्ट्रीय राजमार्ग के पास बनेगा। 2. नया स्टेशन खाटूश्यामजी मंदिर से कितनी दूर होगा? यह मंदिर से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर होगा। 3. इस परियोजना पर कितना खर्च आएगा? स्टेशन के निर्माण पर करीब 32 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 4. स्टेशन का डिजाइन कैसा होगा? इसकी बनावट बाबा श्याम मंदिर की स्थापत्य शैली से प्रेरित होगी। 5. अभी श्रद्धालु ट्रेन से कैसे पहुंचते हैं? फिलहाल रींगस रेलवे स्टेशन ही ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं का मुख्य विकल्प है। 6. निर्माण कार्य कब तक शुरू होगा? भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण शुरू होगा और रेलवे अगले 10 से 12 महीनों में जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करना चाहता है। 7. स्टेशन से मंदिर तक कौन-कौन से रास्ते होंगे? एक रास्ता मंडा रोड से सीधे मंदिर जाएगा और दूसरा पलसाना बाईपास, गोवटी, डूकिया और सांवलपुरा होकर मंदिर पहुंचेगा। 8. क्या इस परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है? हां, रेलवे बोर्ड परियोजना को मंजूरी दे चुका है और सर्वे व डीपीआर का काम पूरा हो चुका है। https://trendkia.com/rajasthan/sikara-ke-sundarpura-men-banega-baba-shyam-mndira-jaisa-relave-steshana-gm-ne-kiya-bhumi-nirikshana-9104 TrendKia — Har trend, sabse pehle.