सीकर में नवलगढ़ पुलिया से ट्रैफिक जाम का झंझट खत्म, अगले महीने से दौड़ेगी फर्राटा सीकर के नवलगढ़ बस स्टैंड पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए तैयार है नई फोरलेन पुलिया। 80 करोड़ रुपए की लागत से बनी यह परियोजना कोचिंग छात्रों और शहरवासियों के सफर को आसान बनाएगी। सीकर वासियों के लिए एक राहत भरी खबर है कि नवलगढ़ पुलिया का निर्माण कार्य अब पूरा होने को है और यह जल्द ही आम जनता के लिए खोल दी जाएगी। करीब 80 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से तैयार इस प्रोजेक्ट के तहत अगले महीने से वाहनों का आवागमन शुरू होने की प्रबल संभावना है। इस पुलिया के निर्माण का मुख्य उद्देश्य शहर में यातायात के भारी दबाव को कम करना है, विशेष रूप से बरसात के मौसम में जब नवलगढ़ बस स्टैंड पर जलभराव के चलते लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता था। नई पुलिया का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि यह बस स्टैंड के आगे जाकर खुलती है, जिससे पिपराली रोड के व्यस्त इलाके में ट्रैफिक की समस्या से स्थाई समाधान मिल सके। खाली जगह का सदुपयोग निर्माण कार्य के दौरान पुलिया के निचले हिस्से में काफी स्थान शेष रह गया है, खासकर फतेहपुर रोड की ओर खाली जगह अधिक उपलब्ध है। प्रशासन इस स्थान को व्यवस्थित पार्किंग क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना बना रहा है। इससे कलेक्ट्रेट परिसर में सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों को वहां स्थानांतरित करना संभव हो पाएगा। 18 अप्रैल 2025 को शुरू हुई यह परियोजना महज 14 महीनों के रिकॉर्ड समय में पूरी की गई है, जिससे अब नवलगढ़ रोड और पिपराली रोड के निवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पुरानी पुलिया के बोझ को कम करेगी नई फोरलेन संरचना शहर की मौजूदा पुरानी पुलिया वर्तमान में यातायात का सबसे व्यस्त बिंदु है, जहां से प्रतिदिन हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। संकरी होने के कारण इस पुरानी पुलिया पर सुबह और शाम को लंबा जाम लगना रोजमर्रा की बात बन गई थी। नई फोरलेन पुलिया के शुरू होने से न केवल आवाजाही सुगम होगी, बल्कि यातायात जाम, सड़क हादसों की संभावनाओं और ईंधन की बर्बादी में भी भारी कमी आएगी। जाम में वाहनों के घंटों खड़े रहने से जो प्रदूषण फैलता था, उसमें भी कटौती होगी। नवलगढ़ रोड, पिपराली रोड, कलेक्ट्रेट और डाक बंगला जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ट्रैफिक का बोझ काफी हद तक बट जाएगा, जिससे जनता के पेट्रोल और डीजल पर होने वाले आर्थिक नुकसान में भी बचत होगी। शिक्षा नगरी के लिए विशेष सौगात सीकर आज एक प्रमुख शिक्षा नगरी के रूप में स्थापित हो चुका है, जहां नवलगढ़ रोड और पिपराली रोड के आसपास 100 से ज्यादा शिक्षण संस्थान, स्कूल और कॉलेज स्थित हैं। इन संस्थानों में आने-जाने वाले हजारों विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और स्टाफ सदस्यों को प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरना पड़ता है। फोरलेन पुलिया के शुरू होने से यह पूरा इलाका जाम मुक्त होगा, जिससे छात्रों को अपने गंतव्य तक समय पर पहुंचने में मदद मिलेगी और उनका कीमती समय बर्बाद नहीं होगा। इसका आप पर असर भारत में: बेहतर बुनियादी ढांचे और पुलों के निर्माण से वाहनों का सफर आसान होता है और ईंधन की खपत में कमी आती है। सीकर में: नवलगढ़ और पिपराली रोड के निवासियों, कोचिंग छात्रों और अभिभावकों को अब जाम में फंसने से छुटकारा मिलेगा, जिससे उनका यात्रा समय बचेगा। सवाल-जवाब 1. सीकर की नई नवलगढ़ पुलिया कब से शुरू होगी? इस नई फोरलेन पुलिया पर अगले महीने से वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। 2. इस परियोजना की कुल लागत कितनी है? इस पुलिया का निर्माण करीब 80 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। 3. यह पुलिया ट्रैफिक जाम को कैसे कम करेगी? यह पुलिया बस स्टैंड के आगे उतर रही है, जिससे नवलगढ़ रोड और पिपराली रोड के व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। 4. क्या पुलिया के नीचे पार्किंग की सुविधा होगी? हां, पुलिया के नीचे खाली बची जगह का उपयोग पार्किंग विकसित करने के लिए किया जा सकता है, विशेषकर फतेहपुर रोड की तरफ। 5. निर्माण कार्य कब शुरू हुआ था? इस परियोजना का काम 18 अप्रैल 2025 को शुरू हुआ था और यह करीब 14 माह में तैयार हुई है। https://trendkia.com/rajasthan/sikara-men-nawalgarh-puliya-se-traiphika-jama-ka-jhnjhata-khatma-agale-mahine-se-dauregi-pharrata-3473 TrendKia — Har trend, sabse pehle.