सिरोही का बसंतगढ़ सूर्य मंदिर: खंडहरों में दबा है 1400 साल पुराना इतिहास और पहला राजस्थानी शब्द राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित बसंतगढ़ का प्राचीन सूर्य मंदिर अपनी ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर के लिए जाना जाता है। यहाँ मिले 625 ईस्वी के शिलालेख में 'राजस्थानीयादित्य' शब्द का उल्लेख मिलता है, जो इस क्षेत्र के समृद्ध अतीत को दर्शाता है। राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित बसंतगढ़ गाँव का प्राचीन सूर्य मंदिर राज्य के सबसे पुराने सूर्य मंदिरों में अपनी एक खास पहचान रखता है। जिले के वरमान में बने सातवीं शताब्दी के सूर्य मंदिर के बाद इसी मंदिर का निर्माण हुआ था। इस ऐतिहासिक स्थल पर 625 ईस्वी का एक प्राचीन शिलालेख भी खोजा गया था, जो इस पूरे इलाके के धार्मिक और ऐतिहासिक घटनाक्रमों पर बहुत महत्वपूर्ण रोशनी डालता है। पिंडवाड़ा से दूरी और प्राचीन वटपुर का इतिहास पिंडवाड़ा कस्बे से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बसंतगढ़ गाँव में बना यह सूर्य मंदिर क्षेत्र के सबसे पुराने मंदिरों में शुमार किया जाता है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस मंदिर का इतिहास करीब दो हजार वर्ष पुराना माना जाता है। बसंतगढ़ में मिले 625 ईस्वी के उस शिलालेख का संबंध राजा वरमलात के शासनकाल से था, जिसमें अर्बुद क्षेत्र के सामंत राज्जिल और उस दौर की धार्मिक गतिविधियों का विस्तार से जिक्र मिलता है। पुराने समय में बसंतगढ़ को वटपुर नाम से भी पुकारा जाता था। यह अभिलेख इस क्षेत्र की राजनीतिक और धार्मिक स्थिति को गहराई से समझने में काफी मददगार साबित होता है। इसके आसपास अचलगढ़ किले के अवशेष, लाहिनी बावड़ी और ब्रह्मा मंदिर जैसी ऐतिहासिक जगहें भी मौजूद हैं। शिलालेख में मिला था 'राजस्थानी' शब्द का पहला उल्लेख इतिहासकार डॉ. उदयसिंह डिंगार के अनुसार, बसंतगढ़ से प्राप्त शिलालेख में 'राजस्थानीयादित्य' शब्द का उल्लेख देखने को मिलता है। इसे प्राचीन काल में 'राजस्थान' शब्द के सबसे शुरुआती प्रयोगों में से एक माना जाता है। वर्ष 625 ईस्वी में इस संपूर्ण क्षेत्र पर चापवंशीय राजा वरमलात का शासन था और उनके सामंत राज्जिल आबूराज क्षेत्र की कमान संभालते थे। बाद में महाराणा कुंभा ने बसंतगढ़ पर विजय प्राप्त की और यहाँ बसंति दुर्ग का निर्माण करवाया। इसी दुर्ग के नाम पर आगे चलकर इस पूरे क्षेत्र का नाम बसंतगढ़ पड़ा। आज भी इस पहाड़ी पर किले की दीवारों के अवशेष दूर-दूर तक फैले हुए नजर आते हैं। उपेक्षा और आक्रमणों के बीच खंडहर बनता बसंतगढ़ समय बीतने के साथ बसंतगढ़ का यह प्राचीन इतिहास धीरे-धीरे गुमनामी के अंधेरे में चला गया। स्थानीय मान्यताओं और ब्यौरों के मुताबिक, विदेशी आक्रमणों के दौरान यहाँ के मंदिरों को भारी नुकसान पहुँचाया गया और बड़े पैमाने पर लूटपाट भी हुई। ऐसा बताया जाता है कि महमूद गजनवी और अलाउद्दीन खिलजी के हमलों के दौरान इन मंदिरों को निशाना बनाया गया, जिससे सूर्य मंदिर का गुंबद और उसकी मूर्तियाँ भी खंडित हो गईं। स्थानीय बुजुर्ग किशन सिंह के अनुसार, बसंतगढ़ के इस सूर्य मंदिर की मुख्य पहचान इसकी पारंपरिक पत्थर की नक्काशी और अद्भुत शिल्पकारी से जुड़ी हुई है। इसके बचे हुए अवशेष प्राचीन मंदिर निर्माण शैली की एक बेहतरीन झलक पेश करते हैं। वक्त के पहिए के साथ इस मंदिर की संरचना को काफी क्षति पहुँची है, लेकिन इसके जो अवशेष आज भी बचे हुए हैं, वे इतिहास प्रेमियों के लिए खासे महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान समय में यह पूरा मंदिर परिसर पुरातत्व विभाग के संरक्षण में आता है। इसका आप पर असर इस ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल की जानकारी से स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को बढ़ावा मिल सकता है। • राजस्थान में: यह खोज राज्य के प्राचीन इतिहास और संस्कृति के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाती है। • सिरोही में: स्थानीय निवासियों और प्रशासन के लिए पर्यटन विकास तथा प्राचीन स्मारकों के संरक्षण की दिशा में नए अवसर खुल सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह क्षेत्र प्राचीन काल से राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रहा है, जिसके साक्ष्य यहाँ मिले शिलालेखों और अवशेषों में सुरक्षित हैं। • ऐतिहासिक साक्ष्य: 625 ईस्वी के शिलालेख में राजा वरमलात और सामंत राज्जिल के शासन का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। • विदेशी आक्रमण: इतिहास के विभिन्न कालखंडों में विदेशी आक्रमणकारियों द्वारा मंदिरों को पहुँचाए गए नुकसान के कारण यह स्थल खंडहर में बदल गया। • राजवंशों का प्रभाव: बाद के समय में महाराणा कुंभा द्वारा विजय प्राप्त कर दुर्ग निर्माण किए जाने से इस स्थान का रणनीतिक महत्व और बढ़ गया। सवाल-जवाब 1. बसंतगढ़ का सूर्य मंदिर कहाँ स्थित है? यह मंदिर राजस्थान के सिरोही जिले के पिंडवाड़ा कस्बे से करीब 13 किलोमीटर दूर बसंतगढ़ गाँव में स्थित है। 2. बसंतगढ़ में मिले शिलालेख का संबंध किस राजा से है? बसंतगढ़ में मिला 625 ईस्वी का शिलालेख राजा वरमलात के शासनकाल से संबंधित है। 3. शिलालेख में किस शब्द का प्रारंभिक उल्लेख मिलता है? इस शिलालेख में 'राजस्थानीयादित्य' शब्द का उल्लेख मिलता है, जो 'राजस्थान' शब्द के शुरुआती प्रयोगों में माना जाता है। 4. बसंतगढ़ में बसंति दुर्ग का निर्माण किसने करवाया था? महाराणा कुंभा ने बसंतगढ़ पर विजय हासिल करने के बाद यहाँ बसंति दुर्ग का निर्माण करवाया था। 5. वर्तमान में बसंतगढ़ का सूर्य मंदिर किस विभाग के अधीन है? वर्तमान में यह प्राचीन मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन संरक्षित है। https://trendkia.com/rajasthan/sirohi-ka-basantgarh-surya-mandir-khandharon-mein-daba-hai-1400-saal-purana-itihas-50583 TrendKia — Har trend, sabse pehle.