सिरोही के नितोड़ा गांव में खेत में निकला 8 फीट लंबा मगरमच्छ, एक घंटे में पकड़ा गया आबूरोड-स्वरूपगंज हाइवे के पास नितोड़ा में 50 किलो से अधिक वजनी मगरमच्छ मिलने से हड़कंप मच गया, जिसे रेस्क्यू कर वेस्ट बनास बांध में छोड़ा गया। सिरोही जिले के आबूरोड-स्वरूपगंज हाइवे के नजदीक स्थित नितोड़ा गांव में रात के वक्त उस समय हड़कंप मच गया, जब किसानों ने एक खेत के बीच विशाल मगरमच्छ को रेंगते हुए देखा। खेत में करीब 8 फीट लंबे और 50 किलोग्राम से अधिक वजनी जलीय जीव की मौजूदगी से आसपास मौजूद ग्रामीणों और किसानों में भारी दहशत फैल गई। गांव की आबादी और खेतों के ठीक पास इतने बड़े शिकारी जीव को देखकर लोगों को अपनी और मवेशियों की सुरक्षा का खतरा सताने लगा, जिसके बाद तत्काल वन विभाग को मामले से अवगत कराया गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा वन अमला वन विभाग के कर्मचारियों को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, टीम बिना देरी किए नितोड़ा गांव पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन अमले ने वन्यजीव प्रेमी संगठन रेस्क्यू रास्कल्स के सदस्यों को मौके पर बुलवाया। रेस्क्यू टीम के सदस्य चिंटू यादव ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि रात के समय किसान अपने खेतों में मौजूद थे और वहां मवेशियों का आना-जाना भी चल रहा था, तभी अचानक इस भारी-भरकम मगरमच्छ पर ग्रामीणों की नजर पड़ी। सावधानी के साथ चलाया गया एक घंटे का सर्च व बचाव अभियान घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव दल ने सबसे पहले वहां जमा हुई भीड़ को नियंत्रित किया और सभी ग्रामीणों को मगरमच्छ से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी। मगरमच्छ का आकार विशाल होने के कारण उसे सुरक्षित तरीके से काबू में करना काफी चुनौतीपूर्ण काम था। इसके बावजूद टीम ने आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए करीब 1 घंटे तक कड़ी मशक्कत की और रात में ही मगरमच्छ को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। इस पूरे संयुक्त ऑपरेशन में रेस्क्यू रास्कल्स दल के राहुल प्रजापत, यसस्वी सेन और मनोज राणा ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं वन विभाग की तरफ से नाथूराम जी भी पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर डटे रहे और समन्वय बनाया। वेस्ट बनास बांध में सुरक्षित छोड़ा गया जलीय जीव रेस्क्यू पूरा होने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों की सीधी निगरानी में इस 8 फीट लंबे मगरमच्छ को धनारी स्थित वेस्ट बनास बांध के गहरे पानी में सुरक्षित छोड़ दिया गया। विशालकाय जीव के पकड़े जाने और प्राकृतिक वास में छोड़े जाने के बाद ही नितोड़ा गांव के किसानों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कम बारिश और सूखे जलस्रोतों के चलते आबादी की ओर रुख इस वर्ष मानसून के दौरान सिरोही जिले में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। कम बारिश के कारण क्षेत्र के अधिकांश पारंपरिक तालाब और बांध पूरी तरह सूखे पड़े हैं या उनमें जलस्तर बेहद नीचे चला गया है। पानी की भारी किल्लत के चलते इन जलस्रोतों में रहने वाले जलीय जीव और मगरमच्छ अब भोजन तथा नमी की तलाश में इंसानी बस्तियों और खेतों की तरफ रुख कर रहे हैं। बचाव दल और वन कर्मियों ने खेतों, कुओं और जलस्रोतों के पास काम करने वाले किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है ताकि किसी भी अप्रिय हादसे से बचा जा सके। इसका आप पर असर खेतों में मगरमच्छ निकलने की यह घटना किसानों और ग्रामीणों के लिए सीधी सुरक्षा चेतावनी है। • भारत में: कम मानसूनी बारिश के कारण देश के कई सूखाग्रस्त इलाकों में जलीय वन्यजीवों का इंसानी बस्तियों की ओर पलायन बढ़ रहा है। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को रात के समय खेतों में सिंचाई या पहरेदारी करते समय विशेष सतर्कता रखनी चाहिए। • सिरोही में: आबूरोड-स्वरूपगंज क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों को सूखे जलस्रोतों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। यदि आसपास कोई जलीय जीव दिखे तो ग्रामीण खुद उसे पकड़ने का जोखिम न उठाएं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें। • पशुपालकों के लिए: रात के समय मवेशियों को खेतों में खुला छोड़ने के बजाय सुरक्षित बाड़ों में बांधकर रखें। इससे सूखे के चलते भटक रहे मांसाहारी वन्यजीवों के हमले से पालतू पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। • आपातकालीन संपर्क: ग्रामीण इलाकों में वन्यजीव दिखने पर स्थानीय वन विभाग और अधिकृत रेस्क्यू दलों के फोन नंबर पंचायत या गांव में सुलभ रखें। त्वरित सूचना मिलने पर रेस्क्यू दल समय रहते स्थिति संभाल सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ सिरोही जिले में खेत के अंदर मगरमच्छ के पहुंचने के पीछे कमजोर बारिश और प्राकृतिक जलस्रोतों का सूखना मुख्य कारण रहा है। • सीधा कारण: क्षेत्र के प्राकृतिक जलस्रोतों में पानी सूख जाने से यह विशाल मगरमच्छ नमी और शिकार की तलाश में भटकते हुए पास के खेत तक पहुंच गया। ग्रामीणों और मवेशियों की आवाजाही के दौरान रात में इस पर लोगों की नजर पड़ी। • सूखे की पृष्ठभूमि: इस साल जिले में मानसून के दौरान काफी कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते अधिकांश स्थानीय तालाब और बांध सूख चुके हैं। जलस्तर खत्म होने से जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो गया है और वे आबादी की तरफ रुख कर रहे हैं। • बचाव और समाधान: वन विभाग और रेस्क्यू रास्कल्स की टीम ने करीब एक घंटे की मशक्कत से इसे पकड़कर पर्याप्त पानी वाले वेस्ट बनास बांध में स्थानांतरित कर दिया। अधिकारियों ने स्थिति को देखते हुए जलस्रोतों के पास रहने वालों को निरंतर सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। सवाल-जवाब 1. मगरमच्छ कहां और किस समय देखा गया था? यह मगरमच्छ सिरोही जिले के आबूरोड-स्वरूपगंज हाइवे के पास नितोड़ा गांव के एक खेत में रात के समय देखा गया था। 2. खेत में मिले मगरमच्छ की लंबाई और वजन कितना था? रेस्क्यू टीम के अनुसार मगरमच्छ लगभग 8 फीट लंबा था और उसका वजन 50 किलोग्राम से अधिक था। 3. रेस्क्यू ऑपरेशन में कितना समय लगा और किसने इसे अंजाम दिया? इस ऑपरेशन में करीब 1 घंटे का समय लगा, जिसे वन विभाग और रेस्क्यू रास्कल्स संगठन की टीम ने मिलकर पूरा किया। 4. रेस्क्यू किए जाने के बाद मगरमच्छ को कहां छोड़ा गया? मगरमच्छ को वन विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में धनारी स्थित वेस्ट बनास बांध में सुरक्षित छोड़ दिया गया। 5. यह मगरमच्छ खेतों और आबादी वाले इलाके में क्यों आ गया था? जिले में इस बार मानसून में कम बारिश हुई है, जिसके कारण कई तालाब और बांध सूख चुके हैं और पानी की कमी से मगरमच्छ आबादी की तरफ आ रहे हैं। https://trendkia.com/rajasthan/sirohi-ke-nitoda-ganva-men-kheta-men-nikala-8-phita-lnba-magaramachchha-eka-ghnte-men-pakara-gaya-55755 TrendKia — Har trend, sabse pehle.