सीतापुरा में मर्सिडीज वर्कशॉप में भयंकर लपटें, 8 गाड़ियां खाक होने के बाद बचीं 50 से अधिक कारें जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित मर्सिडीज वर्कशॉप में अचानक आग भड़कने से 8 लग्जरी कारें और पार्ट्स जल गए, जबकि दमकल की 10 गाड़ियों ने दो घंटे में बाकी 50 वाहनों को बचा लिया. राजस्थान की राजधानी जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार को उस समय अचानक अफरा-तफरी फैल गई जब मर्सिडीज कंपनी के एक बड़े वर्कशॉप परिसर से भयंकर लपटें उठने लगीं. देखते ही देखते इस आग ने पूरे वर्कशॉप के एक बड़े हिस्से को अपने घेरे में ले लिया, जिससे परिसर में काम कर रहे लोगों और आसपास की इकाइयों में हड़कंप मच गया. इस भयानक घटनाक्रम में वर्कशॉप के भीतर खड़ी करीब 8 कारें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं. गाड़ियों के अलावा वहां भारी मात्रा में रखी गई कारों की एसेसरीज, नए-पुराने कलपुर्जे और अन्य तकनीकी उपकरण भी लपटों की भेंट चढ़ गए. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और अग्निशमन दल के कर्मी तुरंत राहत व बचाव कार्यों के लिए रवाना हुए. आसपास खड़ी 50 से अधिक कारों पर मंडराया गंभीर खतरा जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय वर्कशॉप परिसर के अंदर 50 से ज्यादा नई और पुरानी कारें अलग-अलग हिस्सों में खड़ी थीं. परिसर में वाहनों की इतनी बड़ी तादाद होने और ऑटोमोबाइल से जुड़े ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण आग के बहुत तेजी से पूरी वर्कशॉप में फैलने की प्रबल आशंका बनी हुई थी. जैसे-जैसे आग का दायरा बढ़ रहा था, धुएं के घने गुबार ने आसमान को ढक लिया और पूरे औद्योगिक क्षेत्र में बेचैनी का माहौल बन गया. मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने तुरंत अपनी रणनीति तय की और सबसे पहले आग की लपटों को उस हिस्से की तरफ बढ़ने से रोका जहां दर्जनों अन्य कारें कतारबद्ध खड़ी थीं. राहत दलों की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बेहद बड़े नुकसान को टालने में निर्णायक भूमिका निभाई. 10 दमकलों ने दो दर्जन से ज्यादा फेरे लगाकर पाया काबू लगातार फैलती आग पर नियंत्रण पाने के लिए दमकल विभाग को करीब 10 गाड़ियां मोर्चे पर उतारनी पड़ीं. दमकल कर्मियों ने लगभग दो घंटे तक बिना रुके पानी और अन्य जरूरी अग्निशामक संसाधनों की मदद से लपटों पर चौतरफा वार किया. पानी की भारी खपत को पूरा करने के लिए दमकल की इन गाड़ियों को दो दर्जन से ज्यादा फेरे लगाने पड़े, तब जाकर आग की तीव्रता को कम किया जा सका. गाड़ियों के टायर, प्लास्टिक पार्ट्स और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण अंदर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ गया था, जिससे ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आईं. पूरी आग बुझ जाने के बाद भी राहत दलों ने वर्कशॉप के हर कोने और मलबे की बारीकी से जांच की, ताकि कहीं दबी हुई चिंगारी दोबारा से भयानक रूप न अख्तियार कर ले. एहतियातन बिजली काटी गई, शॉर्ट सर्किट का अंदेशा आग की भयावहता को देखते हुए और किसी भी अतिरिक्त खतरे से बचने के लिए प्रशासन ने सबसे पहले सीतापुरा के संबंधित इलाके की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद करा दी. बिजली कटने से दमकल कर्मियों को बिना किसी करंट के खतरे के राहत कार्य चलाने में काफी सहूलियत मिली. इसी बीच पुलिस बल ने पूरे वर्कशॉप के आसपास सुरक्षा घेरा तैयार किया और वहां जमा हो रही लोगों की भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाया. प्राथमिक स्तर पर माना जा रहा है कि यह भीषण हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ हो सकता है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के सटीक और वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है. नुकसान के आकलन और कारणों की तकनीकी जांच जारी फिलहाल पुलिस और संबंधित तकनीकी विभागों की संयुक्त टीमें इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि वर्कशॉप में आग की शुरुआत कहां से और कैसे हुई. इसके लिए परिसर में लगे विद्युत उपकरणों, वायरिंग के स्तर और अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तृत पड़ताल की जा रही है. इसके साथ ही जली हुई 8 कारों और खाक हुए पार्ट्स से हुए कुल वित्तीय नुकसान का भी आकलन तैयार किया जा रहा है. इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा संतोषजनक पहलू यह रहा कि दमकल विभाग की मुस्तैदी से 50 से अधिक कीमती कारों को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया, वरना क्षति का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता था. पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी. इसका आप पर असर इस भीषण औद्योगिक अग्निकांड से सुरक्षा नियमों और ऑटोमोबाइल वर्कशॉप्स के रखरखाव मानकों पर असर पड़ेगा. • भारत में: देश भर के ऑटोमोबाइल वर्कशॉप्स और सर्विस सेंटर्स में बिजली वायरिंग तथा अग्नि सुरक्षा ऑडिट को लेकर सख्ती बढ़ सकती है. वाहन मालिकों को भी अपने इंश्योरेंस कवरेज में वर्कशॉप या गैरेज में होने वाले नुकसान की शर्तों को ध्यान से जांचना चाहिए. • जयपुर में: सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से रोकी गई बिजली आपूर्ति को सामान्य किया जा रहा है जिससे अन्य इकाइयों को राहत मिलेगी. जिन ग्राहकों की गाड़ियां मरम्मत के लिए इस वर्कशॉप में जमा थीं, उन्हें नुकसान के दावे और अपनी कारों की सुरक्षा स्थिति जानने के लिए केंद्र से संपर्क करना होगा. • कार मालिकों के लिए: हादसे में जलकर खाक हुई 8 कारों के मालिकों को बीमा दावों के निपटारे के लिए वर्कशॉप प्रबंधन और पुलिस पंचनामे की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी. वहीं सुरक्षित बची 50 से अधिक कारों के ग्राहकों को डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ सकता है. • औद्योगिक सुरक्षा: औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों और फैक्ट्री संचालकों को आग से निपटने के प्राथमिक उपकरणों को हर समय चालू हालत में रखने की सीख मिलती है. किसी भी संदिग्ध स्पार्क या वायरिंग खराबी को तुरंत ठीक कराने से ऐसे बड़े हादसों से बचा जा सकता है. ऐसा क्यों हुआ सीतापुरा स्थित इस ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में भीषण आग लगने का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि जांच अभी जारी है. वर्कशॉप में अत्यधिक ज्वलनशील ऑटोमोबाइल सामग्री की उपस्थिति ने लपटों को तेजी से भड़काया. • शॉर्ट सर्किट की आशंका: घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार परिसर के विद्युत तारों या उपकरणों में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से चिंगारी भड़कने का अंदेशा जताया गया है. हालांकि इस बात की औपचारिक पुष्टि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही हो पाएगी. • ज्वलनशील ऑटोमोबाइल सामग्री: वर्कशॉप के अंदर गाड़ियों के रबर टायर, सीट कुशन, प्लास्टिक के कलपुर्जे और ल्यूब्रिकेंट्स मौजूद होने से आग ने तुरंत भीषण रूप ले लिया. इस तरह की सामग्री आग को तेजी से फैलाती है और घना धुआं पैदा करती है. • घनी पार्किंग: परिसर में 50 से अधिक वाहनों की मौजूदगी के कारण आग के दूसरे हिस्सों में फैलने का जोखिम बेहद बढ़ गया था. समय रहते दमकल की टीमों द्वारा पानी की बौछार करने से लपटें बाकी हिस्सों तक पहुंचने से रुक गईं. • जांच की प्रक्रिया: पुलिस और संबंधित तकनीकी एजेंसियां वर्कशॉप के विद्युत लोड, तारों की स्थिति और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कार्यप्रणाली की पड़ताल कर रही हैं. अंतिम रिपोर्ट पेश होने के बाद ही आग लगने के मूल कारण और जिम्मेदारी का निर्धारण होगा. सवाल-जवाब 1. यह भीषण आग किस स्थान पर लगी? यह अग्निकांड जयपुर के सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मर्सिडीज कंपनी के एक वर्कशॉप में हुआ. 2. इस हादसे में कुल कितनी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है? वर्कशॉप में खड़ी करीब 8 कारें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, साथ ही कई पुर्जे और एसेसरीज भी नष्ट हो गए. 3. हादसे के समय वर्कशॉप के अंदर कितनी गाड़ियां मौजूद थीं? हादसे के वक्त वर्कशॉप परिसर में 50 से अधिक नई और पुरानी कारें खड़ी थीं, जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया. 4. आग बुझाने में दमकल विभाग को कितना समय लगा? दमकल की लगभग 10 गाड़ियों ने दो दर्जन से अधिक फेरे लगाकर करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. 5. आग लगने का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है? प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, हालांकि पुलिस और तकनीकी टीम द्वारा वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है. https://trendkia.com/rajasthan/sitapura-men-mercedes-varkashopa-men-bhaynkara-lapaten-8-gariyan-khaka-hone-ke-bada-bachin-50-se-adhika-karen-36852 TrendKia — Har trend, sabse pehle.