श्रीगंगानगर के घड़साना में सिंचाई पानी पर आर-पार, 21वें दिन महापंचायत और पंचायत चुनाव बहिष्कार का अल्टीमेटम राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के घड़साना में सिंचाई पानी की मांग पर अड़े किसानों का आंदोलन 21वें दिन भी जारी रहा, जहां महापंचायत के साथ पंचायत चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया गया है। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में नहर के पानी को लेकर अन्नदाताओं का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। घड़साना में चल रहे किसान आंदोलन के 21वें दिन भी कृषक अपनी प्रमुख मांगों पर डटे रहे। उपखंड अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय के समक्ष चारों तरफ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं, जहां किसानों ने बड़े पैमाने पर पड़ाव डाल रखा है। कानून व्यवस्था सुचारू रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने पूरे इलाके में व्यापक स्तर पर पुलिस बल तैनात किया है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों का मिला साथ, मंडियों में रहा सन्नाटा इस बड़े आंदोलन को अब स्थानीय कारोबारियों का भी खुला सहयोग मिलने लगा है। किसानों के आह्वान पर घड़साना के मुख्य बाजार पूरी तरह बंद रहे। इसके साथ ही खाजूवाला, रावला, घड़साना और अनूपगढ़ की कृषि उपज मंडियों में भी कामकाज ठप रखने का फैसला किया गया। इलाके के दवा दुकानदारों और मेडिकल संचालकों ने भी किसानों के समर्थन में अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इस मुहिम में अपनी भागीदारी दर्ज कराई है। पंचायती राज चुनावों से दूरी बनाने की दो-टूक चेतावनी धरनास्थल पर बुलाई गई जन आक्रोश महासभा के दौरान किसानों ने एक स्वर में प्रशासन और सरकार को कड़ा संदेश दिया है। आंदोलनकारियों ने साफ लफ्जों में ऐलान किया कि जब तक खेतों के लिए पानी की समस्या हल नहीं होती, तब तक वे आगामी पंचायती राज चुनावों में हिस्सा नहीं लेंगे। इस दौरान 'जब तक पानी नहीं, तब तक वोट नहीं' का नारा गूंजता रहा। महासभा में आगे के संघर्ष और आंदोलन की आगामी दिशा पर भी विस्तृत चर्चा की गई। अनूपगढ़ शाखा के लिए सुरक्षित पानी और स्थायी रेगुलेशन की मांग प्रदर्शन कर रहे काश्तकारों की मुख्य मांग अनूपगढ़ शाखा के लिए सिंचाई का पानी आरक्षित रखने से जुड़ी है, जिससे इलाके में जल संकट खत्म हो सके। इसके अलावा किसान चार में से दो ग्रुप के फॉर्मूले पर आधारित छह महीने का जल रेगुलेशन लागू करने की मांग उठा रहे हैं। किसानों का तर्क है कि एक स्थायी रेगुलेशन व्यवस्था स्थापित होने से रबी की फसलों के लिए सिंचाई की योजना समय रहते बनाई जा सकेगी, जिससे फसलों को सूखने से बचाया जा सकेगा। ग्रामीण अंचलों से लगातार किसानों के जत्थे आंदोलन स्थल पर पहुंच रहे हैं। इसका आप पर असर श्रीगंगानगर और अनूपगढ़ क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई पानी की उपलब्धता और स्थानीय दैनिक जीवन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। • राजस्थान में: सीमावर्ती कृषि बेल्ट में सिंचाई जल वितरण व्यवस्था को लेकर नीतिगत दबाव बढ़ेगा। इससे आगामी पंचायती राज चुनावों में राजनीतिक दलों और प्रशासन की चुनावी तैयारियों पर सीधा असर पड़ेगा। • घड़साना और अनूपगढ़ में: खाजूवाला, रावला, घड़साना और अनूपगढ़ की मंडियां तथा बाजार बंद रहने से आम नागरिकों को रोजमर्रा के सामान और जिंसों की खरीद-फरोख्त में बाधा आ रही है। रबी की बुवाई से पहले अगर स्थायी रेगुलेशन लागू होता है तो हजारों किसानों की फसलों को समय पर पर्याप्त पानी मिल सकेगा। ऐसा क्यों हुआ घड़साना में 21 दिनों से जारी यह आंदोलन अनूपगढ़ शाखा में सिंचाई पानी की अनिश्चितता और स्थायी रेगुलेशन की मांग को लेकर भड़का है। • सिंचाई पानी का संकट: अनूपगढ़ शाखा क्षेत्र में काश्तकारों को फसलों के लिए पर्याप्त जल नहीं मिल पा रहा था, जिससे रबी सीजन की तैयारी प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि जल उपलब्धता की पूर्व गारंटी न होने से खेती पर संकट बना रहता है। • रेगुलेशन व्यवस्था की मांग: प्रदर्शनकारी चार में से दो ग्रुप के आधार पर छह महीने का निश्चित रेगुलेशन लागू कराना चाहते हैं। एक तय व्यवस्था के अभाव में किसान पानी की बारी और सिंचाई का समयबद्ध खाका तैयार नहीं कर पाते। • प्रशासनिक समाधान में देरी: आंदोलन के तीन सप्ताह बीत जाने के बावजूद ठोस समाधान न निकलने के कारण किसानों ने व्यापारिक मंडियों को बंद कराने और पंचायती चुनावों के बहिष्कार का कदम उठाया। सवाल-जवाब 1. घड़साना में किसान आंदोलन कितने दिनों से चल रहा है? घड़साना में किसान अपनी मांगों को लेकर पिछले 21 दिनों से आंदोलनरत हैं। 2. किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं? किसान अनूपगढ़ शाखा के लिए सिंचाई का पानी रिजर्व रखने और चार में से दो ग्रुप के आधार पर छह महीने का रेगुलेशन लागू करने की मांग कर रहे हैं। 3. किसानों ने किस चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है? किसानों ने पानी की मांग पूरी न होने तक आगामी पंचायती राज चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। 4. आंदोलन के समर्थन में किन-किन मंडियों को बंद रखा गया है? आंदोलन के समर्थन में खाजूवाला, रावला, घड़साना और अनूपगढ़ की मंडियों को बंद रखने का फैसला किया गया। https://trendkia.com/rajasthan/sri-ganganagar-ke-gharsana-men-sinchai-pani-para-ara-para-21ven-dina-mahapnchayata-aura-pnchayata-chunava-bahishkara-ka-altimetama-40410 TrendKia — Har trend, sabse pehle.