# श्रीगंगानगर के खेत से 7.50 करोड़ रुपये की हेरोइन जब्त, सीमा पार से ड्रोन ड्रॉपिंग का शक

> राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक खेत से पुलिस ने 1 किलो 530 ग्राम हेरोइन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब साढ़े सात करोड़ रुपये आंकी गई है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-25 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/sri-ganganagar-ke-kheta-se-7-50-karora-rupaye-ki-heroina-jabta-sima-para-se-drone-dropinga-ka-shaka-38380 · **Language:** Hindi
**Tags:** श्रीगंगानगर, हेरोइन जब्ती, हिंदूमलकोट, ड्रोन तस्करी, भारत पाकिस्तान सीमा, राजस्थान पुलिस, एनडीपीएस एक्ट

राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस ने मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप पकड़ने में सफलता हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाके में स्थित गांव 5 सी बड़ी सुजावलपुर के एक खेत से हेरोइन के दो पैकेट बरामद किए गए हैं। सीमावर्ती खेतों में फसलों के बीच नशीले पदार्थों का इस तरह मिलना स्थानीय सुरक्षा तंत्र के लिए गहरी चिंता का सबब बन चुका है, हालांकि समय रहते की गई इस छापेमारी से तस्करों की योजना पूरी तरह नाकाम हो गई।

## गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया सघन सर्च ऑपरेशन
हिंदूमलकोट थाना पुलिस को सीमावर्ती क्षेत्र में नशीले पदार्थों की खेप छिपाए जाने को लेकर पुख्ता गोपनीय इनपुट मिला था। सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस दल तुरंत हरकत में आया और गांव 5 सी बड़ी सुजावलपुर में स्थित संबंधित खेत की घेराबंदी कर ली गई। इलाके में चले सघन तलाशी अभियान के दौरान खेत की मिट्टी और फसलों के बीच छिपाकर रखे गए दो संदिग्ध पैकेट पुलिस के हाथ लगे।

पुलिस अधिकारियों की निगरानी में जब इन दोनों पैकेटों को खोलकर वजन कराया गया, तब इनमें कुल 1 किलो 530 ग्राम अवैध हेरोइन पाई गई। नशीले पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय बाजार के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार इस बरामद खेप का अनुमानित मूल्य लगभग 7 करोड़ 50 लाख रुपये आंका जा रहा है। बरामदगी के तुरंत बाद पुलिस ने संपूर्ण माल को नियमानुसार जब्त कर लिया और विधिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया।

## रात के अंधेरे में पाकिस्तानी ड्रोन से गिराए जाने की आशंका
जांच में जुटी एजेंसियों और पुलिस अधिकारियों के प्राथमिक आकलन के अनुसार, यह खेप सीमा पार बैठे पाकिस्तानी तस्करों द्वारा भेजी गई थी। सीमा पर जमीनी तारबंदी और कड़ी निगरानी के कारण तस्कर अब सीधे घुसपैठ की जगह आधुनिक ड्रोन तकनीक पर निर्भर हो चुके हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर पाकिस्तान की सीमा से मानव रहित ड्रोन भारतीय क्षेत्र में उड़ाए जाते हैं और पूर्व निर्धारित खेतों या सुनसान जगहों पर पैकेट गिराकर वापस लौट जाते हैं।

जांचकर्ताओं को पक्का संदेह है कि साढ़े सात करोड़ रुपये की यह हेरोइन भी इसी ड्रोन तकनीक के जरिए खेत में गिराई गई थी, जिसे बाद में स्थानीय कूरियर या खरीदार द्वारा उठाया जाना था। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में अज्ञात तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत प्राथमिक प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसके साथ ही इलाके में व्यापक तलाशी अभियान जारी है ताकि खेप उठाने की फिराक में लगे स्थानीय संपर्कों को दबोचा जा सके।

## सीमावर्ती इलाकों में पैर पसारता तस्करी का नेटवर्क
राजस्थान में श्रीगंगानगर के अलावा बीकानेर और बाड़मेर जैसे अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे जिले हाल के समय में सीमा पार नशीले पदार्थों की आवाजाही के बड़े केंद्र के रूप में देखे जा रहे हैं। सीमा के दोनों तरफ सक्रिय आपराधिक तत्वों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार अरबों रुपये तक पहुंच रहा है। सुदूर सीमावर्ती खेत और खलिहान तस्करों के लिए सामान छिपाने के मुफीद ठिकाने बन रहे हैं।

सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ और राज्य पुलिस लगातार संयुक्त गश्त कर रही हैं, लेकिन कम ऊंचाई पर उड़ने वाले छोटे ड्रोन सुरक्षा बलों के सामने निरंतर नई निगरानी चुनौतियां पेश कर रहे हैं। इस ताजा मामले में भी पुलिस आसपास के रास्तों के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है और सीमावर्ती इलाके के संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखकर पूछताछ कर रही है।

## विशेष जांच टीम का गठन और सुरक्षा चौकसी में इजाफा
इतनी बड़ी कीमत की हेरोइन हाथ लगने के बाद सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा का पहरा और कड़ा कर दिया गया है। सीमा सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर रात के समय संयुक्त नाकाबंदी और गश्त बढ़ा दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक तथा उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है।

इस विशेष जांच दल का मुख्य कार्य उस जमीनी नेटवर्क और स्थानीय मददगारों की पहचान करना है, जो सीमा पार बैठे सिंडिकेट से संपर्क साधकर इन ड्रॉप्स को ठिकाने लगाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को नशे के जाल में धकेलने वाले इस अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियां तोड़ने के लिए हर संभव कानूनी और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

## इसका आप पर असर
सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की बरामदगी सुरक्षा तंत्र के साथ-साथ आम नागरिकों और किसानों के लिए भी सख्त निगरानी का संदेश देती है।

- **भारत में:** देश भर में सीमा पार से आने वाले नशीले पदार्थों के नेटवर्क पर रोक लगने से युवाओं तक पहुंचने वाले अवैध ड्रग्स पर लगाम लगेगी। नार्कोटिक्स नियंत्रण से संबंधित जांच एजेंसियां अन्य राज्यों में भी डिलीवरी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सतर्कता बढ़ाएंगी।
- **श्रीगंगानगर और राजस्थान में:** सीमांत गांवों के किसानों को अपने खेतों में किसी भी संदिग्ध वस्तु या अज्ञात गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी गई है। सीमावर्ती इलाकों में रात के समय पुलिस और बीएसएफ की नाकाबंदी तथा वाहनों की चेकिंग तेज रहने से आवागमन के दौरान अतिरिक्त जांच से गुजरना पड़ सकता है।
- **कानूनी कार्रवाई:** मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री या सहायता करने वालों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत गैर-जमानती धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। किसी भी अजनबी के कहने पर खेत या सुनसान रास्तों से पैकेट उठाना गंभीर कानूनी अपराध माना जाएगा।
- **ग्रामीण सुरक्षा:** स्थानीय ग्राम पंचायतों और निवासियों को ड्रोन की आवाज या संदिग्ध उड़ानों पर नजर रखने के लिए सचेत किया गया है। रात के समय किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत सूचना स्थानीय थाने को देने से अपराध की रोकथाम में मदद मिलेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
सीमावर्ती खेतों से करोड़ों रुपये की हेरोइन मिलने की घटना सीधे तौर पर तकनीक आधारित सीमा पार तस्करी और सख्त भूमिगत निगरानी के कारण उपजी परिस्थितियों से जुड़ी है।

- **ड्रोन तकनीक का बढ़ता उपयोग:** सीमा पर कंटीले तारों की मजबूत बाड़ और चौकसी के कारण पारंपरिक मानवीय घुसपैठ जोखिम भरी हो चुकी है। तस्करों ने अब रात के अंधेरे में मानव रहित छोटे ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में पैकेट गिराने का तरीका अपना लिया है।
- **सीमा पार आपराधिक गठजोड़:** पाकिस्तान में बैठे हैंडलर और सीमावर्ती भारतीय जिलों के स्थानीय कूरियरों के बीच सांठगांठ इस अवैध व्यापार को चलाती है। दोनों तरफ के असामाजिक तत्व सुनसान खेतों और दूरदराज के ठिकानों को डिलीवरी प्वाइंट के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
- **कड़ी खुफिया कार्रवाई:** हिंदूमलकोट थाना पुलिस को मिली सटीक गुप्त सूचना ने इस खेप को तस्करों के हाथ लगने से पहले ही बरामद करवा दिया। पुलिस ने समय रहते सर्च ऑपरेशन चलाकर माल को जब्त कर लिया जिससे डिलीवरी योजना अधूरी रह गई।
- **जारी जांच और पड़ताल:** मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज कर विशेष जांच टीम बनाई गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय संदिग्धों से पूछताछ के जरिए उन संपर्कों को तलाश रही है जो खेप उठाने आने वाले थे।

## सवाल-जवाब

### 1. श्रीगंगानगर के किस गांव से हेरोइन की खेप बरामद की गई है?
यह बरामदगी हिंदूमलकोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव 5 सी बड़ी सुजावलपुर के एक खेत से की गई है।

### 2. बरामद हेरोइन का कुल वजन और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत कितनी है?
पुलिस ने 1 किलो 530 ग्राम वजन के दो पैकेट जब्त किए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 7 करोड़ 50 लाख रुपये है।

### 3. पुलिस के अनुसार यह नशीला पदार्थ भारत में कैसे पहुंचाया गया?
प्रारंभिक जांच के अनुसार पाकिस्तानी तस्करों द्वारा रात के समय ड्रोन के जरिए यह खेप भारतीय खेत में गिराए जाने का संदेह है।

### 4. इस मामले में पुलिस ने क्या कानूनी कदम उठाए हैं?
पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और स्थानीय संपर्कों की पहचान के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया है।

### 5. राजस्थान के कौन से अन्य जिले ड्रग्स तस्करी की दृष्टि से संवेदनशील बताए गए हैं?
श्रीगंगानगर के अलावा सीमावर्ती जिले बीकानेर और बाड़मेर भी हाल के समय में तस्करी के बड़े केंद्र के रूप में सामने आए हैं।

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