श्रीगंगानगर में प्रस्तावित कचरा संयंत्र के खिलाफ महापंचायत, सांसद हनुमान बेनीवाल ने दी चक्काजाम की चेतावनी नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र के विरोध में आयोजित महापंचायत में आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल शामिल हुए और प्रशासन को परियोजना रद्द करने की मांग करते हुए हाईवे जाम तथा कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी दी. राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के नरसिंहपुरा बारानी इलाके में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर स्थानीय आबादी का आक्रोश लगातार गहराता जा रहा है. इसी सिलसिले में बुधवार को गोविंद गौधाम गौशाला परिसर में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के कई गांवों के लोग एकजुट हुए. इस महापंचायत में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रमुख एवं सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी शिरकत की और ग्रामीणों के हक में आवाज बुलंद करते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. ग्रामीणों का स्पष्ट रुख है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ और रिहायशी जमीन के पास कचरा निस्तारण केंद्र बनने की अनुमति नहीं देंगे. प्रशासन को सीधे आंदोलन की चेतावनी सभा को संबोधित करते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों और राज्य सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया. उन्होंने दो टूक कहा कि अगर प्रशासन ने नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र के फैसले को तत्काल निरस्त नहीं किया, तो ग्रामीण व्यापक स्तर पर सड़कों पर उतरेंगे. उन्होंने आंदोलन की रूपरेखा रखते हुए कहा कि विरोध कर रहे लोग सबसे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर कूच कर चक्काजाम करेंगे और उसी रात श्रीगंगानगर जिला कलेक्ट्रेट का पूर्ण घेराव किया जाएगा. इस घोषणा के साथ ही क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को लेकर चल रहा पुराना विवाद एक बार फिर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. महीनों से जारी है ग्रामीणों का संघर्ष नरसिंहपुरा, मांझूवास और बारानी क्षेत्र में इस प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र का विरोध अचानक शुरू नहीं हुआ है. स्थानीय ग्रामीण चालू वर्ष के अप्रैल माह से ही इस परियोजना के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं. पहले नगर परिषद और स्थानीय प्रशासन ने यह कचरा संयंत्र नेतेवाला गांव में स्थापित करने की योजना बनाई थी. हालांकि बाद में जब प्रशासन ने नेतेवाला से हटाकर इस संयंत्र को नरसिंहपुरा बारानी क्षेत्र में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा, तो वहां के निवासियों में तीव्र असंतोष फैल गया. अपनी बात मजबूती से रखने के लिए ग्रामीणों ने एक संघर्ष समिति का गठन किया था, जिसके नेतृत्व में समय-समय पर धरने, विरोध प्रदर्शन और कई रणनीतिक बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं. इससे पहले जुलाई महीने में भी ग्रामीणों ने बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ने की औपचारिक चेतावनी प्रशासन को सौंपी थी. कानून व्यवस्था को लेकर सतर्क रहा पुलिस तंत्र बुधवार को गोविंद गौधाम गौशाला में आयोजित महापंचायत में भारी संख्या में किसानों और स्थानीय बाशिंदों के जुटने की संभावना को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आए. किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आयोजन स्थल और आसपास के प्रमुख रास्तों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था. प्रशासनिक अधिकारी महापंचायत में लिए गए निर्णयों और ग्रामीणों की आगामी गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं. फिलहाल ग्रामीण नरसिंहपुरा बारानी से इस कचरा संयंत्र को पूरी तरह रद्द करने की अपनी प्रमुख मांग पर अडिग हैं, वहीं सांसद द्वारा दिए गए कड़े अल्टीमेटम के बाद प्रशासन के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं. इसका आप पर असर श्रीगंगानगर में कचरा संयंत्र के खिलाफ बढ़ते विरोध और हाईवे जाम की चेतावनी का सीधा असर यातायात, नागरिक सुविधाओं और स्थानीय स्वास्थ्य पर पड़ सकता है. • भारत में: ठोस कचरा प्रबंधन परियोजनाओं को लेकर ग्रामीण और नगर निकायों के बीच समन्वय न होने से कई विकास कार्य अटकते हैं. इसका प्रभाव शहरी सफाई अभियानों और बजटीय आवंटन पर पड़ता है. • श्रीगंगानगर में: प्रस्तावित चक्काजाम और कलेक्ट्रेट घेराव के चलते हाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों को भारी जाम का सामना करना पड़ सकता है. नरसिंहपुरा बारानी और आसपास के ग्रामीणों के लिए स्वच्छ पर्यावरण और आवासीय सुरक्षा से जुड़ा यह सीधा मामला है. • सफाई व्यवस्था: शहर के कचरा निस्तारण का स्थान तय न होने के कारण नगरीय क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. नगर परिषद को वैकल्पिक स्थान तलाशने या वर्तमान गतिरोध दूर करने तक अतिरिक्त संसाधन खर्च करने होंगे. • प्रशासनिक तैयारी: कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती करनी होगी. कलेक्ट्रेट परिसर में आम नागरिकों के नियमित प्रशासनिक कार्यों में अवरोध पैदा हो सकता है. ऐसा क्यों हुआ श्रीगंगानगर के नरसिंहपुरा बारानी में कचरा संयंत्र का तीव्र विरोध स्थल चयन में बदलाव और आवासीय स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के चलते शुरू हुआ है. • स्थान परिवर्तन का निर्णय: शुरुआत में यह ठोस कचरा संयंत्र नेतेवाला गांव में लगाया जाना तय हुआ था. इसके बाद प्रशासन ने इस परियोजना को नेतेवाला से हटाकर नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित कर दिया, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी पैदा हो गई. • दीर्घकालिक असंतोष: ग्रामीण चालू वर्ष के अप्रैल माह से ही इस परियोजना का लगातार विरोध कर रहे हैं और इसके लिए संघर्ष समिति का गठन किया गया था. जुलाई में आंदोलन की चेतावनी देने के बावजूद कोई ठोस प्रशासनिक समाधान न निकलने से असंतोष बढ़ता गया. • राजनीतिक समर्थन: सांसद हनुमान बेनीवाल के महापंचायत में शामिल होने और हाईवे जाम का अल्टीमेटम देने से इस आंदोलन को व्यापक राजनीतिक समर्थन मिल गया. इसके चलते यह मामला केवल प्रशासनिक वार्ता तक सीमित न रहकर सीधे जनआंदोलन के रूप में बदल गया. सवाल-जवाब 1. महापंचायत का आयोजन कहां और क्यों किया गया? महापंचायत का आयोजन बुधवार को गोविंद गौधाम गौशाला में नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को निरस्त कराने के लिए किया गया. 2. सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रशासन को क्या चेतावनी दी है? उन्होंने कहा कि यदि कचरा प्लांट का फैसला वापस नहीं लिया गया तो ग्रामीण हाईवे जाम करेंगे और उसी रात कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे. 3. कचरा प्लांट को लेकर विरोध कब से चल रहा है? इस प्रस्तावित प्लांट के खिलाफ स्थानीय ग्रामीण इस साल अप्रैल के महीने से लगातार विरोध प्रदर्शन और धरने कर रहे हैं. 4. प्रशासन ने कचरा संयंत्र पहले कहां लगाने की योजना बनाई थी? प्रशासन द्वारा यह संयंत्र पहले नेतेवाला में प्रस्तावित किया गया था, जिसे बाद में नरसिंहपुरा बारानी में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा गया. https://trendkia.com/rajasthan/sri-ganganagar-men-prastavita-kachara-snyntra-ke-khilapha-mahapnchayata-sansada-hanuman-beniwal-ne-di-chakkajama-ki-chetavani-40358 TrendKia — Har trend, sabse pehle.