राजस्थान के श्रीगंगानगर सुधार गृह में सिर पर हमले से वार्डन की मौत, 24 बाल बंदियों पर संदेह श्रीगंगानगर के बाल सुधार गृह में बुधवार शाम एक वार्डन की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस 24 बाल अपचारियों की भूमिका और सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में स्थित सरकारी बाल सुधार गृह से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बुधवार की देर शाम परिसर के भीतर तैनात एक वार्डन पर जानलेवा हमला कर दिया गया, जिसमें उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। शुरुआती जांच के संकेतों से पता चलता है कि किसी बहस के बाद वहां मौजूद बाल अपचारियों ने संगठित होकर वार्डन को निशाना बनाया। इस अचानक हुई हिंसा के बाद सुधार गृह के अंदर और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक की पहचान और विवाद की वजह अधिकारियों के अनुसार, जान गंवाने वाले वार्डन की पहचान अंबे विहार के रहने वाले साहब राम डेलू के रूप में हुई है। साहब राम पूर्व सैनिक थे और सेवानिवृत्ति के बाद बाल सुधार गृह में बतौर वार्डन अपनी सेवाएं दे रहे थे। प्राथमिक जानकारियों के मुताबिक, जिस समय यह दुखद हादसा हुआ, उस समय परिसर में लगभग 24 बाल बंदी मौजूद थे। किसी बात को लेकर वार्डन और कुछ बंदियों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। यह मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि कुछ किशोरों ने मिलकर साहब राम डेलू को घेर लिया और उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। सिर में आई गंभीर और गहरी चोटों के कारण उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। उच्च अधिकारियों की मौजूदगी और फॉरेंसिक जांच घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हरिशंकर, वरिष्ठ अधिकारियों और भारी पुलिस बल के साथ तुरंत बाल सुधार गृह पहुंचे। पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। हत्या में किस वस्तु या हथियार का इस्तेमाल किया गया था, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) और मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट (एमओबी) की टीमों को मौके पर बुलाया गया। इन विशेषज्ञों ने अपराध स्थल से फिंगरप्रिंट, खून के नमूने और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया पूरी की है, जिससे मामले की वैज्ञानिक कड़ियों को जोड़ा जा सके। सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ से खुलेगा सच पुलिस की जांच मुख्य रूप से दो प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित है। पहली, परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि हमले की पूरी समयरेखा, हमलावरों की सटीक पहचान और उनकी संख्या का पता लगाया जा सके। दूसरी, घटना के समय मौजूद सभी 24 बाल अपचारियों से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि झगड़े का मुख्य कारण क्या था और किस किशोर की क्या भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने स्पष्ट किया है कि मामले को दर्ज कर लिया गया है और हर पहलू से तफ्तीश की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल से आने वाले फॉरेंसिक निष्कर्षों के आधार पर मौत के सटीक कारणों और हमले की परिस्थितियों को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किया जाएगा। इसका आप पर असर भारत में: यह घटना देश भर में स्थित बाल सुधार गृहों की सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की संरक्षा और प्रबंधन नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। श्रीगंगानगर में: स्थानीय प्रशासन सरकारी और सुधार गृह परिसरों में सुरक्षा ऑडिट बढ़ा सकता है, जिससे कर्मचारियों और आसपास के लोगों में सतर्कता बढ़ेगी। सवाल-जवाब 1. श्रीगंगानगर में किस जगह पर यह घटना हुई? यह सनसनीखेज वारदात राजस्थान के श्रीगंगानगर शहर में स्थित बाल सुधार गृह के भीतर बुधवार देर शाम घटित हुई। 2. मृतक वार्डन की पहचान किस रूप में हुई है? मृतक की पहचान अंबे विहार निवासी साहब राम डेलू के रूप में हुई है, जो पूर्व सैनिक थे और सुधार गृह में वार्डन पद पर तैनात थे। 3. घटना के समय कितने बाल अपचारी वहां मौजूद थे? वारदात के दौरान बाल सुधार गृह परिसर में कुल 24 बाल अपचारी मौजूद थे, जिनसे पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। 4. मामले में पुलिस क्या कानूनी व तकनीकी कदम उठा रही है? पुलिस अधीक्षक हरिशंकर के नेतृत्व में टीम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जबकि एफएसएल और एमओबी टीमों ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। https://trendkia.com/rajasthan/sri-ganganagar-sudhara-griha-men-sahab-ram-delu-hatyakanda-24-bala-bndiyon-para-sndeha-14159 TrendKia — Har trend, sabse pehle.