राजस्थान का श्रीगंगानगर तपा, पारा पहुंचा 39.4 डिग्री और लगातार दूसरे दिन रहा सबसे गर्म राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में मानसून की सुस्ती और तेज धूप के चलते तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन यह सबसे गर्म जिला रहा, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राजस्थान के सीमाई इलाके श्रीगंगानगर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और मानसूनी गतिविधियों के कमजोर पड़ने से यहां का तापमान काफी बढ़ गया है। बादलों के छंटने और आसमान के साफ होने के बाद तेज धूप ने एक बार फिर लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग की ओर से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार के रोज यहाँ दिन का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण श्रीगंगानगर लगातार दूसरे दिन पूरे राज्य में सर्वाधिक गर्म स्थान दर्ज किया गया है। पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में बारिश का सिलसिला पूरी तरह थम चुका है, जिसके चलते सितंबर के महीने में भी लोगों को चिलचिलाती गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय सूरज की तेज किरणों ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है और सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी कम नजर आ रही है। वातावरण में नमी कम होने और मानसूनी हवाओं के सुस्त पड़ने से भयंकर उमस बनी हुई है, जिससे लोग दिनभर गर्मी और पसीने से परेशान नजर आ रहे हैं। रात के समय भी नहीं मिल रही राहत केवल दिन का वक्त ही नहीं, बल्कि रात के समय का मौसम भी आमजन को सुकून देने में विफल साबित हो रहा है। श्रीगंगानगर में रात का न्यूनतम तापमान अभी भी लगभग 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बना हुआ है। शाम ढलने के बाद भी तापमान में किसी तरह की बड़ी गिरावट दर्ज नहीं हो रही है, जिससे उमस का प्रकोप जारी रहता है। इस भीषण उमस के आगे पंखे और कूलर भी बेअसर साबित हो रहे हैं, जिसके कारण स्थानीय लोगों की रातों की नींद उड़ गई है और हर कोई परेशान नजर आ रहा है। मानसूनी तंत्र की सुस्ती और मौसम की स्थिति मौसम से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस समय राजस्थान के ज्यादातर इलाकों में मौसमी प्रणालियां और मानसूनी ट्रफ लाइन कमजोर स्थिति में हैं। पश्चिमी हवाओं के असर से आसमान बिल्कुल साफ है और बादलों की आवाजाही पूरी तरह रुक चुकी है। इसी वजह से सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं और पारे में लगातार उछाल दर्ज किया जा रहा है। सीमावर्ती इलाका होने की वजह से श्रीगंगानगर में तापमान का यह बदलाव सामान्य दिनों की तुलना में कहीं अधिक तीव्रता के साथ महसूस किया जाता है। आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज श्रीगंगानगर और इसके आसपास के क्षेत्रों में पड़ रही इस कड़ाके की उमस भरी गर्मी से स्थानीय लोगों को फिलहाल तुरंत राहत मिलने की उम्मीद कम ही है। हालांकि, मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर गौर करें तो आने वाले कुछ दिनों में बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम आकार ले सकता है। इस नए सिस्टम के असर से राज्य के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ सकता है। यदि यह आगामी तंत्र मजबूत साबित होता है, तो सीमावर्ती जिलों में भी बादलों की वापसी होगी और आम जनता को इस झुलसा देने वाली गर्मी से निजात मिल सकेगी। इसका आप पर असर श्रीगंगानगर और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी और उमस से दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं। • भारत में: देश के सीमावर्ती और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों के कमजोर रहने से सितंबर के महीने में भी गर्मी का प्रकोप बना हुआ है। इससे कृषि कार्यों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। • श्रीगंगानगर में: स्थानीय निवासियों को लगातार दूसरे दिन 39.4 डिग्री तापमान और उमस भरी रातों के कारण बिजली की अधिक खपत और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय अनावश्यक यात्रा से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जाती है। ऐसा क्यों हुआ श्रीगंगानगर में तापमान बढ़ने का मुख्य कारण मानसूनी तंत्र का कमजोर होना और आसमान का बिल्कुल साफ रहना है। • कमजोर मानसूनी ट्रफ: राज्य के अधिकांश हिस्सों में इस समय मानसूनी ट्रफ लाइन और अन्य मौसमी प्रणालियां निष्क्रिय अवस्था में हैं। • पश्चिमी हवाओं का प्रभाव: प्रभावी पश्चिमी हवाओं के कारण आसमान से बादलों की आवाजाही पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। • सीधी सूर्य की किरणें: बादलों के अभाव में सूरज की किरणें सीधे धरती पर पड़ रही हैं, जिससे पारे में लगातार उछाल आ रहा है। सवाल-जवाब 1. श्रीगंगानगर में बुधवार को अधिकतम तापमान कितना दर्ज किया गया? बुधवार को श्रीगंगानगर में दिन का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 2. श्रीगंगानगर लगातार कितने दिनों से सबसे गर्म जिला बना हुआ है? श्रीगंगानगर लगातार दूसरे दिन पूरे राजस्थान में सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया है। 3. रात के समय तापमान कितना बना हुआ है? रात का न्यूनतम तापमान अभी भी लगभग 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। 4. तापमान में इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण क्या है? मानसूनी ट्रफ लाइन के कमजोर पड़ने और पश्चिमी हवाओं के कारण आसमान साफ होने से तापमान में उछाल आया है। 5. गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कब है? बंगाल की खाड़ी में नया वेदर सिस्टम बनने पर मानसून के दोबारा सक्रिय होने और राहत मिलने की संभावना है। https://trendkia.com/rajasthan/sriganganagar-sizzles-at-39-4-degrees-as-rajasthan-records-highest-temperature-for-second-straight-day-30436 TrendKia — Har trend, sabse pehle.