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  "type": "article",
  "title": "नीट पीजी री-एग्जाम की कड़ी तैयारियां, जयपुर के पांच केंद्रों पर इतने डॉक्टर दे रहे हैं परीक्षा",
  "summary": "जयपुर में 30 अगस्त को तकनीकी खराबी के बाद आज नीट पीजी की दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है। शहर के पांच केंद्रों पर कुल 2,499 डॉक्टर इस परीक्षा में हिस्सा ले रहे हैं।",
  "content": "जयपुर में आज नीट पीजी परीक्षा से जुड़े तकनीकी संकट के बाद दोबारा इम्तिहान का आयोजन किया जा रहा है। 30 अगस्त को जब देश भर में मेडिकल के छात्र कंप्यूटर आधारित परीक्षा दे रहे थे, तब जयपुर के सीतापुरा इलाके में स्थित आईओएन डिजिटल जोन में अचानक आंतरिक बिजली व्यवस्था फेल हो गई थी। इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण कई अभ्यर्थियों की स्क्रीन अचानक बंद हो गईं और उनकी महीनों की कड़ी मेहनत पर संकट के बादल मंडराने लगे। इसी घटना को ध्यान में रखते हुए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन और स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित उम्मीदवारों के लिए आज पांच सितंबर को दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया ताकि किसी भी छात्र का भविष्य अधर में न लटके।\n\n \n\nजयपुर के पांच केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा\n\nप्रशासन ने इस बार परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से चाक-चौबंद रखा है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शहर के पांच प्रमुख संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया है। दोपहर तीन बजे से शाम साढ़े छह बजे तक चलने वाली इस कंप्यूटर आधारित परीक्षा में कुल 2,499 अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। पिछली बार सामने आई तकनीकी कमियों से सबक लेते हुए इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजामों के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निर्विघ्न संपन्न हो सके।\n\n \n\nपरीक्षा केंद्रों का विस्तृत ब्योरा और छात्र संख्या\n\nजयपुर में बनाए गए इन पांच चुनिंदा परीक्षा केंद्रों पर अलग-अलग संख्या में डॉक्टर परीक्षा दे रहे हैं। श्री बालाजी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में सबसे अधिक 889 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में 640 छात्र इम्तिहान दे रहे हैं। अलंकार महिला पीजी महाविद्यालय में 350 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। ऑरोबिंदो इंटरनेशनल स्कूल में 340 उम्मीदवार परीक्षा दे रहे हैं, जबकि शंकरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में 280 डॉक्टर अपनी परीक्षा पूरी कर रहे हैं।\n\n \n\nबिजली की गड़बड़ी से निपटने के लिए मजबूत बैकअप\n\nपिछली बार सीतापुरा केंद्र पर हुई बिजली गुल होने की घटना से सबक लेते हुए ऊर्जा विभाग को इस बार विशेष निर्देश दिए गए हैं। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को सभी परीक्षा केंद्रों पर बिना किसी रुकावट के निरंतर बिजली आपूर्ति बनाए रखने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त हर केंद्र पर भारी क्षमता वाले जनरेटर और ऑनलाइन यूपीएस का डबल बैकअप सुनिश्चित किया गया है ताकि मुख्य लाइन में फॉल्ट आने की स्थिति में भी कंप्यूटरों की स्क्रीन एक पल के लिए भी बंद न हों और छात्रों का कीमती समय बर्बाद न हो।\n\n \n\nसाइबर सुरक्षा और सख्त निगरानी के इंतजाम\n\nऑनलाइन परीक्षा में किसी भी तरह की तकनीकी सेंधमारी, हैकिंग या गड़बड़ी को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ साइबर सेल की विशेष टीमों को मैदान में उतारा गया है। नकल और अन्य अनियमितताओं पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए उड़नदस्ते लगातार केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले सभी उम्मीदवारों की बायोमेट्रिक उपस्थिति और फेस रिकग्निशन की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है ताकि केवल वैध और पंजीकृत परीक्षार्थी ही लैब के अंदर जा सकें।\n\n \n\nआपातकालीन सेवाओं और चिकित्सा के पुख्ता प्रबंध\n\nपरीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा बलों के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तमाम जरूरी सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गर्मी के मौसम और परीक्षा के तनाव को ध्यान में रखते हुए हर केंद्र पर शुद्ध पेयजल और मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए डॉक्टर और एंबुलेंस मौके पर मौजूद हैं। इसके अलावा सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए दमकल की गाड़ियों को भी परीक्षा केंद्रों के बाहर तैनात किया गया है।\n\nइसका आप पर असर\nनीट पीजी की दोबारा परीक्षा दे रहे डॉक्टर्स और उनके परिवारों के लिए यह व्यवस्था राहत लेकर आई है।\n\n    - जयपुर में: सीतापुरा और अन्य पांच केंद्रों पर परीक्षा दे रहे 2,499 अभ्यर्थियों को इस बार निर्बाध बिजली और पुख्ता सुरक्षा के बीच बिना किसी व्यवधान के पेपर देने का मौका मिल रहा है।\n\n    - भारत में: देश भर के मेडिकल छात्रों के बीच परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की तकनीकी तैयारियों और आपातकालीन बैकअप को लेकर निगरानी और सख्त नियम बढ़ाए गए हैं।\n\n    - परीक्षा प्रक्रिया: बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन जैसी सख्त जांच प्रणालियों से यह सुनिश्चित किया गया है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो।\n\n    - आपातकालीन सहायता: हर केंद्र के बाहर एंबुलेंस, चिकित्सा दल और दमकल गाड़ियों की तैनाती से किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य या सुरक्षा समस्या का तुरंत समाधान संभव हुआ है।\n\n    - प्रशासनिक तैयारी: तकनीकी खामियों के कारण पूर्व में प्रभावित हुए छात्रों को समय पर न्याय मिलने से परीक्षा प्रणाली के प्रति अभ्यर्थियों का भरोसा कायम हुआ है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. नीट पीजी की दोबारा परीक्षा कब आयोजित की जा रही है?\nनीट पीजी की दोबारा परीक्षा 5 सितंबर को दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक आयोजित की जा रही है।\n\n2. री-एग्जाम में कितने अभ्यर्थी हिस्सा ले रहे हैं?\nजयपुर के विभिन्न केंद्रों पर कुल 2,499 अभ्यर्थी नीट पीजी री-एग्जाम में हिस्सा ले रहे हैं।\n\n3. दोबारा परीक्षा क्यों आयोजित करनी पड़ी?\n30 अगस्त को परीक्षा के दौरान तकनीकी खराबी और बिजली गुल होने के कारण कुछ अभ्यर्थियों की परीक्षा अधूरी रह गई थी।\n\n4. जयपुर में परीक्षा के लिए कितने केंद्र बनाए गए हैं?\nजयपुर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पांच प्रमुख संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।\n\n5. बिजली कटौती से निपटने के लिए क्या प्रबंध किए गए हैं?\nसभी केंद्रों पर भारी-भरकम जनरेटर और ऑनलाइन यूपीएस का डबल-बैकअप सुनिश्चित किया गया है।",
  "url": "https://trendkia.com/rajasthan/strict-directives-issued-for-neet-pg-2499-doctors-take-exam-across-5-jaipur-centers-28055",
  "category": "राजस्थान",
  "publishedAt": "2026-09-05",
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    "नीट पीजी री-एग्जाम",
    "जयपुर परीक्षा केंद्र",
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