# सुरेश रावत का दावा, भजनलाल सरकार के काम बदल देंगे राजस्थान का चुनावी इतिहास

> राजस्थान में हर पांच साल में सत्ता पलटने की परिपाटी पर जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने विकास कार्यों के बल पर इस रिवाज को पूरी तरह बदल देगी।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-11-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/suresha-ravata-ka-dava-bhajanalala-sarakara-ke-kama-badala-denge-rajasthan-ka-chunavi-itihasa-56986 · **Language:** Hindi
**Tags:** सुरेश रावत, राजस्थान राजनीति, भजनलाल शर्मा, जल संसाधन, राजस्थान नदियां

जयपुर के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से इस बात की चर्चा जोर पकड़ चुकी है कि क्या इस बार रेगिस्तानी राज्य में सत्ता के समीकरणों में बदलाव देखने को मिलेगा। हाल ही में एक सार्वजनिक मंच पर अपनी बात रखते हुए जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने यह स्पष्ट किया कि मौजूदा सरकार पांच साल में सरकार बदलने के चलन को दरकिनार कर देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में किए गए अभूतपूर्व विकास कार्य ही आगामी चुनावों में पार्टी की वापसी का सबसे बड़ा आधार बनेंगे और जनता काम के नाम पर अपना मुहर लगाएगी।

## मरु प्रदेश से हरित प्रदेश का सफर और जल संकट
जल संकट से जूझ रहे इस राज्य के भविष्य को लेकर बात करते हुए मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार का मुख्य ध्येय इस मरु प्रदेश को एक हरा-भरा क्षेत्र बनाना है। भौगोलिक रूप से पानी की कमी इस इलाके की एक पुरानी और गंभीर समस्या रही है। इस चुनौती से पार पाने के लिए सरकार जल स्रोतों के बेहतर प्रबंधन और नदियों कोसकने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उनका मानना है कि उपलब्ध जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग ही राज्य की तकदीर बदल सकता है।

## राज्य की नदियों की जमीनी हकीकत
विस्तार से बात करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक सीमा के भीतर कुल सोलह से सत्रह नदियां मौजूद हैं, लेकिन इनमें से बमुश्किल दो ही ऐसी हैं जो बारहमासी श्रेणी में आती हैं यानी जिनमें पूरे साल पानी की निर्बाध धारा बहती है। बाकी की अधिकांश नदियां केवल मौसमी पानी पर निर्भर करती हैं जिनका प्रवाह बरसात के दिनों तक ही सीमित रहता है। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार नदियों को आपस में जोड़ने की योजनाओं पर काम कर रही है ताकि हर बूंद का सही इस्तेमाल हो सके। हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी खास परियोजना के पूरा होने की कोई निश्चित समय सीमा का खुलासा नहीं किया।

## रेगिस्तान को कमजोरी नहीं बल्कि गौरव बताया
विशाल रेत के टीलों और रेगिस्तानी इलाकों को लेकर मंत्री ने एक अलग ही दृष्टिकोण सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह रेगिस्तान किसी भी तरह से राज्य की कमजोरी नहीं है, बल्कि यही वह विशेषता है जो इसे दुनिया भर में अनूठा बनाती है। देश-विदेश से सैलानी इसी खास नजारों को देखने के लिए यहां खींचे चले आते हैं। इस पहचान को राज्य की कमी मानने के बजाय इसकी प्राकृतिक सुंदरता के रूप में देखा जाना चाहिए जो इसकी असली सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करती है।

## विपक्ष को दी सलाह और राजनीतिक भविष्य का अनुमान
राजनीतिक मोर्चे पर विरोधियों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष को समय रहते जनता के मिजाज को भांप लेना चाहिए। अनर्गल और बेबुनियाद आरोप लगाने से पहले उन्हें यह देखना चाहिए कि जमीन पर किस स्तर पर काम हुआ है। उन्होंने दोहराया कि पार्टी सरकार के रिपोर्ट कार्ड के साथ जनता के बीच जाएगी और पांच साल में सरकार बदलने का पुराना मिथक इस बार चकनाचूर हो जाएगा।

## इसका आप पर असर
राजस्थान में जल प्रबंधन और राजनीतिक भविष्य को लेकर दिए गए इन बयानों का सीधा असर राज्य की विकास योजनाओं और जनता के रोजमर्रा के जीवन पर पड़ सकता है।

- **आम जनता पर असर:** नदियों को आपस में जोड़ने और जल प्रबंधन की योजनाओं से आने वाले समय में राज्य के सूखे इलाकों में सिंचाई और पीने के पानी की आपूर्ति में सुधार हो सकता है।
- **राजस्थान में:** राज्य के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों को जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद बंधती है, जिससे कृषि आधारित आजीविका को बल मिल सकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
राजनीतिक गलियारों में हर पांच साल में सरकार बदलने का यह चलन राज्य के चुनावी इतिहास का एक पुराना पैटर्न रहा है, जिसे बदलने के दावे लगातार किए जा रहे हैं।

- **ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:** राजस्थान में पिछले कई दशकों से यह परंपरा चली आ रही है कि मतदाता हर चुनाव में सत्ता की कमान बदल देते हैं।
- **भौगोलिक कारण:** प्रदेश में बारहमासी नदियों की भारी कमी और सीमित जल संसाधन लंबे समय से यहाँ की कृषि और विकास की गति को प्रभावित करते रहे हैं।
- **राजनीतिक रणनीति:** सत्ताधारी दल अपनी उपलब्धियों और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों को आगे रखकर इस ऐतिहासिक चक्र को तोड़ने का प्रयास कर रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. सुरेश रावत किस पद पर हैं?
सुरेश रावत राजस्थान सरकार में जल संसाधन मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं।

### 2. राजस्थान में कुल कितनी नदियां हैं?
राज्य में लगभग 16 से 17 नदियां हैं।

### 3. इनमें से कितनी नदियां बारहमासी हैं?
इनमें से केवल दो नदियां ही ऐसी हैं जो सालभर बहती हैं।

### 4. मंत्री ने रेगिस्तान के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि रेगिस्तान राज्य की कमजोरी नहीं बल्कि इसकी खूबसूरती और अनूठी पहचान है।

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