# टमाटर की फसल से 30 लाख की बंपर कमाई, किसान ने सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ाया 250 ग्राम चांदी का टमाटर

> राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी किसान जगदीश चंद्र प्रहलाद रेबारी ने 20 बीघा जमीन पर टमाटर उगातकर 30 लाख रुपये कमाए। मन्नत पूरी होने पर उन्होंने चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ मंदिर में 250 ग्राम चांदी का टमाटर अर्पित किया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/tamatara-ki-phasala-se-30-lakha-ki-bnpara-kamai-kisana-ne-sanwariya-seth-mndira-men-charhaya-250-grama-chandi-ka-tamatara-26621 · **Language:** Hindi
**Tags:** सांवलिया सेठ मंदिर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा किसान, टमाटर की खेती, चांदी का टमाटर, राजस्थान समाचार, कृषि सफलता

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित सुप्रसिद्ध श्री सांवलियाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक अनोखा और प्रेरणादायक मामला सामने आया है। भीलवाड़ा जिले की मंगरोप तहसील के कल्याणपुर गांव के निवासी किसान जगदीश चंद्र प्रहलाद रेबारी ने अपनी मन्नत पूरी होने के उपलक्ष्य में भगवान सांवलिया सेठ के श्रीचरणों में 250 ग्राम वजनी शुद्ध चांदी से बना टमाटर अर्पित किया है। अपनी 20 बीघा जमीन पर टमाटर की खेती करके लगभग 30 लाख रुपये की बंपर कमाई करने वाले इस किसान की यह अनोखी भेंट पूरे मेवाड़ क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

## मन्नत के साथ शुरू की थी 20 बीघा में टमाटर की खेती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान जगदीश चंद्र प्रहलाद रेबारी ने चालू सीजन में अपनी 20 बीघा कृषि भूमि पर टमाटर की फसल उगाने का संकल्प लिया था। बुवाई और कृषि कार्य प्रारंभ करने से पूर्व वे मंडफिया स्थित मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम सांवलिया सेठ के दरबार में दर्शन करने गए थे। वहां उन्होंने भगवान के समक्ष हाथ जोड़कर प्रार्थना की थी कि यदि इस बार खेत में टमाटर की पैदावार बेहतरीन रहे और बाजार में उपज का उचित मूल्य मिले, तो वे अपनी श्रद्धा अनुसार मंदिर में विशेष भेंट अर्पित करेंगे। किसान का अटूट विश्वास था कि खेती की अनिश्चितताओं के बीच कड़ी मेहनत के साथ-साथ ईश्वर का आशीर्वाद होना बेहद जरूरी है।

## 30 लाख रुपये की बंपर कमाई और मन्नत की पूर्ति
किसान की दिन-रात की मेहनत और सांवलिया सेठ पर उनका भरोसा पूरी तरह से रंग लाया। अनुकूल मौसम और बेहतर कृषि प्रबंधन के कारण 20 बीघा खेत में टमाटर की रिकॉर्ड पैदावार दर्ज की गई। इसके साथ ही कृषि उपज मंडी में भी टमाटर के काफी अच्छे दाम मिले, जिससे किसान को कुल मिलाकर करीब 30 लाख रुपये की भारी आमदनी हुई। इस बड़ी आर्थिक सफलता के बाद जगदीश चंद्र ने इसे केवल अपने परिश्रम का फल न मानकर सांवलिया सेठ की असीम कृपा बताया। अपनी मन्नत पूरी करने हेतु उन्होंने खास तौर पर 250 ग्राम चांदी का एक सुंदर टमाटर बनवाया। इसके पश्चात वे अपने पूरे परिवार के साथ मंडफिया पहुंचे और भगवान के चरणों में इस अनोखे चढ़ावे को समर्पित किया।

## सांवलिया सेठ धाम में अनोखी भेंटों की समृद्ध परंपरा
चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया में विराजमान भगवान सांवलिया सेठ के मंदिर में भक्तों द्वारा अपनी मनोकामनाएं पूरी होने पर विचित्र और बहुमूल्य उपहार चढ़ाने का इतिहास काफी पुराना रहा है। यहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अपने व्यवसाय, नौकरी, उद्योग या कृषि क्षेत्र में मिलने वाली सफलता का श्रेय सांवलिया सेठ को देते हैं। इससे पूर्व भी इस धाम में मन्नत पूरी होने पर सोने-चांदी के बने ट्रैक्टर, पेट्रोल पंप, ट्रक, पिकअप वाहन और पवन चक्की जैसी अनेक वस्तुएं चढ़ाई जा चुकी हैं। अब इस ऐतिहासिक सूची में चांदी का टमाटर भी जुड़ गया है, जो मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

## कृषि समृद्धि और अटूट धार्मिक विश्वास का अनूठा प्रतीक
किसान जगदीश चंद्र प्रहलाद रेबारी की यह भेंट केवल धातु के एक टुकड़े या मौद्रिक मूल्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय ग्रामीण समाज में कृषि, परिश्रम और ईश्वर के प्रति कृतज्ञता के गहरे संबंध को उजागर करती है। किसान ने बताया कि जब बाजार में कीमतें अस्थिर होती हैं, तब किसान अक्सर तनाव में रहते हैं, लेकिन भगवान के प्रति आस्था ने उन्हें संबल दिया। 20 बीघा खेत से 30 लाख रुपये की कमाई होना उनके जीवन का एक बड़ा बदलाव है, और सांवलिया सेठ के दरबार में चांदी का टमाटर अर्पित कर उन्होंने अपने दिल से आभार प्रकट किया है।

## इसका आप पर असर
यह घटना दर्शाती है कि सही फसल प्रबंधन और समय पर बाजार पहुंच से कृषि क्षेत्र में भारी मुनाफा कमाया जा सकता है।

- **भारत में:** देश भर के किसानों के लिए यह सफलता एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि सही योजनाबद्ध तरीके से की गई टमाटर की खेती से 20 बीघा में 30 लाख रुपये तक की कमाई संभव है। यह खबर छोटे और मध्यम श्रेणी के किसानों को पारंपरिक फसलों से हटकर नकदी फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है।
- **चित्तौड़गढ़ एवं भीलवाड़ा में:** राजस्थान के कृषि विभाग और स्थानीय मंडियों में टमाटर जैसी बागवानी फसलों की मांग को नया प्रोत्साहन मिलेगा। भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ के स्थानीय किसान अब बेहतर बीजों और आधुनिक सिंचाई तकनीकों के इस्तेमाल पर अधिक ध्यान देंगे।
- **किसानों के लिए व्यावहारिक सीख:** फसल बोने से पहले मंडी के रुझान और मौसम का आकलन करना जोखिम को कम करता है। उचित प्रबंधन के जरिए उच्च गुणवत्ता वाली उपज बाजार में अधिकतम मूल्य दिला सकती है।
- **सांस्कृतिक एवं पर्यटन प्रभाव:** चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ मंदिर में ऐसी अनोखी भेंटों के चलते तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। स्थानीय कारीगरों के लिए भी चांदी की ऐसी विशेष वस्तुएं बनाने के नए अवसर पैदा होते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. किस किसान ने सांवलिया सेठ मंदिर में चांदी का टमाटर चढ़ाया?
भीलवाड़ा जिले की मंगरोप तहसील के कल्याणपुर गांव निवासी किसान जगदीश चंद्र प्रहलाद रेबारी ने सांवलिया सेठ मंदिर में चांदी का टमाटर चढ़ाया।

### 2. चांदी के टमाटर का वजन कितना था और किसान ने टमाटर की खेती से कितनी कमाई की थी?
चांदी के टमाटर का वजन करीब 250 ग्राम था और किसान ने 20 बीघा जमीन पर टमाटर की खेती करके लगभग 30 लाख रुपये कमाए थे।

### 3. सांवलिया सेठ मंदिर कहां स्थित है?
सांवलिया सेठ मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया में स्थित है।

### 4. किसान ने भगवान को यह अनोखी भेंट क्यों अर्पित की?
किसान ने टमाटर की खेती शुरू करने से पहले अच्छी फसल और बेहतर दाम मिलने की मन्नत मांगी थी। मन्नत पूरी होने और 30 लाख रुपये की कमाई के बाद उन्होंने आभार स्वरूप यह भेंट चढ़ाई।

### 5. क्या सांवलिया सेठ मंदिर में पहले भी ऐसी अनोखी भेंटें चढ़ाई गई हैं?
हां, सांवलिया सेठ मंदिर में मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु चांदी के ट्रैक्टर, पेट्रोल पंप, ट्रक और पवन चक्की जैसी अनोखी वस्तुएं भी अर्पित कर चुके हैं।

## प्रेरणा और सबक
भीलवाड़ा के किसान जगदीश चंद्र प्रहलाद रेबारी की सफलता की यह कहानी कड़ी मेहनत, योजनाबद्ध खेती और कृतज्ञता की भावना से भरे जीवन पाठ सिखाती है।

- **जोखिम लेने और विविधता अपनाने का साहस:** पारंपरिक खेती के बजाय 20 बीघा जमीन पर नकदी फसल के रूप में टमाटर उगाने का निर्णय बड़ी वित्तीय सफलता की नींव बना।
- **दृढ़ संकल्प के साथ ईश्वर पर विश्वास:** खेती की अनिश्चितताओं के बीच किसान ने कड़ी मेहनत के साथ-साथ अपनी आस्था बनाए रखी, जिससे उन्हें कठिन समय में संबल मिला।
- **सफलता पर आभार व्यक्त करना:** 30 लाख रुपये कमाने के बाद अपनी मन्नत को याद रखना और सांवलिया सेठ के चरणों में धन्यवाद अर्पित करना विनम्रता और नैतिकता का संदेश देता है।

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