टिकट बंटवारे से नाराज कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का हंगामा, बीकानेर शहर अध्यक्ष मदन मेघवाल से मारपीट के बाद फाड़ा कुर्ता राजस्थान के बीकानेर में निकाय चुनाव के टिकट वितरण को लेकर उपजा असंतोष हिंसक झड़प में बदल गया। वार्ड 50 में चुनाव कार्यालय के उद्घाटन के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल के साथ सरेआम हाथापाई की गई और उनका कुर्ता फाड़ दिया गया। राजस्थान के बीकानेर में स्थानीय चुनाव के टिकट वितरण को लेकर चल रहा असंतोष अचानक उग्र झड़प में बदल गया। वार्ड संख्या 50 में आयोजित एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान पार्टी के अंदरूनी मतभेद इस कदर बाहर आए कि शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन मेघवाल के साथ सरेआम हाथापाई कर दी गई। सार्वजनिक मंच पर हुई इस घटना के दौरान जिलाध्यक्ष का कुर्ता तक फाड़ दिया गया, जिससे मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई और संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी उजागर हो गई। कार्यालय उद्घाटन के दौरान भड़का विवाद घटना उस समय हुई जब वार्ड 50 के प्रत्याशी नवरत्न डागा के नए चुनाव कार्यालय का उद्घाटन किया जा रहा था। इस कार्यक्रम में शहर कांग्रेस के कई स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्रित हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत में सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर टिकट बंटवारे से असंतुष्ट कार्यकर्ता अपना गुस्सा दबा नहीं पाए। उद्घाटन समारोह के दौरान ही अचानक माहौल गरमा गया और नारेबाजी शुरू हो गई, जिसने कुछ ही पलों में हिंसक रूप ले लिया। अध्यक्ष मदन मेघवाल ने आरोप लगाया कि स्थानीय नेता दीपक अरोड़ा के बेटे मोहित अरोड़ा ने उन्हें बातचीत के बहाने बुलाया। मोहित अरोड़ा ने उन्हें अंकल कहकर संबोधित किया और मुंह मीठा कराने के नाम पर एक तरफ ले गया। जैसे ही वे मुख्य भीड़ से थोड़ा दूर हुए, मोहित अरोड़ा और उसके साथ मौजूद समर्थकों ने अचानक उन पर हमला बोल दिया। इस धक्का-मुक्की और मारपीट में शहर अध्यक्ष का कुर्ता फट गया और कार्यक्रम स्थल पर भारी चीख-पुकार मच गई। वरिष्ठ नेताओं का हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग घटना की खबर फैलते ही बीकानेर के वरिष्ठ पार्टी नेता हरकत में आ गए। पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला और देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी स्थिति संभालने के लिए तुरंत मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव कर माहौल को शांत कराया और कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर वहां से हटाया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर अध्यक्ष मदन मेघवाल ने अपनी ही पार्टी के असंतुष्ट गुट के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पुलिस और संगठन के उच्च नेतृत्व से दोषी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मदन मेघवाल की पृष्ठभूमि और अंदरूनी खींचतान इस घटना के बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल का पिछला राजनीतिक और प्रशासनिक सफर भी चर्चा का विषय बन गया है। मदन गोपाल मेघवाल केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के पारिवारिक रिश्तेदार हैं। उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेकर राजनीति में कदम रखा था। कांग्रेस ने उन्हें केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के सामने बीकानेर सीट से अपना प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में उतारा था। हालांकि, प्रशासनिक पृष्ठभूमि से राजनीति में आए मदन मेघवाल की स्थानीय संगठन पर पकड़ काफी कमजोर मानी जाती रही है। बीकानेर के स्थानीय कांग्रेसी नेता और पुराने कार्यकर्ता उन्हें तवज्जो नहीं देते, जिससे पार्टी के भीतर लगातार खींचतान की स्थिति बनी रहती है। यही वजह है कि नगर निकाय या वार्ड स्तर के टिकट वितरण में उनकी भूमिका को लेकर स्थानीय दावेदार लगातार सवाल उठाते रहे हैं और असंतोष जताते रहे हैं। चुनाव के समय अनुशासनहीनता पर सवाल स्थानीय निकाय चुनाव के ठीक पहले हुई इस हिंसक घटना ने संगठन के भीतर फैले अनुशासनहीनता के स्तर को जगजाहिर कर दिया है। सरेआम जिला अध्यक्ष स्तर के पदाधिकारी के साथ हुई मारपीट से पार्टी की साख पर गहरा धक्का लगा है। अब स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस खुले अनुशासनहीनता के मामले में क्या संज्ञान लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है। इसका आप पर असर राजनीतिक कार्यक्रमों में होने वाली ऐसी हिंसक घटनाएं चुनावी माहौल और आम जनता की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर डालती हैं। • भारत में: राजनीतिक दलों में अंदरूनी गुटबाजी सार्वजनिक मंचों पर हिंसा का रूप ले सकती है। इससे समर्थकों और आम लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती है। • बीकानेर और राजस्थान में: आगामी निकाय चुनावों के दौरान राजनीतिक रैलियों और कार्यालय उद्घाटन कार्यक्रमों में तनाव बढ़ सकता है। स्थानीय पुलिस प्रशासन को चुनावी आयोजनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करना होगा। • स्थानीय मतदाताओं के लिए: चुनावी मौसम में उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी से पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष फैलता है। इससे मतदाताओं का जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित होता है। • राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए: अनुशासनहीनता और हिंसा में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं पर दंडात्मक कार्रवाई और पुलिस केस की संभावना बढ़ जाती है। इससे उनके राजनीतिक करियर पर स्थायी असर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. बीकानेर में किस नेता के साथ मारपीट की घटना हुई? बीकानेर शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट की गई। 2. यह विवाद किस स्थान और कार्यक्रम के दौरान हुआ? यह घटना बीकानेर के वार्ड संख्या 50 में प्रत्याशी नवरत्न डागा के चुनाव कार्यालय उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुई। 3. मदन मेघवाल पर हमला करने का आरोप किस पर लगा है? आरोप है कि स्थानीय नेता दीपक अरोड़ा के बेटे मोहित अरोड़ा और उनके समर्थकों ने मदन मेघवाल पर हमला किया। 4. विवाद की मुख्य वजह क्या थी? आगामी निकाय चुनावों के लिए पार्टी में टिकट बंटवारे को लेकर कार्यकर्ताओं में असंतोष इस विवाद की मुख्य वजह थी। 5. घटना के बाद मौके पर कौन से वरिष्ठ नेता पहुंचे? घटना के बाद पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला और देहात कांग्रेस जिलाध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता स्थिति संभालने पहुंचे। https://trendkia.com/rajasthan/tikata-bntavare-se-naraja-kangresi-karyakartaon-ka-hngama-bikaner-shahara-adhyaksha-madan-meghwal-se-marapita-ke-bada-phara-kurta-26549 TrendKia — Har trend, sabse pehle.