तिलस्वां महादेव धाम में आकार ले रही भगवान शिव की 31 फीट ऊंची प्रतिमा, बढ़ेगी मंदिर की भव्यता भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया स्थित प्रसिद्ध तिलस्वां महादेव धाम के मेला चौक में भगवान शिव की 31 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया में स्थित विख्यात तिलस्वां महादेव धाम में इन दिनों एक विशाल निर्माण कार्य चल रहा है, जहां भगवान शिव की 31 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा गढ़ी जा रही है। मंदिर परिसर के मुख्य मेला चौक में इस कलाकृति को तैयार किया जा रहा है, और काम पूरा होने के बाद यहां आने वाले तमाम श्रद्धालुओं को देवाधिदेव महादेव के अत्यंत विराट और अलौकिक स्वरूप के दर्शन करने का दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा। इस नए निर्माण से संपूर्ण मंदिर परिसर की सुंदरता में भी काफी इजाफा होगा और यह स्थान क्षेत्र के लोगों के लिए विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र बनेगा। मंदिर परिसर के मेला चौक में आकार ले रही यह विशाल प्रतिमा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का नया केंद्र साबित होने जा रही है। इस मूर्ति को अत्यंत मनमोहक और भव्य रूप देने के लिए निर्माण के दौरान हर बारीक बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मूर्ति का काम मुकम्मल होने के बाद मेला चौक की रौनक और भी अधिक बढ़ जाएगी, जिससे यहां आने वाले भक्तों को अपने आराध्य के सानिध्य में एक बिल्कुल नया और दिव्य धार्मिक अनुभव प्राप्त होगा। भगवान शिव के इस विशाल स्वरूप को बेहद आकर्षक और सजीव बनाने की प्रक्रिया में कारीगरों द्वारा विशेष मेहनत की जा रही है। मूर्तिकार इस प्रतिमा के मुखमंडल के भावों, आभूषणों की सजावट और कुल बनावट पर बहुत बारीकी के साथ काम कर रहे हैं ताकि महादेव का रूप पूरी तरह जीवंत और दिव्य नजर आए। इस पूरी रचना को इस प्रकार गढ़ा जा रहा है कि इसे निहारने मात्र से ही भक्तजनों के मन में गहरी आध्यात्मिक और मानसिक शांति की अनुभूति जागृत हो सके। मंदिर के पुजारी गिरधर पाराशर ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस भव्य प्रतिमा के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी कर्मा आर्ट्स नामक कंपनी को सौंपी गई है। इस कलात्मक कार्य को जमीन पर उतारने के लिए राजस्थान के कोटा शहर से ताल्लुक रखने वाले मूर्तिकार राहुल जुनवाल और पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के यतींद्र कुमार बेलिया पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। ये दोनों कुशल कलाकार अपनी कला के माध्यम से इस प्रतिमा को अत्यंत सुंदर और भव्य रूप देने में पूरी शिद्दत से लगे हुए हैं, और इनके इस उत्कृष्ट कार्य से मंदिर परिसर को एक संपूर्ण नया और भव्य स्वरूप मिलने की पूरी उम्मीद है। तिलस्वां महादेव धाम को भीलवाड़ा जिले के सबसे प्रमुख और प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में शुमार किया जाता है। यहां भगवान महादेव के दर्शन करने और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के लिए दूर-दराज के इलाकों से रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस स्थान को लेकर गहरी मान्यता है कि यहां विराजमान तिल के आकार वाले महादेव के दर्शन करने का अपने आप में एक विशेष और अलग धार्मिक महत्व है। इसी अटूट आस्था और विश्वास के कारण इस पवित्र मंदिर में पूरे बारह महीने यानी सालभर भक्तों का आना-जाना अनवरत रूप से लगा रहता है। विशेष तौर पर पवित्र श्रावण मास के पूरे महीने और महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्वों के दौरान तिलस्वां महादेव धाम में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है और श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। इन खास और पावन अवसरों पर मंदिर के भीतर विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है, जिसके चलते आसपास का पूरा इलाका पूरी तरह से शिवभक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आता है। भक्त यहां पहुंचकर भगवान शिव के चरणों में मत्था टेकते हैं और अपने पूरे परिवार के लिए सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना करते हैं, और इन दिनों मंदिर का पूरा वातावरण बेहद जीवंत रहता है। मंदिर परिसर के मेला चौक में तेजी से बनाई जा रही भगवान शिव की यह 31 फीट ऊंची प्रतिमा आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन को भी एक नई गति और बढ़ावा देने का काम करेगी। जब यह मूर्ति बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगी, तो यह इस धाम में आने वाले हर एक श्रद्धालु के लिए मुख्य आकर्षण का विषय बन जाएगी, जिससे इस प्राचीन मंदिर की ख्याति और भव्यता में चार चांद लग जाएंगे। इसके साथ ही, स्थानीय निवासियों और आसपास के तमाम क्षेत्रों से यहां आने वाले आगंतुकों को भी एक नया धार्मिक केंद्र देखने को मिलेगा। इसका आप पर असर तिलस्वां महादेव धाम में बन रही इस नई प्रतिमा से धार्मिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। • भारत में: देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले शिव भक्तों को एक नया और भव्य धार्मिक केंद्र देखने को मिलेगा। • भीलवाड़ा में: स्थानीय स्तर पर पर्यटन बढ़ने से व्यापार को गति मिलेगी और क्षेत्र की धार्मिक पहचान मजबूत होगी। ऐसा क्यों हुआ तिलस्वां महादेव धाम में आगंतुकों को आकर्षित करने और मंदिर की आध्यात्मिक भव्यता में वृद्धि करने के उद्देश्य से इस विशाल प्रतिमा का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। • निर्माण का उद्देश्य: मंदिर परिसर के मेला चौक की सुंदरता को बढ़ाना और श्रद्धालुओं को एक दिव्य धार्मिक अनुभव प्रदान करना इसका मुख्य कारण है। • कलात्मक प्रयास: कर्मा आर्ट्स कंपनी के माध्यम से कुशल मूर्तिकारों को इस कलाकृति को जीवंत रूप देने का जिम्मा सौंपा गया है। सवाल-जवाब 1. तिलस्वां महादेव धाम कहाँ स्थित है? तिलस्वां महादेव धाम राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया में स्थित है। 2. बन रही शिव प्रतिमा की ऊँचाई कितनी है? भगवान शिव की इस नई प्रतिमा की ऊँचाई 31 फीट है। 3. प्रतिमा का निर्माण कहाँ किया जा रहा है? यह प्रतिमा मंदिर परिसर के मेला चौक में तैयार की जा रही है। 4. इस प्रतिमा को बनाने का अनुबंध किसे मिला है? प्रतिमा बनाने का काम कर्मा आर्ट्स कंपनी को सौंपा गया है। 5. इस निर्माण कार्य में कौन-से मूर्तिकार जुड़े हैं? इसमें कोटा के मूर्तिकार राहुल जुनवाल और मध्यप्रदेश के यतींद्र कुमार बेलिया शामिल हैं। https://trendkia.com/rajasthan/tilasvan-mahadeva-dhama-men-akara-le-rahi-bhagavana-shiva-ki-31-phita-unchi-pratima-barhegi-mndira-ki-bhavyata-51366 TrendKia — Har trend, sabse pehle.