टोंक के मालपुरा में नामांकन वापसी पर सियासी संग्राम, वार्ड बाईस की प्रत्याशी को लेकर भिड़े भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता टोंक जिले के मालपुरा में नगरपालिका चुनाव के नामांकन वापसी के दौरान भारी हंगामा हुआ, जहां वार्ड 22 की कांग्रेस प्रत्याशी लता देवी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। राजस्थान के टोंक जिले के अंतर्गत आने वाले मालपुरा कस्बे में नगरपालिका चुनावों के माहौल के बीच राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई। स्थानीय निर्वाचन कार्यालय के ठीक बाहर सड़क पर उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया चल रही थी। स्थिति तब बेहद तनावपूर्ण हो गई जब वार्ड नंबर बाईस से मैदान में उतरीं दलित महिला उम्मीदवार लता देवी को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और जमकर हाथापाई हुई। नामांकन वापसी को लेकर सड़क पर हंगामा निर्वाचन कार्यालय के बाहर का घटनाक्रम किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। तय समय सीमा के बिल्कुल नजदीक जब भाजपा के नेता संबंधित कांग्रेस उम्मीदवार को अपनी गाड़ी में बैठाकर कागजात वापस कराने के लिए कार्यालय की तरफ ला रहे थे, तब कांग्रेस खेमे के लोगों को इसकी भनक लग गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीच सड़क पर ही भाजपा नेताओं के चंगुल से अपनी प्रत्याशी को छुड़ाने के लिए संघर्ष किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की और जोरदार हंगामा देखने को मिला, जिससे वहां से गुजरने वाले लोग भी सकते में आ गए। प्रत्याशी और नेताओं के गंभीर आरोप घटना के बाद सियासी गलियारों में आरोपों का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस पार्टी के नेता घासीलाल चौधरी ने सीधे तौर पर कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला। दूसरी ओर, इस पूरे विवाद के केंद्र में रहीं पीड़ित उम्मीदवार लता देवी और उनके पति लक्ष्मीनारायण वाल्मीकि ने जो दावे किए, उन्होंने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। कांग्रेस नेताओं की ओर से एक वीडियो भी साझा किया गया जिसमें उम्मीदवार को कथित तौर पर एक होटल से बाहर लाए जाने का दावा किया गया है। वाल्मीकि दंपत्ति ने बिना किसी का सीधा नाम लिए यह बात खुलकर कही कि उनके ऊपर अपना नाम वापस लेने के लिए भारी दबाव बनाया जा रहा था और साथ ही आर्थिक प्रलोभन भी दिए गए थे। राजनीतिक पारा और आगे की स्थिति इस अप्रत्याशित और हाई-वोल्टेज घटनाक्रम के बाद मालपुरा का राजनीतिक तापमान काफी बढ़ गया है। विपक्षी दल द्वारा इसे दलित महिला के सम्मान और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार बताया जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान हुई इस गहमागहमी और गंभीर आरोपों के संदर्भ में प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं। इसका आप पर असर इस घटना का असर स्थानीय स्तर पर चुनावी माहौल और प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा पड़ेगा। • भारत में: देश भर के स्थानीय शहरी निकायों में चुनावी पारदर्शिता और प्रत्याशियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते हैं। इस तरह के मामलों से निर्वाचन आयोग और स्थानीय प्रशासन पर निष्पक्ष चुनाव कराने का दबाव बढ़ जाता है। • मालपुरा में: मालपुरा के स्थानीय निवासियों और मतदाताओं के बीच राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है। इस घटना के बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और स्थानीय प्रशासन को किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहना पड़ रहा है। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस जिले में हुई? यह घटना टोंक जिले के मालपुरा कस्बे में हुई। 2. विवाद किस वार्ड के प्रत्याशी को लेकर था? विवाद वार्ड नंबर 22 से कांग्रेस की महिला प्रत्याशी लता देवी को लेकर था। 3. किन पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई? भाजपा और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई। 4. कांग्रेस नेता ने किस मंत्री पर आरोप लगाया? कांग्रेस नेता घासीलाल चौधरी ने कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी पर निशाना साधा। 5. प्रत्याशी ने क्या मुख्य आरोप लगाया? प्रत्याशी लता देवी और उनके पति ने नामांकन वापस लेने के लिए भारी दबाव और पैसों का लालच दिए जाने का आरोप लगाया। https://trendkia.com/rajasthan/tonk-ke-malpura-mein-namankan-vapsi-par-siyasi-sangram-ward-baees-ki-pratyasi-ko-lekar-bhide-bjp-aur-congress-karyakarta-27215 TrendKia — Har trend, sabse pehle.