# उदयपुर के 6 वर्षीय नन्हे भारोत्तोलक विराज शर्मा ने 47 किलोग्राम वजन उठाकर रचा इतिहास

> साढ़े 17 किलो वजन वाले 6 साल के विराज शर्मा ने अपने शरीर से करीब ढाई गुना भारी वजन उठाकर सात राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किए हैं।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/udaipur-ke-6-varshiya-nanhe-bharottolaka-viraj-sharma-ne-47-kilograma-vajana-uthakara-racha-itihasa-44483 · **Language:** Hindi
**Tags:** विराज शर्मा, उदयपुर, वेटलिफ्टिंग, पावरलिफ्टिंग, खेलो इंडिया, भजनलाल शर्मा

राजस्थान के झीलों के शहर में रहने वाले एक छह साल के बच्चे ने खेल जगत को अपनी अद्भुत शारीरिक क्षमता से स्तब्ध कर दिया है। महज साढ़े 17 किलोग्राम शारीरिक भार वाले नन्हे विराज शर्मा ने लोहे की भारी छड़ों पर 47 किलोग्राम का वजन साधकर हर किसी को अचरज में डाल दिया है। शारीरिक भार के अनुपात में करीब ढाई गुना अधिक वजन उठाने की इस विलक्षण उपलब्धि के साथ उन्होंने वेटलिफ्टिंग और पावरलिफ्टिंग दोनों विधाओं में कुल सात राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कीर्तिमान अपने नाम दर्ज करा लिए हैं।

## शुरुआती सफर और रिकॉर्ड्स का नया सिलसिला
विराज वर्तमान में सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की एचकेजी कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं। अपनी इस असाधारण प्रतिभा को तराशने के लिए वह लवकुश इंडोर स्टेडियम परिसर स्थित व्यायामशाला में नियमित पसीना बहाते हैं, जहां उन्हें कनिष्ठ प्रशिक्षक ओमप्रकाश पटेल मार्गदर्शन और तकनीकी प्रशिक्षण दे रहे हैं। खेल के प्रति उनका समर्पण ऐसा है कि खेल के मैदान पर उतरने के कुछ ही समय के भीतर उन्होंने पुराने सारे मानक पीछे छोड़ दिए।

नन्हे खिलाड़ी के पिता वैभव शर्मा ने बताया कि विराज ने पहली बार इतिहास तब रचा था जब उनकी आयु 5 वर्ष 11 माह थी। उस शुरुआती प्रयास में बालक ने 35 किलोग्राम की लोहे की प्लेटें उठाकर अपनी पहली आधिकारिक पहचान दर्ज कराई थी। इसके बाद प्रगति की रफ्तार बेहद तेज रही। महज पांच से दस दिनों के छोटे अंतराल पर अपनी ही सीमाओं को लांघते हुए उन्होंने पहले 42 किलोग्राम और अंततः 47 किलोग्राम की भारी बारबेल उठाकर अपने पूर्व कीर्तिमानों को स्वयं ही ध्वस्त कर दिया।

## अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान और विशेष उपाधियां
विराज की इस अद्वितीय शक्ति को कई प्रतिष्ठित रिकॉर्ड पुस्तिकाओं ने मान्यता दी है। उन्हें नेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ-साथ इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, इन्फ्लुएंसर्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड तथा इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड से विशेष सम्मान प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ इंडिया सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।

पिता वैभव शर्मा के अनुसार, इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने आधिकारिक तौर पर विराज को दोनों विधाओं में विश्व का सबसे कम उम्र का बालक घोषित किया है। केंद्र के स्तर पर भी उनकी इस चमक को सराहा गया है, जहां भारत सरकार द्वारा बालक को सुपर टैलेंटेड किड-वन इन ए मिलियन के राष्ट्रीय खिताब से सम्मानित किया गया है।

## राज्य नेतृत्व से सराहना और भावी राष्ट्रीय मंच
नन्हे एथलीट की यह दुर्लभ उपलब्धि कई शीर्ष स्तर के राजनेताओं के ध्यान में भी आई है। पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने सार्वजनिक रूप से उनकी इस मेहनत और क्षमता की प्रशंसा की है। वहीं पिता के अनुसार राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बालक के इस शानदार कारनामे से प्रभावित होकर उन्हें विशेष मुलाकात के लिए जयपुर आमंत्रित किया है।

भविष्य की योजनाओं में एक और बड़ा अवसर सामने नजर आ रहा है। आगामी वर्ष में देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने वाले खेलो इंडिया प्रतियोगिता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में विराज के भारोत्तोलन कौशल का विशेष प्रदर्शन आयोजित करने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। सामान्यतः जिस छोटी उम्र में बच्चे बुनियादी खेल गतिविधियों में रमे रहते हैं, उस पड़ाव पर विराज भारी वजन उठाकर खेल की दुनिया में अपनी अनोखी और मजबूत पहचान बना चुके हैं।

## इसका आप पर असर
कम उम्र में खेल प्रशिक्षण की इस उपलब्धि ने युवाओं और अभिभावकों के बीच जमीनी खेल संस्कृति और कोचिंग सुविधाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाई है।

- **भारत में:** यह उपलब्धि देश भर में ग्रासरूट स्तर पर एथलेटिक प्रतिभा खोज और शुरुआती खेल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नई प्रेरणा देती है। अभिभावक अब बच्चों को पारंपरिक खेलों के अलावा भारोत्तोलन और अन्य ओलंपिक विधाओं की ओर छोटी उम्र से प्रेरित करने पर विचार कर रहे हैं।
- **उदयपुर में:** स्थानीय खेल ढांचे और लवकुश इंडोर स्टेडियम की व्यायामशाला को क्षेत्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। शहर के उभरते बाल खिलाड़ियों और उनके संरक्षकों को आधुनिक कोचिंग और प्रशिक्षण सुविधाओं की मांग करने का ठोस आधार मिला है।
- **अभिभावकों के लिए:** बच्चों की प्राकृतिक क्षमता को पहचानकर सही उम्र में योग्य कोच से प्रशिक्षण दिलवाने का महत्व स्पष्ट होता है। इससे परिवारों को खेल को केवल शौक के बजाय अनुशासित करियर विकल्प के रूप में देखने की दृष्टि मिलती है।
- **खेल अकादमियों के लिए:** बाल एथलीटों के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण और उचित सुरक्षा दिशानिर्देश तय करने की आवश्यकता रेखांकित होती है। कोचों और संस्थानों को युवा शरीर के अनुकूल सुरक्षित पोषण और भार प्रबंधन मानकों पर अधिक ध्यान देना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
विराज शर्मा की इस रिकॉर्ड उपलब्धि के पीछे समर्पित नियमित अभ्यास, विशेषज्ञ कोचिंग और पारिवारिक प्रोत्साहन का समन्वित योगदान रहा है।

- **नियमित कोचिंग और तकनीकी मार्गदर्शन:** लवकुश इंडोर स्टेडियम में कनिष्ठ प्रशिक्षक ओमप्रकाश पटेल द्वारा निरंतर वैज्ञानिक तकनीक और ग्रिप सुधार पर काम कराया गया। इसी संरचित मार्गदर्शन ने बालक को चोट से बचाते हुए धीरे-धीरे भारी वजन उठाने में सक्षम बनाया।
- **क्रमिक वजन वृद्धि की रणनीति:** पहले 35 किलोग्राम और फिर 42 किलोग्राम के पड़ावों को सफलतापूर्वक पार करने के बाद ही 47 किलोग्राम का लक्ष्य रखा गया। पांच से दस दिनों के अंतरालों में क्षमता परखते हुए भार बढ़ाने के अभ्यास ने यह नया रिकॉर्ड स्थापित कराया।
- **पारिवारिक समर्थन:** पिता वैभव शर्मा ने छोटी उम्र से ही बेटे की रुचि और शारीरिक क्षमता को पहचानकर खेल की ओर मोड़ा। लगातार प्रतियोगिताओं और आधिकारिक रिकॉर्ड सूचियों में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया में परिवार का निरंतर सहयोग रहा।

## सवाल-जवाब

### 1. विराज शर्मा की उम्र और उनका वजन कितना है?
विराज की उम्र 6 साल है और उनका खुद का शारीरिक वजन महज साढ़े 17 किलोग्राम है।

### 2. विराज शर्मा ने कितना भार उठाकर रिकॉर्ड बनाया है?
उन्होंने 47 किलोग्राम वजन उठाकर अपना नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।

### 3. विराज किस स्कूल और कक्षा में पढ़ाई करते हैं?
विराज सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एचकेजी कक्षा के छात्र हैं।

### 4. उन्हें प्रशिक्षण कौन और कहां दे रहा है?
विराज को लवकुश इंडोर स्टेडियम की व्यायामशाला में कनिष्ठ प्रशिक्षक ओमप्रकाश पटेल द्वारा कोचिंग दी जा रही है।

### 5. विराज ने पहला रिकॉर्ड किस उम्र में और कितने वजन के साथ बनाया था?
उन्होंने 5 साल 11 महीने की उम्र में 35 किलोग्राम भार उठाकर अपना पहला रिकॉर्ड बनाया था।

### 6. भारत सरकार से विराज को कौन सा सम्मान प्राप्त हुआ है?
भारत सरकार की ओर से उन्हें सुपर टैलेंटेड किड-वन इन ए मिलियन के खिताब से सम्मानित किया गया है।

### 7. आगामी दिनों में विराज के लिए कौन सा बड़ा प्रदर्शन प्रस्तावित है?
अगले साल नई दिल्ली में प्रस्तावित खेलो इंडिया आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उनका प्रदर्शन प्रस्तावित है।

## प्रेरणा और सबक
छह साल के विराज शर्मा का खेल अनुशासन साबित करता है कि लगन और सही मार्गदर्शन उम्र की सीमाओं को मिटा सकते हैं।

- **अनुशासन और नियमितता:** छोटी उम्र में भी लगातार व्यायामशाला जाना और अभ्यास करना बड़ी सफलता का आधार बनता है। नियमित अभ्यास के बिना कोई भी प्राकृतिक प्रतिभा पूर्ण परिणाम नहीं दे सकती।
- **अपनी सीमाओं को खुद चुनौती देना:** विराज ने दूसरों के बजाय हर 5 से 10 दिन में अपने ही पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया। आत्मसुधार की यह भावना किसी भी क्षेत्र में प्रगति की कुंजी है।
- **सही मार्गदर्शन पर भरोसा:** योग्य प्रशिक्षक के दिशा-निर्देशों में तकनीक सीखना ही सुरक्षित और टिकाऊ प्रगति सुनिश्चित करता है। अनुभवी मेंटर का हाथ होने से बड़े लक्ष्यों को हासिल करना आसान हो जाता है।

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