# उदयपुर की आर्टिस्ट ने 31 फीट के कैनवास पर रचे मां दुर्गा के नौ रूप, मेहंदी से बनाई अनोखी कलाकृति

> उदयपुर की मेहंदी आर्टिस्ट युवी वैष्णव ने नवरात्रि के पावन अवसर पर 31 फीट लंबे कैनवास पर मेहंदी और वाटर कलर से मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को उकेरा है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/udaipur-ki-artist-ne-31-phita-ke-canvas-para-rache-maa-durga-ke-nau-rupa-mehndi-se-banai-anokhi-kalakriti-47200 · **Language:** Hindi
**Tags:** युवी वैष्णव, उदयपुर, नवरात्रि, मां दुर्गा, मेहंदी आर्ट, कैनवास पेंटिंग

हाथों की हथेलियों से निकलकर अब मेहंदी की यह पारंपरिक कला एक नए और विशाल कैनवास पर अपनी अद्भुत छाप छोड़ रही है। उदयपुर की रहने वाली मेहंदी आर्टिस्ट युवी वैष्णव ने इस नवरात्रि के खास मौके पर अपनी कला के जरिए कुछ ऐसा अनूठा कर दिखाया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। उन्होंने मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों को करीब 31 फीट लंबे कैनवास पर जीवंत कर दिया है। इस अनोखी कृति में गहरी आस्था के साथ-साथ उत्कृष्ट कलात्मकता का एक बेहद सुंदर संगम देखने को मिलता है, जो देखने वालों का मन मोह रहा है।

## नवरात्रि की अनूठी आराधना और नौ रूप
हिंदू धर्म में नवरात्रि के इन नौ दिनों के दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इस पावन अवधि में श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धा और आस्था के अनुरूप माता रानी को प्रसन्न करने के मार्ग तलाशते हैं। युवी वैष्णव ने अपनी इस अगाध भक्ति को प्रकट करने के लिए अपनी कला को ही सबसे बड़ा माध्यम चुना। उन्होंने मां शैलपुत्री, मां कूष्मांडा, मां कालरात्रि और मां गौरी समेत नवदुर्गा के सभी पावन रूपों को बेहद बारीकी और खूबसूरती के साथ इस कैनवास पर तैयार किया है। इसके अलावा उन्होंने नवदुर्गा का एक बेहद भव्य और आकर्षक पोर्ट्रेट भी बनाया है, जो हर देखने वाले का ध्यान अपनी तरफ खींच रहा है।

## पोर्ट्रेट को पूरा करने में लगा 10 से 12 दिन का समय
इस विशाल कलाकृति को आकार देने के पीछे लंबी मेहनत और समर्पण की कहानी जुड़ी है। युवी वैष्णव ने साझा किया कि इस करीब 31 फीट लंबे कैनवास पर इन सभी पोर्ट्रेट्स को पूरी तरह तैयार करने में उन्हें कुल 10 से 12 दिनों का वक्त लगा। इस चुनौतीपूर्ण कार्य में उन्होंने खुद तो अथक परिश्रम किया ही, साथ ही उनके विद्यार्थियों ने भी उनका पूरा साथ दिया और भरपूर सहयोग प्रदान किया। इन तस्वीरों को बनाते समय मेहंदी और वाटर कलर का इस्तेमाल किया गया है तथा इसकी हर एक बारीक डिटेलिंग पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है। यही एक मुख्य वजह है कि जब भी कोई इन पोर्ट्रेट्स को देखता है, तो उसकी निगाहें कुछ पलों के लिए वहीं ठहर जाती हैं।

## शोभायात्रा में शामिल होकर बिखेरा कला का जलवा
जब नवरात्रि के इस पावन पर्व पर उदयपुर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, तो युवी वैष्णव अपने सभी स्टूडेंट्स के साथ मां दुर्गा के इन अद्भुत और विशेष पोर्ट्रेट्स को लेकर उस यात्रा का हिस्सा बनीं। इस दौरान वहां मौजूद आम जनता और कला प्रेमियों के बीच उनकी यह अनोखी कला आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रही। इतने बड़े विशाल कैनवास पर पारंपरिक मेहंदी और रंगों के संयोजन से माता के नौ स्वरूपों को ढालने का यह अनूठा तरीका लोगों को बेहद भाया और उन्होंने इसकी जमकर सराहना की।

## मेहंदी कला को एक नया आयाम देने की कोशिश
अपनी इस कला यात्रा के बारे में बात करते हुए युवी वैष्णव बताती हैं कि वह इससे पहले भी कई अलग-अलग प्रकार के खास और नए पोर्ट्रेट्स तैयार कर चुकी हैं। उनके द्वारा किए जाने वाले इन रचनात्मक कार्यों को सोशल मीडिया पर भी लगातार अच्छा रिस्पॉन्स मिलता रहा है। उनकी हमेशा से यही कोशिश रहती है कि मेहंदी की इस कला को केवल हाथों पर पारंपरिक डिजाइन रचने तक ही सीमित न रखा जाए, बल्कि इसके दायरे को बढ़ाकर नए-नए प्रयोग किए जाएं। उनकी यह प्रेरणादायक पहल न केवल अन्य महिलाओं बल्कि मेहंदी सीखने के इच्छुक नए स्टूडेंट्स के लिए भी एक बड़ा उदाहरण पेश करती है। आमतौर पर समाज में मेहंदी को केवल शादी-ब्याह, पर्व-त्योहारों या फिर पारिवारिक आयोजनों तक ही सीमित मान लिया जाता है, लेकिन युवी वैष्णव ने अपनी मेहनत और रचनात्मक सोच के जरिए यह साबित कर दिया है कि थोड़ी लगन से इसे एक बिल्कुल अलग मुकाम दिया जा सकता है। नवरात्रि के इन पवित्र दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों को इस अनोखे अंदाज में प्रस्तुत करना उनके लिए केवल एक कलात्मक प्रोजेक्ट भर नहीं है, बल्कि अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त करने का एक बेहद खास जरिया भी है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह कलाकृति किसने तैयार की है?
इसे उदयपुर की मेहंदी आर्टिस्ट युवी वैष्णव ने तैयार किया है।

### 2. इस कलाकृति को बनाने में किस चीज का इस्तेमाल किया गया है?
इसे बनाने के लिए मेहंदी और वाटर कलर का उपयोग किया गया है।

### 3. कैनवास की लंबाई कितनी है?
कैनवास की लंबाई करीब 31 फीट है।

### 4. इस पोर्ट्रेट को तैयार करने में कितना समय लगा?
इस पोर्ट्रेट को तैयार करने में 10 से 12 दिन का समय लगा।

### 5. इस कलाकृति को कहां प्रदर्शित किया गया?
इसे उदयपुर शहर में नवरात्रि के दौरान निकाली गई शोभायात्रा में प्रदर्शित किया गया।

## प्रेरणा और सबक
युवी वैष्णव की यह कला यात्रा उन लोगों के लिए एक बड़ा उदाहरण है जो लीक से हटकर कुछ नया करना चाहते हैं। इस सफलता से कई महत्वपूर्ण सीख मिलती हैं:

- **कला का विस्तार:** पारंपरिक विधाओं को केवल पुरानी सीमाओं में बांधने के बजाय उनमें नए प्रयोग और आधुनिक तकनीकें जोड़ी जा सकती हैं।
- **कड़ी मेहनत और सहयोग:** किसी भी बड़े और चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए निरंतर परिश्रम और टीम वर्क यानी स्टूडेंट्स का सहयोग बहुत जरूरी होता है।
- **समर्पण और लगन:** अपनी कला और श्रद्धा के प्रति सच्ची निष्ठा हो तो सीमित संसाधनों और पारंपरिक सामग्रियों से भी अद्भुत कृतियां गढ़ी जा सकती हैं।
- **अलग पहचान बनाना:** लीक से हटकर किए गए रचनात्मक प्रयास समाज में एक नई मिसाल कायम करते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं।

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