# उदयपुर की प्रसिद्ध राज कचौरी का चटपटा ज़ायका, सूरजपोल से घंटाघर तक इन दुकानों पर उमड़ती है भीड़

> झीलों की नगरी उदयपुर अपने पर्यटन स्थलों के साथ-साथ कुरकुरी और मसालेदार राज कचौरी के लिए जानी जाती है। सूरजपोल, बापू बाजार और घंटाघर की प्रसिद्ध दुकानों पर सुबह से ही इसके शौकीनों का जमावड़ा लगता है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/udaipur-ki-prasiddha-raja-kachauri-ka-chatapata-zayaka-surajpole-se-ghantaghar-taka-ina-dukanon-para-umarati-hai-bhira-30070 · **Language:** Hindi
**Tags:** उदयपुर, राज कचौरी, राजस्थान स्ट्रीट फूड, सूरजपोल, बापू बाजार, घंटाघर, जगदीश मिष्ठान भंडार

झीलों के खूबसूरत शहर उदयपुर की पहचान केवल इसके दर्शनीय स्थलों और महल-पोखरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ की गलियों में बसने वाला लजीज खान-पान भी दुनिया भर से आने वाले सैलानियों को अपनी ओर खींचता है। जब बात स्ट्रीट फूड और पारंपरिक नाश्ते की आती है, तो उदयपुर की मशहूर राज कचौरी का नाम सबसे ऊपर आता है। खट्टे-मीठे और तीखे स्वादों के अनोखे मेल वाली यह कचौरी किसी भी चटपटे खाने के शौकीन के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प मानी जाती है।

## राज कचौरी की अनोखी बनावट और ज़ायका
राज कचौरी की मुख्य पहचान इसका बड़ा और गोल आकार तथा इसका बेहद कुरकुरापन है। इसे पूरी तरह तैयार करने के बाद इसके भीतर उबले हुए आलू, उबले चने, गाढ़ा दही, महीन सेव और कई तरह के सुगंधित मसाले भरे जाते हैं। इसके बाद इसमें मीठी, खट्टी और चटपटी तीखी चटनी डाली जाती है। जब यह सभी सामग्री एक साथ मिलती है, तो हर निवाले में स्वाद का एक अनोखा अनुभव मिलता है। यही वजह है कि स्थानीय निवासियों से लेकर यहाँ आने वाले पर्यटक तक इसे बड़े चाव से खाते हैं।

## सूरजपोल में सुबह के नाश्ते का ठिकाना
यदि आप उदयपुर की यात्रा पर हैं और प्रामाणिक राज कचौरी का स्वाद लेना चाहते हैं, तो सूरजपोल इलाके का रुख करना एक बेहतरीन फैसला हो सकता है। सूरजपोल शहर का एक प्रमुख और व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र है, जहाँ तड़के से ही नाश्ते की दुकानों पर चहल-पहल शुरू हो जाती है। इस इलाके में स्थित जगदीश मिष्ठान भंडार अपनी कचौरी और पारंपरिक राजस्थानी नाश्ते के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। यहाँ मिलने वाली गरमा-गरम कचौरी और स्नैक्स लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं।

## बापू बाजार में खरीदारी और लज़ीज़ स्नैक्स
उदयपुर का बापू बाजार मार्ग खरीदारी के लिए पर्यटकों और स्थानीय लोगों का पसंदीदा बाज़ार है। बाज़ार की गलियों में घूमकर खरीदारी करने के बाद यदि आपको कुछ चटपटा खाने की इच्छा हो, तो बापू बाजार मार्ग पर स्थित बाबूजी मिष्ठान भंडार एक बहुत अच्छा विकल्प है। यह प्रतिष्ठान अपने स्वादिष्ट नाश्ते और पारंपरिक मिठाइयों के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, पास ही स्थित जोधाणा स्वीट भी राज कचौरी और अन्य पारंपरिक व्यंजनों के बेहतरीन ज़ायके के लिए काफी लोकप्रिय नाम है।

## घंटाघर के पुराने बाजार में कचौरी के प्रसिद्ध केंद्र
शहर के ऐतिहासिक और पुराने बाजार क्षेत्र घंटाघर में भी चटपटे खाने के प्रेमियों के लिए ढेरों विकल्प मौजूद हैं। यहाँ के पुराने बाज़ार में स्थित लालाजी की दुकान पर कचौरी और पारंपरिक नाश्ते का पुराना स्वाद आज भी वैसा ही बना हुआ है। वहीं, पालीवाल कचौरी सेंटर भी कचौरी के शौकीनों के बीच बेहद लोकप्रिय और जाना-पहचाना नाम है। राज कचौरी की खासियत यही है कि यह एक ही डिश में कई तरह के स्वादों का अनूठा अनुभव प्रदान करती है।

## इसका आप पर असर
उदयपुर की पारंपरिक खान-पान संस्कृति और स्थानीय स्ट्रीट फूड उद्योग पर इस प्रसिद्ध व्यंजन का व्यापक प्रभाव देखने को मिलता है।

- **भारत में:** देश भर से आने वाले पर्यटकों को राजस्थान की समृद्ध खान-पान संस्कृति का प्रत्यक्ष अनुभव मिलता है। इससे क्षेत्रीय व्यंजनों और पारंपरिक स्ट्रीट फूड को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है।
- **उदयपुर में:** सूरजपोल, बापू बाजार और घंटाघर जैसे प्रमुख बाज़ारों में स्थित स्थानीय नाश्ते की दुकानों और मिष्ठान भंडारों का कारोबार तेजी से बढ़ता है। इससे स्थानीय कारीगरों, हलवाइयों और दुकानदारों को दैनिक रोज़गार प्राप्त होता है।
- **पर्यटन विकास:** शहर में आने वाले पर्यटक ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण के साथ-साथ खाद्य पर्यटन (फुड टूरिज्म) का आनंद लेते हैं। इससे स्थानीय गाइडों, ऑटो चालकों और बाजार व्यापारियों की आय में वृद्धि होती है।
- **गुणवत्ता और परंपरा:** पारंपरिक स्वादों को बनाए रखने की होड़ से स्थानीय दुकानों में गुणवत्ता बनी रहती है। इससे पर्यटकों को हमेशा ताजा और प्रामाणिक भोजन मिलता है।

## ऐसा क्यों हुआ
उदयपुर की राज कचौरी के प्रसिद्ध होने के पीछे इसके विशेष स्वाद, पारंपरिक बनाने के तरीके और बाज़ारों की खास स्थिति का महत्वपूर्ण योगदान है।

- **स्वादों का अनोखा मिश्रण:** राज कचौरी में मीठी, खट्टी और तीखी चटनी के साथ ठंडे दही और मसालों का संतुलन होता है। यह विविध स्वाद संयोजन इसे साधारण कचौरी से अलग और अधिक लोकप्रिय बनाता है।
- **सामग्री का समृद्ध संयोजन:** इसके अंदर उबले आलू, चने, दही, सेव और कई मसालों की भरपूर फिलिंग की जाती है। यह इसे एक संपूर्ण और तृप्त करने वाला नाश्ता बनाती है।
- **प्रमुख बाजारों की स्थिति:** जगदीश मिष्ठान भंडार, बाबूजी मिष्ठान भंडार और पालीवाल कचौरी सेंटर जैसे प्रतिष्ठान सूरजपोल, बापू बाजार और घंटाघर जैसे व्यस्त व्यावसायिक और पर्यटन केंद्रों में स्थित हैं, जहाँ लगातार लोगों की आवाजाही बनी रहती है।

## सवाल-जवाब

### 1. राज कचौरी की मुख्य खासियत क्या है?
राज कचौरी अपनी बड़ी गोल कुरकुरी बनावट और आलू, चने, दही, सेव तथा खट्टी-मीठी-तीखी चटनियों के समृद्ध संयोजन के लिए जानी जाती है।

### 2. उदयपुर में सूरजपोल इलाके की कौन सी दुकान कचौरी के लिए प्रसिद्ध है?
सूरजपोल इलाके में स्थित जगदीश मिष्ठान भंडार अपने पारंपरिक नाश्ते और कचौरी के लिए बहुत प्रसिद्ध है।

### 3. बापू बाजार मार्ग पर राज कचौरी खाने के लिए कौन से मिष्ठान भंडार लोकप्रिय हैं?
बापू बाजार मार्ग पर बाबूजी मिष्ठान भंडार और पास स्थित जोधाणा स्वीट राज कचौरी तथा पारंपरिक मिठाइयों के लिए जाने जाते हैं।

### 4. घंटाघर क्षेत्र में कचौरी के कौन से प्रमुख केंद्र स्थित हैं?
घंटाघर क्षेत्र में लालाजी की दुकान और पालीवाल कचौरी सेंटर पारंपरिक कचौरी के स्वाद के लिए जाने जाते हैं।

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