# उदयपुर में छह दशक पुराना स्वाद बना सैलानियों की पहली पसंद, 380 रुपये की थाली में मिल रहे 20 से अधिक पकवान

> झीलों की नगरी उदयपुर में नटराज डाइनिंग हॉल पिछले 60 वर्षों से पर्यटकों को 380 रुपये में 20 से अधिक व्यंजनों वाली पारंपरिक सात्विक थाली परोस रहा है।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/udaipur-men-chhaha-dashaka-purana-svada-bana-sailaniyon-ki-pahali-pasnda-380-rupaye-ki-thali-men-mila-rahe-20-se-adhika-pakavana-45477 · **Language:** Hindi
**Tags:** उदयपुर थाली, नटराज डाइनिंग हॉल, उदयपुर पर्यटन, राजस्थानी खाना, गुजराती भोजन, सात्विक थाली

झीलों की नगरी उदयपुर अपनी मनमोहक झीलों, भव्य ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध सांस्कृतिक पहचान के कारण दुनिया भर के मुसाफिरों को आकर्षित करती है। शहर में सैर सपाटे के लिए आने वाले आगंतुक दर्शनीय स्थलों के भ्रमण के साथ ही लजीज और प्रामाणिक भोजन का जायका भी लेना चाहते हैं। खानपान की इसी तलाश के बीच शहर का नटराज डाइनिंग हॉल सैलानियों के बीच भोजन का एक प्रमुख पड़ाव बन चुका है। यहां परोसी जाने वाली सात्विक और तृप्त कर देने वाली थाली को खाने के शौकीन बेहद चाव से पसंद कर रहे हैं। यह भोजन प्रतिष्ठान लगभग 60 साल से अपने प्रामाणिक स्वाद और परंपरा को लगातार संजोए हुए है।

## 380 रुपये में 20 से अधिक व्यंजनों का अनोखा संगम
नटराज डाइनिंग हॉल की सबसे प्रमुख विशेषता यहां परोसी जाने वाली भव्य थाली है। केवल 380 रुपये की तय दर पर ग्राहकों को 20 से ज्यादा तरह के व्यंजन परोसे जाते हैं। इस थाली के जरिए लोगों को एक ही बार में दाल, कढ़ी, अलग-अलग मौसमी और विशेष सब्जियां तथा कई तरह के पारंपरिक पकवान चखने का अवसर मिलता है। एक ही थाली में इतनी प्रचुर विविधता मिलने के कारण शहर आने वाले पर्यटक खास तौर पर इस भोजनालय में पहुंचते हैं ताकि वे कम समय और किफायती दाम में विभिन्न जायकों का भरपूर आनंद ले सकें।

## राजस्थानी और गुजराती खानपान का पारंपरिक तालमेल
इस प्रतिष्ठान में देश के विभिन्न प्रांतों से आने वाले मुसाफिरों की पसंद और स्वाद का विशेष ख्याल रखा जाता है। गुजरात से आने वाले पर्यटकों के लिए गुजराती परंपरा के अनुरूप हल्की मिठास वाली दाल और कढ़ी तैयार की जाती है, जबकि राजस्थानी जायके के दीवानों को तीखा और चटपटा पारंपरिक स्वाद परोसा जाता है। प्रत्येक व्यंजन को पारंपरिक तरीकों और सख्त गुणवत्ता मानकों के साथ पकाया जाता है। डाइनिंग हॉल के संचालक मयंक बताते हैं कि थाली के हर पकवान का अपना अनूठा स्वाद है और ग्राहकों को बेहतरीन भोजन देने के लिए लगातार ध्यान दिया जाता है। इसी लोकप्रियता के चलते दोपहर के भोजन और रात्रि भोज के समय यहां भारी भीड़ उमड़ती है, जहां कई बार ग्राहकों को कतार में इंतजार भी करना पड़ता है।

## छह दशकों की आत्मीय मेजबानी और अतिथि परंपरा
नटराज डाइनिंग हॉल का आकर्षण केवल अच्छे स्वाद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां का आत्मीय सत्कार भी लोगों को खींचता है। प्रतिष्ठान के संचालक और सहयोगी कर्मचारी हर आगंतुक को परिवार के सदस्य की भांति स्नेहपूर्वक भोजन कराते हैं, जिससे राजस्थान की अतिथि देवो भव की समृद्ध परंपरा स्पष्ट झलकती है। इसके अलावा खाने की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाने के लिए नियमित तौर पर ग्राहकों से उनकी राय और सुझाव लिए जाते हैं। कई पर्यटक ऐसे हैं जो सालों से जब भी उदयपुर आते हैं, इस डाइनिंग हॉल में भोजन करना अपनी यात्रा का अभिन्न हिस्सा मानते हैं। करीब छह दशक पुराना यह प्रतिष्ठान आज भी अपने स्वाद, अपनत्व और विश्वास की बदौलत अपनी पहचान कायम रखे हुए है।

## इसका आप पर असर
उदयपुर जाने वाले पर्यटकों और किफायती भोजन के शौकीनों के लिए यह डाइनिंग हॉल एक बजट अनुकूल और पारंपरिक विकल्प उपलब्ध कराता है।

- **उदयपुर में:** शहर की सैर पर आने वाले सैलानी केवल 380 रुपये में 20 से अधिक स्थानीय और गुजराती पकवानों का भरपूर आनंद ले सकते हैं। पीक ऑवर्स में भीड़ अधिक होने के कारण यात्रियों को भोजन के समय थोड़ी प्रतीक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए।
- **भारत में:** देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले पर्यटकों को एक ही जगह पर शुद्ध और प्रामाणिक भोजन का अनुभव मिलता है। इससे यात्रियों को बजट के भीतर गुणवत्तापूर्ण और संतुलित भोजन तलाशने में आसानी होती है।
- **पारिवारिक यात्रियों के लिए:** बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों को यहां सात्विक और घर जैसा आत्मीय सत्कार मिलता है। इसके चलते पर्यटकों को अजनबी शहर में भी सुरक्षित और भरोसेमंद भोजन का विकल्प मिल जाता है।
- **समय और बजट की योजना:** उदयपुर यात्रा का बजट बनाते समय पर्यटक यहां के किफायती भोजन विकल्प को अपनी भोजन सूची में शामिल कर सकते हैं। इससे उन्हें बिना अधिक खर्च किए प्रामाणिक भोजन संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिलता है।

## ऐसा क्यों हुआ
नटराज डाइनिंग हॉल की लगातार लोकप्रियता के पीछे इसकी अनूठी थाली, विविध खानपान का संयोजन और छह दशकों की मजबूत परंपरा है।

- **किफायती दर पर प्रचुर विविधता:** महज 380 रुपये में 20 से ज्यादा पकवान परोसने का मॉडल ग्राहकों को एक ही थाली में कई तरह के स्वाद आजमाने की सुविधा देता है। यह किफायती मूल्य निर्धारण बजट यात्रियों और पर्यटकों दोनों को भारी संख्या में आकर्षित करता है।
- **राजस्थानी और गुजराती स्वाद का संतुलन:** उदयपुर में बड़ी संख्या में आने वाले गुजराती पर्यटकों और स्थानीय राजस्थानी स्वादों के बीच समन्वय बनाकर दोनों तरह की दाल और कढ़ी परोसी जाती है। इस अनुकूलन ने इसे अंतरराज्यीय पर्यटकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय बना दिया।
- **आत्मीय सेवा और निरंतर गुणवत्ता:** संचालक मयंक के अनुसार लगातार गुणवत्ता बनाए रखने और परिवार के सदस्यों की तरह सत्कार करने से ग्राहकों का अटूट भरोसा बना है। लगभग 60 वर्षों से ग्राहकों की प्रतिक्रिया लेकर सुधार करने की कार्यशैली ने इस पहचान को जीवित रखा है।

## सवाल-जवाब

### 1. नटराज डाइनिंग हॉल में एक थाली की कीमत कितनी है?
नटराज डाइनिंग हॉल में एक थाली की कीमत 380 रुपये है।

### 2. 380 रुपये की थाली में कितने प्रकार के व्यंजन परोसे जाते हैं?
इस थाली में दाल, कढ़ी और सब्जियों समेत 20 से अधिक प्रकार के व्यंजन परोसे जाते हैं।

### 3. यह डाइनिंग हॉल कितने वर्षों से संचालित हो रहा है?
यह डाइनिंग हॉल लगभग 60 वर्षों से अपने पारंपरिक स्वाद के साथ संचालित हो रहा है।

### 4. नटराज डाइनिंग हॉल के संचालक कौन हैं?
इस डाइनing हॉल के संचालक मयंक हैं।

### 5. थाली में किन दो राज्यों के स्वादों का विशेष मिश्रण मिलता है?
थाली में गुजराती और राजस्थानी दोनों तरह के पारंपरिक खानपान का मिश्रण मिलता है।

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