उदयपुर में दिवाली का भव्य जश्न, विदेशी सैलानियों के लिए विशेष थीम पार्टियां और शाही पैकेज तैयार झील नगरी उदयपुर में दीपावली के त्योहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष थीम पार्टियों से लेकर लग्जरी पैकेज तक की पेशकश की जा रही है, जबकि नगर निगम की तरफ से दस दिवसीय मेले का आयोजन भी किया जाता है। अपनी बेजोड़ खूबसूरती, शांत झीलों और ऐतिहासिक महलों के लिए दुनिया भर में अलग पहचान रखने वाला उदयपुर शहर हर साल पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहाँ आने वाले सैलानियों को शहर के प्राकृतिक दृश्यों के साथ-साथ यहाँ होने वाले विशेष आयोजनों का भी बेसब्री से इंतजार रहता है। अब जब रोशनी का पावन पर्व दिवाली नजदीक आ रहा है, तो उदयपुर के पर्यटन कारोबारियों ने अपनी कमर कस ली है और शहर के तमाम होटल और रिसॉर्ट पर्यटकों को लुभाने के लिए खास तैयारियों में जुट गए हैं। विदेशी पर्यटकों के लिए खास सांस्कृतिक अनुभव दीपावली के इस खास मौके पर उदयपुर का रुख करने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए यहाँ की समृद्ध परंपराएँ और उत्सव एक बेहद अनूठा और यादगार अनुभव लेकर आते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए स्थानीय होटल और रिसॉर्ट्स द्वारा विशेष दिवाली थीम पार्टियों का आयोजन किया जाता है। इन आयोजनों की रूपरेखा इस तरह तैयार की जाती है कि सैलानियों को भारतीय संस्कृति, पारंपरिक सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक परिधानों और त्योहार से जुड़ी तमाम गतिविधियों का सीधा अनुभव मिल सके। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को केवल एक सामान्य यात्रा का आनंद देना नहीं है, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति की गहराई और दिवाली के सांस्कृतिक महत्व को बेहद करीब से महसूस कराने का अवसर देना भी है। बजट से लेकर लग्जरी तक के विशेष पैकेज त्योहार के दौरान उदयपुर आने वाले मेहमानों के लिए होटलों और रिसॉर्ट्स द्वारा अलग-अलग बजट के हिसाब से कई तरह के पैकेज तैयार किए गए हैं। ठहरने के लिए शुरुआती पैकेज आमतौर पर तीन दिन के लिए करीब 18 हजार रुपए से शुरू हो जाते हैं, जो पर्यटकों की पहुँच में होते हैं। दूसरी तरफ, अति-विशिष्ट और लग्जरी होटलों में ठहरने, शाही सुविधाओं का लाभ उठाने और विशेष कार्यक्रमों में शामिल होने वाले पैकेजों की कीमत 10 लाख रुपए तक पहुँच सकती है। इन पैकेजों के दाम मुख्य रूप से होटल के दर्जे, ठहरने की कुल अवधि, मिलने वाली सुविधाओं और आयोजनों के स्तर पर निर्भर करते हैं। लग्जरी होटलों में रुकने वाले मेहमानों के लिए दिवाली की रात को बेहद खास और जीवन भर याद रहने वाला बनाने के लिए विशेष सजावट और कस्टमाइज्ड अनुभवों पर विशेष जोर दिया जाता है। होटल और रिसॉर्ट की चार दीवारों से बाहर निकलकर देखें तो दिवाली के इन दिनों में उदयपुर के स्थानीय बाजारों में भी एक अलग ही रौनक और चमक देखने को मिलती है। शहर के तमाम प्रमुख बाजारों में दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बेहद आकर्षक ढंग से सजाना शुरू कर दिया है। कहीं पर अत्याधुनिक रंग-बिरंगी लाइटों का इस्तेमाल किया जा रहा है तो कहीं पर पारंपरिक साज-सज्जा के जरिए ग्राहकों और पर्यटकों का ध्यान खींचा जा रहा है। कपड़ों की दुकानें हों, आभूषणों के शोरूम हों, मिठाइयों की दुकानें हों या फिर सजावटी सामान और उपहारों के ठिकाना, हर जगह त्योहार की तैयारियाँ साफ नजर आती हैं। बाजारों की यह जीवंत रौनक न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि शहर में घूमने आए पर्यटकों को भी अपनी ओर खींचती है। नगर निगम का दस दिवसीय मेला और सांस्कृतिक संध्या केवल निजी संस्थान ही नहीं, बल्कि उदयपुर नगर निगम की ओर से भी दीपावली के पावन अवसर पर शहरवासियों और पर्यटकों के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। निगम की तरफ से हर साल दिवाली के मौके पर एक भव्य दस दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहती है। इन रंगारंग कार्यक्रमों में देश और राज्य के जाने-माने कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भरपूर मनोरंजन का अवसर मिलता है। इस तरह के आयोजनों से शहर का त्योहारी माहौल और अधिक जीवंत हो जाता है। मेले के माध्यम से आम जनता को एक ही छत के नीचे परिवार के साथ घूमने-फिरने और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठाने का शानदार मौका मिलता है। रोशनी और सजावट से बदल जाती है शहर की सूरत दीपावली के इन खास दिनों में उदयपुर के तमाम प्रमुख चौराहों और बड़े मार्गों को भी दुल्हन की तरह सजाया जाता है। चकाचौंध करने वाली रोशनी और मनमोहक सजावट के कारण पूरे शहर का नजारा ही पूरी तरह बदल जाता है। जैसे ही शाम ढलती है, जगमगाती हुई लाइटें और सजे-धजे बाजार आने-जाने वाले हर शख्स का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। यही मुख्य वजह है कि दिवाली के दौरान उदयपुर की यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए यह सफर केवल एक साधारण पर्यटन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उन्हें इस ऐतिहासिक शहर के त्योहारों, संस्कृति और यहाँ की मशहूर मेहमाननवाजी को बेहद करीब से जानने और समझने का सुनहरा अवसर मिल जाता है। इसका आप पर असर उदयपुर में दिवाली के दौरान होने वाले आयोजनों और पैकेजों का सीधा असर पर्यटकों के खर्च और स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। • भारत में: देश भर से उदयपुर आने वाले पर्यटकों को इस त्योहारी सीजन में यात्रा और आवास के लिए अधिक बजट की योजना बनानी होगी। शुरुआती पैकेज 18 हजार रुपए से शुरू होकर 10 लाख रुपए तक जाते हैं। • उदयपुर में: स्थानीय होटल कारोबारियों, दुकानदारों और कलाकारों को इस दस दिवसीय उत्सव के दौरान रोजगार और व्यापार में भारी बढ़ावा मिलता है। ऐसा क्यों हुआ उदयपुर में हर साल दिवाली पर विशेष थीम पार्टियों और मेलों के आयोजन के पीछे पर्यटकों की बढ़ती संख्या और स्थानीय संस्कृति का प्रचार प्रसार मुख्य कारण है। • बढ़ता विदेशी आकर्षण: विदेशी सैलानी भारतीय संस्कृति और त्योहारों को करीब से अनुभव करना चाहते हैं, जिसके कारण होटल और रिसॉर्ट विशेष थीम पैकेज तैयार करते हैं। • नगर निगम की पहल: स्थानीय प्रशासन शहर के पर्यटन को बढ़ावा देने और नागरिकों को मनोरंजन प्रदान करने के उद्देश्य से हर साल दस दिवसीय मेले का आयोजन करता है। सवाल-जवाब 1. उदयपुर में दिवाली के दौरान विदेशी पर्यटकों के लिए क्या खास होता है? विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष थीम पार्टियां आयोजित की जाती हैं जिनमें पारंपरिक सजावट, रोशनी और सांस्कृतिक गतिविधियां शामिल होती हैं। 2. उदयपुर में दिवाली पैकेज की शुरुआती कीमत क्या है? होटल और रिसॉर्ट में ठहरने के लिए शुरुआती पैकेज करीब 18 हजार रुपए से तीन दिन के लिए शुरू होते हैं। 3. लग्जरी होटलों में दिवाली पैकेज की कीमत कहाँ तक पहुँच सकती है? लग्जरी होटलों में ठहरने और विशेष सुविधाओं वाले पैकेज की कीमत 10 लाख रुपए तक पहुँच सकती है। 4. उदयपुर नगर निगम दिवाली पर क्या आयोजन करता है? नगर निगम की ओर से दस दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है जिसमें कई सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे जाते हैं। https://trendkia.com/rajasthan/udaipur-men-diwali-ka-bhavya-jashna-videshi-sailaniyon-ke-lie-vishesha-theme-partiyan-aura-shahi-package-taiyara-52254 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