# उदयपुर नगर निगम में उप महापौर चुनाव: भाजपा के दिनेश भट्ट 56 वोटों के साथ विजयी, कांग्रेस प्रत्याशी को 24 मत

> उदयपुर नगर निगम उप महापौर चुनाव में भाजपा के दिनेश भट्ट ने 56 मत हासिल कर कांग्रेस के लक्ष्मी नारायण मेघवाल को पराजित किया।

**Type:** article · **Category:** राजस्थान · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/rajasthan/udaipur-nagara-nigama-men-upa-mahapaura-chunava-bjp-ke-dinesh-bhatt-56-voton-ke-satha-vijayi-congress-pratyashi-ko-24-mata-36506 · **Language:** Hindi
**Tags:** उदयपुर नगर निगम, दिनेश भट्ट, उप महापौर चुनाव, पारस सिंघवी, राजस्थान राजनीति, भाजपा

राजस्थान के उदयपुर नगर निगम में उप महापौर पद के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार दिनेश भट्ट ने शानदार जीत दर्ज की है। इस चुनावी मुकाबले में दिनेश भट्ट को कुल 56 वोट हासिल हुए, जबकि कांग्रेस पार्टी की तरफ से मैदान में उतरे प्रत्याशी लक्ष्मी नारायण मेघवाल को केवल 24 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। इस परिणाम की एक उल्लेखनीय बात यह भी सामने आई कि दिनेश भट्ट को महापौर पद पर जीत दर्ज करने वाले पारस सिंघवी के मुकाबले एक मत अधिक प्राप्त हुआ, क्योंकि पारस सिंघवी को महापौर चुनाव में 55 वोट मिले थे।

## नामांकन से लेकर परिणाम तक की प्रक्रिया
नगर निगम में सोमवार को महापौर पद का चुनाव संपन्न होने के पश्चात मंगलवार को उप महापौर पद के लिए निर्वाचन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मंगलवार की सुबह भारतीय जनता पार्टी की तरफ से दिनेश भट्ट और कांग्रेस की ओर से लक्ष्मी नारायण मेघवाल ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। चुनाव अधिकारियों द्वारा नामांकन पत्रों की विधिवत जांच पूरी होने के उपरांत दोपहर 2 बजे के बाद मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई। मतदान समाप्त होने पर निर्वाचन विभाग ने तुरंत मतगणना करवाई और औपचारिक रूप से दिनेश भट्ट को उप महापौर पद पर विजयी घोषित कर दिया।

## नगर निगम परिसर में जश्न और नारेबाजी
उदयपुर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी के पास पहले से ही पूर्ण बहुमत मौजूद था, जिसके चलते पार्टी प्रत्याशी की जीत शुरू से तय मानी जा रही थी। निर्वाचन विभाग द्वारा जैसे ही दिनेश भट्ट की जीत का आधिकारिक ऐलान किया गया, पूरे नगर निगम परिसर में कार्यकर्ताओं ने दिनेश भट्ट और पार्टी के समर्थन में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सुबह नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से लेकर दोपहर में मतदान और मतगणना संपन्न होने तक परिसर में भारी सियासी गहमागहमी देखने को मिली, जिसके बाद बधाई देने वालों का तांता लग गया।

## महापौर की दावेदारी से उप महापौर तक का सफर
शुरुआती दौर में दिनेश भट्ट का नाम महापौर पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहा था और उनके महापौर बनने की संभावनाएं लगभग पक्की मानी जा रही थीं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने अंतिम क्षणों में पारस सिंघवी के नाम की घोषणा करके सभी राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया था। इसके बाद राजनीतिक और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए दिनेश भट्ट को उप महापौर पद की जिम्मेदारी सौंपने की रणनीति तय की गई थी।

## छह साल तक जिलाध्यक्ष की भूमिका और बेदाग छवि
नवनिर्वाचित उप महापौर दिनेश भट्ट एक लंबे अरसे से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं और संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। वे करीब छह साल तक पार्टी के शहर जिलाध्यक्ष पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। स्थानीय राजनीति में उनकी पहचान एक साफ-सुथरी छवि वाले निष्ठावान नेता के रूप में की जाती है। संगठन में उनके लंबे योगदान और निष्ठा को देखते हुए ही पार्टी ने उन्हें उप महापौर पद पर अवसर प्रदान किया है।

## इसका आप पर असर
उदयपुर नगर निगम के इस चुनावी नतीजे से शहर के प्रशासनिक और स्थानीय विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

- **भारत में:** यह परिणाम दिखाता है कि स्थानीय निकाय चुनावों में संगठनात्मक पकड़ और स्पष्ट बहुमत से ही राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित होती है। देश भर के नगर निकायों में पार्टी अनुशासन और समीकरणों का असर शीर्ष पदों के चयन पर साफ नजर आता है।
- **उदयपुर में:** महापौर और उप महापौर दोनों पदों पर पूर्ण बहुमत वाली पार्टी के काबिज होने से शहर के विकास प्रोजेक्ट्स के अनुमोदन में देरी नहीं होगी। आम नागरिकों के लिए जल, सड़क, सफाई और नागरिक सुविधाओं से जुड़े फैसले अब बिना किसी बड़े राजनीतिक टकराव के तेजी से लिए जा सकेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
यह चुनाव उदयपुर नगर निगम में महापौर चुनाव के बाद तय चुनावी प्रक्रिया और राजनीतिक समीकरणों के तहत संपन्न हुआ।

- **सीधा कारण:** नगर निगम चुनाव कार्यक्रम के तहत सोमवार को महापौर निर्वाचन के बाद मंगलवार को उप महापौर पद के लिए मतदान और मतगणना की प्रक्रिया तय थी। दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी उतारे, जहां संख्या बल के आधार पर परिणाम तय हुआ।
- **संख्या बल और बहुमत:** नगर निगम में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत था, जिसके चलते पार्टी उम्मीदवार की जीत पहले से तय मानी जा रही थी। 56 मतों के साथ भाजपा प्रत्याशी ने निर्णायक बढ़त हासिल की, जबकि कांग्रेस के पास केवल 24 वोट थे।
- **जातीय और राजनीतिक संतुलन:** शुरुआत में दिनेश भट्ट का नाम महापौर पद के लिए चल रहा था, लेकिन ऐन वक्त पर पारस सिंघवी के नाम पर मुहर लगने के बाद समीकरण साधने के लिए दिनेश भट्ट को उप महापौर पद की उम्मीदवारी सौंपी गई।

## सवाल-जवाब

### 1. उदयपुर नगर निगम में उप महापौर पद पर किसकी जीत हुई?
भाजपा प्रत्याशी दिनेश भट्ट ने उप महापौर पद के चुनाव में जीत दर्ज की।

### 2. दिनेश भट्ट और कांग्रेस प्रत्याशी को कितने वोट मिले?
दिनेश भट्ट को 56 वोट प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मी नारायण मेघवाल को 24 वोट मिले।

### 3. महापौर चुनाव में पारस सिंघवी को कितने वोट मिले थे?
महापौर पद का चुनाव जीतने वाले पारस सिंघवी को 55 वोट हासिल हुए थे।

### 4. दिनेश भट्ट संगठन में पहले किस महत्वपूर्ण पद पर रह चुके हैं?
वे भारतीय जनता पार्टी के शहर जिलाध्यक्ष पद पर छह साल तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

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