उदयपुर में एक करोड़ की ज्वेलरी चोरी का पर्दाफाश, तीन शातिर आरोपी गिरफ्तार और साठ लाख का माल बरामद उदयपुर के पंचवटी इलाके में नवीन ज्वेलर्स की दुकान पर हुई एक करोड़ रुपये की बड़ी चोरी के मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने चंबल के बीहड़ों में गड्ढे खोदकर छिपाए गए साठ लाख रुपये के आभूषण भी बरामद कर लिए हैं। उदयपुर पुलिस ने पंचवटी स्थित नवीन ज्वेलर्स में हुई लगभग एक करोड़ रुपये की चोरी की सनसनीखेज वारदात का खुलासा करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना समेत तीन लोगों को दबोच लिया है। पुलिस दल ने आरोपियों की निशानदेही पर चंबल के बीहड़ों में खेतों के भीतर गहरे गड्ढे खोदकर दबाए गए करीब साठ लाख रुपये के चोरी हुए सामान को बरामद कर लिया है। इस बरामदगी में भारी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण तथा अन्य कीमती ज्वेलरी शामिल है। इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब नवीन ज्वेलर्स के मालिक ने हाथीपोल थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार उनतीस जुलाई की रात कुछ अज्ञात बदमाश दुकान का साइड वाला शटर उखाड़ने के साथ-साथ कांच का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस आए थे। ये शातिर चोर दुकान से लगभग बाईस लाख रुपये कीमत के हीरे, तीन सौ नब्बे ग्राम सोने के गहने, बारह किलोग्राम चांदी के आभूषण एवं बर्तन और नौ लाख पचहत्तर हजार रुपये नकद समेत कुल मिलाकर लगभग एक करोड़ रुपये का माल समेट ले गए थे। इस घटना की गंभीरता को भांपते हुए जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष अन्वेषण टीम का गठन किया गया था। सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर की गई तलाश जांच में जुटी पुलिस टीम ने उदयपुर शहर के भीतर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की बारीकी से जांच की। तकनीकी पड़ताल के दौरान पांच संदिग्ध नजर आए, जिनका आवागमन ट्रैक करने पर यह पता चला कि वे उदयपुर से निकलकर चित्तौड़गढ़, कोटा, धौलपुर और आगरा की तरफ भागे थे। पुलिस ने करीब दो सौ सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण करके इस शातिर गिरोह तक अपनी पहुंच बनाई। पुलिस के खुलासे के मुताबिक यह एक बेहद शातिर अंतरराज्यीय गैंग है जो आपराधिक वारदातों को अंजाम देते समय मोबाइल फोन का उपयोग बिल्कुल नहीं करती थी। ये आरोपी नकद पैसे देकर लगातार ट्रेन और बस के सफर बदलते रहते थे ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को कोई भी डिजिटल या भौतिक सुराख हाथ न लग सके। आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के बाद ये बदमाश सीधे चंबल के बीहड़ों में जाकर छुप जाते थे। पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर चंबल के बीहड़ों में छापा मारकर गिरोह के मुख्य सरगना आनंद उर्फ कुकड़िया वर्मा के अलावा धनपाल उर्फ धान्धू वर्मा और गुड्डू को धर दबोचा। ये तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर खेतों में जमीन के अंदर गहरे गड्ढे खोदकर छिपाया गया साठ लाख रुपये का कीमती सामान जब्त कर लिया गया। फरार साथियों की तलाश में जुटी पुलिस गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों से पुलिस लगातार कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सके। इसके साथ ही इस गिरोह के बाकी बचे फरार सदस्यों, जिनमें मनोज उर्फ डॉक्टर वर्मा का नाम भी शामिल है, की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस शेष बचे चोरी के सामान को बरामद करने के लिए लगातार दबिश दे रही है। इसका आप पर असर यह घटना व्यापारी सुरक्षा और दुकानों में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने की जरूरत को रेखांकित करती है। • भारत में: देश भर के सर्राफा व्यापारियों को अपनी दुकानों में सायरन, आधुनिक अलार्म सिस्टम और उन्नत सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए प्रेरित करती है ताकि इस तरह की चोरियों से बचा जा सके। • उदयपुर में: स्थानीय दुकानदारों और व्यवसायियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिससे पुलिस गश्त बढ़ाने और बाजारों में रात के समय निगरानी कड़ी करने की मांग तेज हो गई है। ऐसा क्यों हुआ यह वारदात एक पेशेवर और संगठित अंतरराज्यीय गिरोह द्वारा अंजाम दी गई थी, जो तकनीकी निगरानी से बचने के लिए बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। • तकनीकी से बचाव: आरोपी अपराध के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करके और नकद में यात्रा करके पुलिस के इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस को चकमा देने की कोशिश कर रहे थे। • सुरक्षित ठिकाना: चंबल के बीहड़ों के दुर्गम इलाकों को उन्होंने अपनी छिपने की जगह बनाया था, जिससे पुलिस को उन तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। • आपराधिक पृष्ठभूमि: गिरोह के सदस्यों ने योजनाबद्ध तरीके से ताले और शटर तोड़कर बड़ी मात्रा में नकदी और कीमती आभूषणों को निशाना बनाया। सवाल-जवाब 1. नवीन ज्वेलर्स में चोरी की यह घटना कब हुई थी? चोरी की यह वारदात उनतीस जुलाई की रात को हुई थी। 2. चोर दुकान से कुल कितने मूल्य का माल चुरा ले गए थे? चोर दुकान से लगभग एक करोड़ रुपये का माल चुरा ले गए थे। 3. पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है? पुलिस ने अंतरराज्यीय गैंग के सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 4. गिरफ्तार किए गए आरोपी कहां के रहने वाले हैं? तीनों गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के रहने वाले हैं। 5. चोरी का कितना माल बरामद किया गया है? पुलिस ने लगभग साठ लाख रुपये का चोरी हुआ माल बरामद कर लिया है। https://trendkia.com/rajasthan/udayapura-men-eka-karora-ki-jvelari-chori-ka-pardaphasha-tina-shatira-aropi-giraphtara-aura-satha-lakha-ka-mala-baramada-30492 TrendKia — Har trend, sabse pehle.