उम्मेद अस्पताल में जल्द खुलेगा कैफेटेरिया, मरीजों के तीमारदारों को बाहर नहीं लगाने होंगे चक्कर राजस्थान के जोधपुर स्थित उम्मेद अस्पताल परिसर में जल्द ही मरीजों और परिजनों के लिए कैफेटेरिया शुरू होने जा रहा है, जिससे उन्हें खानपान के लिए बाहर नहीं भटकना पड़ेगा। राजस्थान के जोधपुर शहर में स्थित प्रसिद्ध उम्मेद अस्पताल में इलाज के वास्ते आने वाले मरीजों और उनके साथ रहने वाले तीमारदारों के लिए बहुत बड़ी सहूलियत मिलने वाली है। इस बड़े संस्थान में रोजाना शहर के अलावा दूरदराज के गांवों और आसपास के कई जिलों से अनगिनत लोग अपना उपचार करवाने पहुंचते हैं। कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं या जटिल शल्य चिकित्सा के कारण रोगियों को काफी लंबे वक्त तक अस्पताल के भीतर ही भर्ती रहना पड़ता है और रुकना पड़ता है। भोजन और चाय की परेशानी होगी दूर अस्पताल में लंबे समय तक रुकने वाले लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय पर चाय, नाश्ता और भोजन जुटाने की होती है। अब तक इन छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए परिजनों को मुख्य परिसर से बाहर निकलकर लंबी दूरियां तय करनी पड़ती थीं, जिससे उन्हें भारी थकान और भागदौड़ झेलनी होती थी। इस गंभीर और पुरानी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए अस्पताल प्रशासन ने कैंपस के अंदर ही आधुनिक कैफेटेरिया शुरू करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रशासनिक स्तर पर तेज हुई तैयारियां कैफेटेरिया की इस नई सुविधा को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासनिक महकमे में तेजी से काम चल रहा है। अस्पताल अधीक्षक मोहन मकवाना खुद इन तमाम व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि सभी जरूरी औपचारिकताओं को बिना किसी रुकावट के जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। कैंपस के मुख्य हिस्से में ही उच्च स्तर का खानपान उपलब्ध हो जाने से लोगों को बार-बार बाहर आने-जाने से मुक्ति मिल जाएगी। डॉ एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ बीएस जोधा के मार्गदर्शन में जोधपुर के तमाम सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लगातार उन्नत बनाने का सिलसिला जारी है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए उम्मेद अस्पताल में इस नई सुविधा को शुरू करने की रूपरेखा तैयार की गई है। स्थानीय नागरिकों ने सराहा यह कदम इस पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय निवासी साजिद ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कैंपस के भीतर ही कैंटीन खुलने से मरीजों के साथ आने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें खाने-पीने की बुनियादी चीजों के लिए अनजान बाजारों में नहीं भटकना पड़ेगा और वे आराम से अस्पताल के अंदर ही भोजन कर सकेंगे। ग्रामीण इलाकों से आने वाले सीधे-साधे लोगों को इसका विशेष लाभ मिलेगा जिन्हें शहर के रास्तों की ज्यादा जानकारी नहीं होती है। अब हर कोई इस बात का इंतजार कर रहा है कि यह सुविधा जल्द से जल्द शुरू हो ताकि सभी जरूरी सहूलियतें एक ही जगह पर मिल सकें। इसका आप पर असर उम्मेद अस्पताल परिसर में कैफेटेरिया खुलने से मरीजों के साथ रहने वाले तीमारदारों को खानपान के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। • राजस्थान में: ग्रामीण इलाकों से आने वाले परिजनों को शहर के अनजान बाजारों में भटकने से मुक्ति मिलेगी। • जोधपुर में: अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों का समय बचेगा और उन्हें परिसर के भीतर ही उच्च गुणवत्ता का भोजन मिल सकेगा। • दैनिक राहत: लंबे समय तक रुकने वाले परिवारों को चाय और नाश्ते के लिए अस्पताल से बाहर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। • समय की बचत: प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह सुविधा शुरू होने से तीमारदार मरीजों के पास अधिक समय बिता सकेंगे। • बुनियादी सुविधा: एक ही छत के नीचे सभी जरूरी चीजें मिलने से परिजनों का मानसिक तनाव काफी हद तक कम होगा। ऐसा क्यों हुआ अस्पताल प्रशासन ने मरीजों और परिजनों की रोजाना की कठिनाइयों को देखते हुए यह फैसला लिया है। परिसर के बाहर जाना पड़ने से तीमारदारों को भारी असुविधा होती थी। • बढ़ती परेशानी: गंभीर बीमारियों के चलते लंबे समय तक रुकने वाले लोगों को भोजन और चाय के लिए बार-बार बाहर जाना पड़ता था। • प्रशासनिक पहल: अस्पताल अधीक्षक मोहन मकवाना और प्राचार्य डॉ बीएस जोधा के मार्गदर्शन में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। • ग्रामीणों की समस्या: दूरदराज के गांवों से आने वाले लोगों को जोधपुर के रास्तों की जानकारी नहीं होने के कारण भारी दिक्कतें झेलनी पड़ती थीं। सवाल-जवाब 1. उम्मेद अस्पताल कहां स्थित है? उम्मेद अस्पताल राजस्थान के जोधपुर शहर में स्थित है। 2. अस्पताल में कौन सी नई सुविधा शुरू होने जा रही है? अस्पताल परिसर के भीतर मरीजों और परिजनों के लिए जल्द ही एक कैफेटेरिया शुरू किया जा रहा है। 3. इस कैफेटेरिया की शुरुआत से किसे लाभ मिलेगा? इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके साथ रहने वाले तीमारदारों को खानपान की सुविधा मिलेगी। 4. इस पहल के पीछे किन अधिकारियों के प्रयास शामिल हैं? अस्पताल अधीक्षक मोहन मकवाना और डॉ एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ बीएस जोधा के मार्गदर्शन में यह पहल की जा रही है। 5. इस सुविधा के आने से क्या बदलाव आएगा? परिजनों को भोजन और चाय के लिए अस्पताल परिसर से बाहर बार-बार नहीं भटकना पड़ेगा। https://trendkia.com/rajasthan/ummeda-aspatala-men-jalda-khulega-kaipheteriya-marijon-ke-timaradaron-ko-bahara-nahin-lagane-honge-chakkara-57001 TrendKia — Har trend, sabse pehle.