उत्तर प्रदेश और बिहार समेत 18 राज्यों में तूफ़ानी मानसून अलर्ट, 83 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से चलेंगी हवाएं देशभर में मानसून के अंतिम चरण में मौसम का मिज़ाज फिर बिगड़ गया है। मौसम विभाग ने 28 अगस्त को 18 राज्यों के लिए तेज़ आंधी, मूसलाधार बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। देशभर में मानसूनी हवाएं अपने समापन चरण के दौरान अत्यधिक उग्र रुख अपना रही हैं। मौसम पूर्वानुमान जारी करने वाली संस्थाओं ने 28 अगस्त की तारीख के लिए भारत के 18 अलग-अलग राज्यों में गंभीर मौसमी परिस्थितियों का अलर्ट जारी किया है। इस मौसमी बदलाव के दौरान देश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार वर्षा होने, आंधी चलने तथा आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर आशंका बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों के आंकलनों के अनुसार, कुछ चुनिंदा इलाकों में अंधड़ की गति 80 से लेकर 83 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकती है। वायुमंडलीय उथल-पुथल के कारण आम नागरिकों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त होने की संभावना है। खासतौर पर भारत के पूर्वी राज्यों में वज्रपात की घटनाओं का जोखिम सबसे अधिक आंका गया है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार होने वाली बारिश के कारण भूस्खलन का ख़तरा मंडरा रहा है। मैदानी इलाकों से लेकर समुद्र तटीय व पर्वतीय क्षेत्रों तक मानसून का यह उग्र रूप हर किसी की चिंता बढ़ा रहा है। दो चक्रवाती परिसंचरणों के प्रभाव से वायुमंडल में बढ़ा दबाव देशभर के मौसम चक्र में अचानक आए इस व्यापक बदलाव के मूल में मुख्य रूप से दो शक्तिशाली चक्रवाती परिसंचरण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पहला चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पूर्वी असम तथा उससे सटे हुए इलाकों के ऊपर वायुमंडल के निचले क्षोभमंडलीय स्तर में सक्रिय बना हुआ है। इसके साथ ही, दूसरा चक्रवाती परिसंचरण गुजरात राज्य एवं उसके आसपास के इलाकों के ऊपर बना हुआ है। इन दोनों ही चक्रवाती प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से भारतीय उपमहाद्वीप के आकाश में प्रचुर नमी एकत्रित हो चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप कई राज्यों के भीतर अचानक मौसम के विकराल होने का पूरा पूर्वानुमान है। इन बदलती मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय निकायों और तटीय इलाकों में निवास करने वाली आबादी को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदियों, झीलों और समुद्र तटों के समीप रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बने रहने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, मछुआरों को गहरे पानी या समुद्र में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर अपनी नौकाएं बांधकर रखने की हिदायत दी गई है। देश के कई मैदानी भागों में तेज़ हवाओं के साथ-साथ अचानक ओले गिरने की संभावना भी जताई गई है, जिससे फसलों व अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली व एनसीआर में शाम के समय आंधी और वर्षा की संभावना राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे जुड़े एनसीआर के क्षेत्रों में 28 अगस्त की देर शाम तक मौसम का मिज़ाज अचानक बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, शाम के वक्त राजधानी व आसपास के इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से धूलभरी आंधी चलने तथा बारिश की बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है। तापमान के आंकड़ों पर नज़र डालें तो दिल्ली में आज का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा रात का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया जा सकता है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि तेज़ गति वाली आंधी और वर्षा से शहर के प्रमुख रास्तों पर पानी भरने की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे शाम के व्यस्त समय में सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है। आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि तूफ़ान के समय खुले मैदानों, कमज़ोर इमारतों, विज्ञापनों के बोर्डों और पुराने पेड़ों के नीचे आश्रय न लें। वाहन चालकों को भी बारिश और अंधड़ के दौरान गाड़ी की रफ़्तार धीमी रखने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में आक्रामक रुख, 80 किमी/घंटे की रफ़्तार से चलेंगी हवाएं उत्तर प्रदेश के भीतर 28 अगस्त को मानसूनी बारिश का सबसे भीषण रूप देखने को मिल सकता है। राज्य के करीब दो दर्जन जिलों में भारी वर्षा, वज्रपात और तेज़ अंधड़ को लेकर आधिकारिक चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र ने जिन जिलों को सतर्क किया है उनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर, मुरादाबाद, रामपुर, मैनपुरी और कन्नौज से लेकर पूर्वांचल व मध्य यूपी के आजमगढ़, देवरिया, बलिया, महाराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रयागराज, कानपुर, सीतापुर, बहराइच तथा ललितपुर शामिल हैं। इन चिन्हित जिलों में अंधड़ की रफ़्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे की सीमा तक पहुंच सकती है, जिससे टीन की छतों, पेड़ की डालियों और बिजली के पोलों को क्षति पहुंचने का ख़तरा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आसमान मुख्यतः बादलों से घिरा रहेगा, जहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम पारा 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। प्रशासन ने ग्रामीण व शहरी नागरिकों से मौसम बिगड़ने पर पक्के मकानों में रहने का अनुरोध किया है। बिहार के 15 जिलों में तूफ़ानी अंधड़ और आकाशीय बिजली का ख़तरा बिहार राज्य के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज़ तूफ़ानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। राज्य के 15 प्रमुख जिलों में मौसम का मिज़ाज काफी विकराल रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने उत्तर व पूर्वी बिहार के पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सुपौल, दरभंगा, समस्तीपुर तथा पूर्वी चंपारण से लेकर दक्षिण-पश्चिमी जिलों सिवान, बक्सर, रोहतास, कैमूर, बांका, मुंगेर, जमुई और भागलपुर में भारी वर्षा व आंधी की संभावना व्यक्त की है। मौसम की इस उथल-पुथल के दौरान प्रभावित इलाकों में हवाओं का प्रभाव 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, बिहार के खुले ग्रामीण क्षेत्रों में वज्रपात की घटनाएं होने की तीव्र आशंका बनी हुई है। राज्य की राजधानी पटना में दिन का अधिकतम पारा 33 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा। मौसम विभाग ने ग्रामीणों और किसानों को हिदायत दी है कि मेघ गर्जन के समय खुले खेतों या जल स्रोतों के पास न ठहरें। झारखंड के 14 जिलों में तेज़ वर्षा और 60 किमी/घंटे की रफ़्तार से आंधी झारखंड राज्य में भी 28 अगस्त के दिन विभिन्न स्थानों पर मुसलाधार बारिश का प्रकोप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने संताल परगना के दुमका, साहेबगंज, पाकुड़, जामताड़ा सहित हजारीबाग, गिरिडीह, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सरायकेला, पश्चिमी सिंहभूम, जमशेदपुर और राजधानी रांची सहित 14 जिलों के लिए वर्षा व आंधी का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में अंधड़ की गति 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहने की संभावना है। झारखंड की राजधानी रांची में आज का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया जा सकता है। लगातार होने वाली मूसलाधार वर्षा से शहरी बस्तियों और निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या पैदा हो सकती है। स्थानीय प्रशासन ने निचले क्षेत्रों के निवासियों को पानी भरने की स्थिति में सतर्क रहने और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। पश्चिम बंगाल में 65 किमी/घंटे की हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट पश्चिम बंगाल में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मानसूनी हवाओं के मेल से मौसम विकराल रूप धारण कर सकता है। राज्य के उत्तरी व दक्षिणी दोनों संभागों के जिलों में आंधी और तेज़ बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने उत्तरी बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार व कूचबिहार से लेकर दक्षिण बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, बांकुड़ा, पश्चिम मेदिनीपुर और दुर्गापुर क्षेत्रों को सतर्क किया है। बंगाल के इन जिलों में तूफ़ानी हवाओं की रफ़्तार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज होने का अनुमान है। राज्य की राजधानी कोलकाता में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। तेज़ हवाओं के दौरान कमज़ोर ढांचों के गिरने व बड़े पेड़ों के उखड़ने की आशंका को देखते हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने का सुझाव दिया गया है। हरियाणा और राजस्थान में तूफ़ानी हवाएं, बारिश और तापमान की स्थिति उत्तर-पश्चिम भारत के हरियाणा और राजस्थान राज्यों में भी मानसून की यह नई करवट अपना असर दिखाएगी। हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, झज्जर, पलवल, भिवानी, हिसार और फतेहाबाद जिलों में तेज़ हवाओं के साथ बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में धूलभरी आंधी से सामान्य यातायात प्रभावित हो सकता है। दूसरी ओर, राजस्थान के 15 जिलों जयपुर, अलवर, झुंझुनू, दौसा, भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, भीलवाड़ा, बारां, बूंदी, झालावाड़, उदयपुर, जैसलमेर और बाड़मेर में भारी वर्षा और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में दिन का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तथा रात का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस आंका गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार स्थानीय स्तर पर दबाव में बदलाव से मौसम तेजी से पलट सकता है। मध्य प्रदेश के 14 जिलों में बारिश का अलर्ट और किसानों को सलाह मध्य प्रदेश में भी मानसून के अंतिम चरण की बारिश का दौर शुरू हो चुका है। राज्य के 14 प्रमुख जिलों इंदौर, विदिशा, होशंगाबाद, खरगोन, खंडवा, बैतूल, नरसिंहपुर, कटनी, दमोह, सागर, सिवनी, मंडला, छिंदवाड़ा और सीधी में भारी वर्षा और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रहने की संभावना है। भोपाल शहर में दिन का अधिकतम पारा 26 डिग्री सेल्सियस जबकि रात के समय न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने की उम्मीद जताई गई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे तेज़ हवा व बारिश के दौरान फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और खेतों में पानी के उचित निकास का प्रबंध रखें। इसका आप पर असर 28 अगस्त को 18 राज्यों में जारी भारी बारिश, 83 किमी/घंटे की आंधी और वज्रपात के अलर्ट से आम नागरिकों की दैनिक दिनचर्या, यात्रा और संपत्ति सुरक्षा सीधे प्रभावित होगी। • भारत में: मौसम विभाग की इस चेतावनी के कारण देश के कई राज्यों में हवाई, रेल और सड़क यातायात सेवाओं में देरी या रुकावट देखने को मिल सकती है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को प्रस्थान करने से पूर्व संबंधित अपडेट अवश्य जांच लेने चाहिए। • उत्तर प्रदेश और बिहार में: भारी बारिश के साथ 70 से 80 किमी/घंटे की तेज़ हवाएं चलने से बिजली के तार टूटने, खंभे गिरने और कच्चे मकानों की छतों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। ग्रामीण इलाकों के लोगों को मौसम खराब होने पर पक्के भवनों के अंदर रहने की सलाह दी गई है। • दिल्ली-एनसीआर में: शाम के समय तेज़ आंधी और 50 किमी/घंटे की हवाओं के साथ होने वाली बारिश से प्रमुख मार्गों पर जलभराव और भारी ट्रैफ़िक जाम की स्थिति बन सकती है। दफ़्तर से लौटने वाले वाहन चालकों को सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। • तटीय और नदी तटीय क्षेत्रों में: समुद्र और नदियों के पास रहने वाले निवासियों तथा मछुआरों के लिए पानी में उतरना जोखिम भरा होगा। मछुआरों को सुरक्षा की दृष्टि से समुद्र या बड़े जलाशयों में जाने पर पूर्ण रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। • कृषि क्षेत्र और किसानों पर: मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार के किसानों की खड़ी फसलों पर तेज़ आंधी और संभावित ओलावृष्टि से प्रभाव पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फ़सलों की सिंचाई रोक दें और जल निकासी के प्रबंध दुरुस्त रखें। सवाल-जवाब 1. 28 अगस्त को किन प्रमुख राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है? मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित 18 राज्यों में भारी बारिश और तेज़ आंधी का अलर्ट जारी किया है। 2. इस मौसमी बदलाव के दौरान हवाओं की अधिकतम गति कितनी रह सकती है? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कुछ मैदानी और तटीय इलाकों में तूफ़ानी हवाओं की रफ़्तार 80 से 83 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 3. मौसम में आए इस अचानक बदलाव का मुख्य कारण क्या है? इस मौसमी बदलाव का मुख्य कारण उत्तर-पूर्वी असम और गुजरात के ऊपर सक्रिय दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) हैं, जो भारी नमी खींच रहे हैं। 4. दिल्ली-एनसीआर में 28 अगस्त को मौसम कैसा रहने का अनुमान है? दिल्ली-एनसीआर में देर शाम 50 किमी/घंटे की रफ़्तार से आंधी और तेज़ बारिश की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 35°C और न्यूनतम 28°C रह सकता है। 5. उत्तर प्रदेश के किन प्रमुख जिलों में 80 किमी/घंटे की आंधी का अलर्ट है? उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर, सहारनपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर और लखनऊ समेत 22 जिलों में मौसम खराब रहने और 80 किमी/घंटे तक हवा चलने की चेतावनी है। 6. बिहार में मौसम की स्थिति और तापमान का पूर्वानुमान क्या है? बिहार के पूर्वी चंपारण, बक्सर, रोहतास, पूर्णिया, भागलपुर और पटना समेत 15 जिलों में 70 किमी/घंटे की हवाओं व बिजली का अलर्ट है। पटना में अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम 28°C रहने का अनुमान है। 7. मछुआरे और तटीय इलाकों के लोगों के लिए मौसम विभाग ने क्या चेतावनी दी है? मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र व गहरे जलाशयों में जाने से बचने तथा नदी-समुद्र किनारे रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। https://trendkia.com/rajasthan/uttar-pradesh-aura-bihar-sameta-18-rajyon-men-tufani-manasuna-alarta-83-kimi-prati-ghnte-ki-raftara-se-chalengi-havaen-23463 TrendKia — Har trend, sabse pehle.