उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में बदलेगा हवा का रुख, बीकानेर और शेखावाटी में आंधी के साथ बारिश की चेतावनी मानसून की रवानगी के बाद राजस्थान में शुष्क मौसम और तेज धूप के बीच अब उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में नया परिसंचरण तंत्र सक्रिय होने से बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू होने की संभावना है. मानसून की विदाई के बाद राजस्थान के अधिकतर जिलों में दिन की तेज धूप और गर्मी का असर लगातार देखा जा रहा है. 8 अक्टूबर को राज्यभर में शुष्क मौसम के चलते कई शहरों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया, जिसमें पिलानी 39.7 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा. हालांकि, अब राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में मौसमी गतिविधियों में बदलाव के साफ संकेत सामने आ रहे हैं. 9 अक्टूबर को पूरे राज्य में मौसम के पूरी तरह शुष्क और साफ रहने का अनुमान है, लेकिन इसके तुरंत बाद मौसम करवट लेने वाला है. आगामी दिनों में तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने के आसार हैं, जिससे दिन के समय चुभती गर्मी से राहत मिल सकेगी और रातों में ठंडक का अहसास और गहरा हो जाएगा. नया मौसमी तंत्र सक्रिय, 10 और 11 अक्टूबर को आंधी और बौछारों का अलर्ट मौसम के बदलते मिजाज के पीछे मुख्य वजह उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे इलाकों में एक नए परिसंचरण तंत्र का विकसित होना है. इस परिसंचरण तंत्र के प्रभाव के चलते 10 और 11 अक्टूबर को बीकानेर संभाग तथा शेखावाटी अंचल के कई इलाकों में आसमान में घने बादल छाने, मेघगर्जन होने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना जताई गई है. इस मौसमी हलचल से बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर और झुंझुनूं सहित आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में मौसम काफी हद तक बदल जाएगा. हालांकि, यह मौसमी बदलाव पूरे राज्य में एक समान नहीं रहेगा और शेष अधिकांश संभागों में मौसम के शुष्क बने रहने की ही संभावना है. 9 अक्टूबर को राज्य भर में खिली रहेगी तेज धूप 10 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस मौसमी बदलाव से ठीक पहले, 9 अक्टूबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के लगभग सभी जिलों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क बना रहेगा. इस दिन के लिए किसी भी जिले में आंधी, बारिश या बादलों की गरज-चमक की कोई चेतावनी नहीं है. राजधानी जयपुर सहित अजमेर, अलवर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और जोधपुर जैसे प्रमुख बड़े शहरों में बारिश की कोई गुंजाइश नहीं है. इसी तरह पश्चिमी अंचल के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, फलोदी और श्रीगंगानगर में भी आसमान खुला रहेगा और तेज धूप खिलने से दोपहर के वक्त अच्छी-खासी गर्मी महसूस की जाएगी. 13 और 14 अक्टूबर को भी हल्की बूंदाबांदी, दूसरे पखवाड़े में कम बरसेगा पानी मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के विस्तृत पूर्वानुमान के मुताबिक, 10-11 अक्टूबर के दौर के बाद 13 और 14 अक्टूबर को भी उत्तर-पश्चिमी राजस्थान तथा आसपास के जिलों में कुछ जगहों पर हल्की बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं. इसके बाद 16 से 22 अक्टूबर के दौरान पूरे राज्य में सामान्य से कम बारिश रहने का अनुमान है. इसका अर्थ यह है कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में बारिश की गतिविधियां केवल उत्तर-पश्चिमी और शेखावाटी बेल्ट तक ही सीमित रहने वाली हैं. मौसम विभाग ने अपने आधिकारिक एक्स पर जारी पूर्वानुमान में 9 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक की मौसमी स्थिति को लेकर यह जानकारी साझा की है. पिलानी में पारा 39.7 डिग्री के पार, कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर प्रदेश में शुष्क मौसम की वजह से 8 अक्टूबर को दिन का तापमान काफी ऊंचा दर्ज किया गया. पिलानी में अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो राज्य में सर्वाधिक रहा. इसके अलावा बाड़मेर में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस, चूरू और जैसलमेर में 38.5 डिग्री सेल्सियस, चित्तौड़गढ़ में 38.2 डिग्री सेल्सियस तथा फलोदी व श्रीगंगानगर दोनों में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. इन आंकड़ों से जाहिर होता है कि मानसून बीत जाने के बाद भी दोपहर की धूप काफी तीखी बनी हुई है. 9 से 15 अक्टूबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान में तापमान सामान्य से अधिक बने रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी राजस्थान में यह सामान्य से कम रह सकता है. राज्य के बाकी इलाकों में दिन और रात का पारा सामान्य के आसपास बना रहेगा. जोधपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में बना रहेगा सूखा मौसम जहां एक तरफ उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और शेखावाटी के जिले बारिश और तेज हवाओं का सामना करेंगे, वहीं दूसरी ओर दक्षिणी और मध्य राजस्थान के इलाकों में मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा. जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के अधिकांश जिलों में मौसम लगातार शुष्क बना रहेगा. इन क्षेत्रों में फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है और दिन के समय सामान्य धूप निकलती रहेगी. आगामी दिनों में तापमान में संभावित 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट का असर इन संभागों में भी देखा जा सकेगा, जिससे रात के समय गुलाबी ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा. तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट से मिलेगी राहत उत्तर-पश्चिमी हिस्से में आंधी और बारिश की गतिविधियों के असर से राज्य के तापमान में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा. अधिकतम और न्यूनतम दोनों ही तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जा सकती है. इस गिरावट के कारण दोपहर के समय होने वाली असहज गर्मी में नरमी आएगी और शाम ढलते ही रातों में ठंडक का अहसास बढ़ेगा. 9 अक्टूबर को शुष्क माहौल के बाद 10 और 11 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह दौर राज्य के मौसम को धीरे-धीरे सर्दी की ओर अग्रसर करेगा. इसका आप पर असर उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में आंधी और बारिश से दिन के तापमान में गिरावट आएगी, जिससे दोपहर की गर्मी कम होगी और रात की ठंडक बढ़ेगी. • राजस्थान में: राज्यभर में 10 अक्टूबर से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आएगी. इससे दिन की चुभती धूप से राहत मिलेगी और सुबह-शाम गुलाबी ठंडक महसूस होने लगेगी. • बीकानेर और शेखावाटी में: 10 और 11 अक्टूबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. खुले में रखे अनाज या कटी फसलों को भीगने और उड़ने से बचाने के लिए किसान समय रहते सुरक्षित व्यवस्था कर लें. • यातायात और बिजली: तेज आंधी के कारण उत्तर-पश्चिमी जिलों में दृश्यता कम हो सकती है और पेड़ों या बिजली की तारों पर असर पड़ सकता है. इस दौरान वाहन चालकों को सावधानी बरतनी चाहिए और आंधी के वक्त खुले में जाने से बचना चाहिए. • पूर्वी और दक्षिणी जिलों में: जयपुर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और अजमेर संभागों में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा. यहां के नागरिकों को दिन में सामान्य धूप का सामना करना पड़ेगा, लेकिन रातों के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी. ऐसा क्यों हुआ राजस्थान में इस मौसमी बदलाव का कारण उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र और उसके आसपास एक नया परिसंचरण तंत्र विकसित होना है. • परिसंचरण तंत्र का विकास: उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे इलाकों में वायुमंडलीय परिसंचरण तंत्र बनने से वातावरण में बादलों का निर्माण और नमी का प्रवाह हो रहा है. इसी मौसमी तंत्र के चलते 10 और 11 अक्टूबर को मेघगर्जन और हवाओं के साथ बारिश की स्थिति बन रही है. • मानसून की विदाई और शुष्क हवाएं: मानसून के पूरी तरह चले जाने के बाद पिछले दिनों आसमान बिल्कुल साफ था, जिसके कारण 8 अक्टूबर को पिलानी में तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था. साफ आसमान में तेज सौर विकिरण के कारण दोपहर का तापमान तेजी से बढ़ा. • स्थानिक प्रभाव: यह मौसमी तंत्र मुख्य रूप से बीकानेर संभाग और शेखावाटी तक ही केंद्रित है, जिसके कारण जोधपुर, उदयपुर और कोटा जैसे संभागों में शुष्क स्थिति बरकरार रहेगी. 13-14 अक्टूबर को एक और हल्का दौर आने के बाद 16 से 22 अक्टूबर के बीच राज्य में सामान्य से कम बारिश का रुख रहने का अनुमान है. सवाल-जवाब 1. राजस्थान में 10 और 11 अक्टूबर को किन जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है? बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर और झुंझुनूं सहित आसपास के जिलों में आंधी और बारिश का अनुमान है. 2. बारिश के दौरान हवा की रफ्तार कितनी रह सकती है? मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है. 3. 9 अक्टूबर को राजस्थान में मौसम कैसा रहेगा? 9 अक्टूबर को पूरे राजस्थान में मौसम शुष्क और साफ रहेगा और किसी भी जिले के लिए बारिश की चेतावनी नहीं है. 4. 8 अक्टूबर को राजस्थान में सबसे अधिक तापमान कहां दर्ज किया गया? 8 अक्टूबर को पिलानी में सबसे अधिक 39.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था. 5. आगामी दिनों में तापमान में कितनी गिरावट आने की उम्मीद है? मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है. 6. क्या जयपुर, जोधपुर और कोटा में भी बारिश होगी? नहीं, जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर और भरतपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा. 7. 10-11 अक्टूबर के बाद क्या फिर से बारिश के आसार हैं? हां, 13 और 14 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, जिसके बाद 16 से 22 अक्टूबर के दौरान सामान्य से कम बारिश का अनुमान है. 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