व्रत के दिनों में तैयार करें समा और पनीर से बना लजीज पुलाव, जानें स्टेप बाई स्टेप तरीका उपवास और पर्व पर पोषण से भरपूर खानपान के लिए समा के चावल, पनीर और मेवों का मेल एक उत्तम विकल्प प्रस्तुत करता है। फूड एक्सपर्ट रीना शर्मा ने इसे 40 मिनट में तैयार करने की पूरी विधि साझा की है। नागौर में उपवास और त्योहारों के दौरान खानपान को अधिक पौष्टिक और लजीज बनाने के लिए कई तरह के पारंपरिक पकवान पसंद किए जाते हैं। जब सादे फलाहार से अलग कुछ समृद्ध और ऊर्जावान पकाने का मन हो, तब समा के दानों को ताजे पनीर और सूखे मेवों के साथ मिलाकर पकाना बेहद मुफीद रहता है। इस खास मेल में देसी घी की महक, केसर का रंग और बादाम-काजू का कुरकुरापन मिलकर साधारण फलाहारी थाली को एक शाही मिजाज दे देते हैं। शुद्ध शाकाहारी रसोई में बनने वाली यह रेसिपी कम झंझट में संतुलित आहार की जरूरत भी पूरी करती है। सामग्री का सटीक माप और आवश्यक तैयारी फूड एक्सपर्ट रीना शर्मा के अनुसार, इस पूरे पकवान को तैयार करने में 15 मिनट तैयारी के और करीब 25 मिनट चूल्हे पर पकाने के लगते हैं। रसोई में इस थाली को तैयार करने के लिए आवश्यक चीजों की सूची बेहद सुलभ है। इसमें 1 कप समा के चावल, 200 ग्राम पनीर के क्यूब्स, 2 मध्यम आकार के उबले आलू और 2 बड़े चम्मच देसी घी का उपयोग किया जाता है। सूखे मेवों और सुगंधित मसालों के हिस्से में 10 काजू, 8 बादाम, 2 बड़े चम्मच मूंगफली और 8-10 केसर के रेशे रखे जाते हैं। स्वाद को संतुलित करने के लिए 1 छोटा चम्मच बारीक कटा अदरक, 1 छोटी हरी मिर्च, जीरा, सेंधा नमक, कुटी काली मिर्च का पाउडर और अंतिम सजावट के लिए 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया चाहिए होता है। चावल भिगोने और सामग्री भूनने के शुरुआती चरण पकाने का सिलसिला शुरू करने से पहले समा दानों को साफ पानी में अच्छी तरह धो लेना चाहिए। इसके बाद इन दानों को तकरीबन 10 मिनट के लिए पानी में भीगने छोड़ दें। इसी बीच 200 ग्राम पनीर को छोटे चौकोर टुकड़ों में काट कर रख लें। चूल्हे पर कढ़ाही चढ़ाकर थोड़ा देसी घी गरम करें और पनीर के क्यूब्स को उसमें डालकर तब तक सेंकें जब तक उनकी बाहरी परत हल्की सुनहरी न दिखने लगे। इसके बाद उन्हें कढ़ाही से निकालकर अलग रख लें। उसी बचे हुए घी में 10 काजू और 8 बादाम को भी धीमी आंच पर हल्का सा भूनकर एक प्लेट में निकालें। अब कढ़ाही के शेष घी में जीरा चटकाएं, फिर कटा हुआ अदरक और कटी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड चलाएं। इसके तुरंत बाद उबले हुए दोनों आलुओं के टुकड़े डालें और उन्हें धीमी आंच पर कुछ मिनट तक अच्छी तरह भून लें। धीमी आंच पर पकने की प्रक्रिया आलू भुन जाने पर भीगे हुए समा दानों को पानी निथारकर कढ़ाही में मिला दें। दानों को हल्के हाथों से मसालों के साथ चलाएं ताकि वे टूटे नहीं। अब इसमें आवश्यकतानुसार पानी और स्वादानुसार सेंधा नमक डालें। मिश्रण में तेज उबाल आने की प्रतीक्षा करें। जैसे ही उबाल आ जाए, आंच को धीमा कर दें और कढ़ाही को ढक्कन से ढंक दें। इसे 8-12 मिनट तक इसी भाप में धीरे-धीरे पकने दें। यदि तय समय के बाद भी दाने कड़े लगें और पानी पूरी तरह सूख चुका हो, तो आवश्यकतानुसार थोड़ा गरम पानी ऊपर से छिड़क सकते हैं। केसर का रंग, मेवे और अंतिम छौंक चावल जब लगभग पूरी तरह पकने के करीब पहुंच जाएं, तब थोड़े से गुनगुने पानी में पहले से घुले 8-10 केसर के रेशों का अर्क पुलाव में चारों तरफ फैला दें। इसके बाद पहले से सिका हुआ पनीर, तले हुए काजू-बादाम, 2 बड़े चम्मच मूंगफली और स्वादानुसार काली मिर्च का पाउडर इसमें डालें। सारी चीजों को आहिस्ता से मिला लें। कढ़ाही का ढक्कन एक बार फिर बंद करें और इसे 2-3 मिनट धीमी आंच पर दम पर रखें, ताकि केसर की भीनी खुशबू, घी और मेवों का सोंधापन चावल के हर दाने में अच्छी तरह रच-बस जाए। इसके बाद चूल्हा बंद कर दें और बर्तन को थोड़ी देर ढका ही रहने दें। परोसने से ठीक पहले ऊपर से 2 बड़े चम्मच ताजा हरा धनिया बुरकें और इसे गाढ़े दही या फलाहारी चटनी के संग गरम परोसें। इसका आप पर असर यह फलाहारी पुलाव उपवास रखने वाले पाठकों को पारंपरिक साबूदाना और कुट्टू के अलावा एक हल्का और सुपाच्य विकल्प देता है। • नागौर में: स्थानीय स्तर पर व्रत रखने वाले परिवार इस विधि को अपनाकर पारंपरिक फलाहार को नया स्वाद दे सकते हैं। इसे घर में आसानी से उपलब्ध सात्विक सामग्री के साथ 40 मिनट में तैयार किया जा सकता है। • भारत में: देशभर में उपवास के दौरान अधिक तेल और तली चीजों से बचने वाले लोग इसे कम घी में पकाकर अपनी ऊर्जा बनाए रख सकते हैं। इसमें मौजूद पनीर और मेवे दिनभर की जरूरी प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्वों की आपूर्ति करते हैं। • रसोई बजट: पनीर, समा और मेवों का संतुलित इस्तेमाल घर के सामान्य बजट में एक पौष्टिक और संपूर्ण भोजन उपलब्ध कराता है। बाहर से महंगे रेडीमेड फलाहारी स्नैक्स खरीदने के बजाय घर पर ही शुद्ध और ताजा खाना परोसा जा सकता है। • समय की बचत: 15 मिनट की सामान्य तैयारी और 25 मिनट के पकाने के समय के साथ यह कामकाजी लोगों के लिए भी आसान रहता है। इसे पहले से तैयार करके लंच बॉक्स या शाम के फलाहार में भी शामिल किया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ उपवास के समय शरीर को लंबे समय तक ऊर्जावान बनाए रखने के लिए संतुलित पोषण की जरूरत होती है। सादे समा के चावल में स्वाद और प्रोटीन बढ़ाने के लिए पनीर और मेवों का यह संयोजन तैयार किया गया है। • पोषण का संतुलन: उपवास में केवल कार्बोहाइड्रेट लेने से कमजोरी महसूस हो सकती है, इसलिए 200 ग्राम पनीर और मेवों को शामिल किया गया है। यह मेल फलाहार को संपूर्ण भोजन में बदल देता है। • सुपाच्य अनाज का चुनाव: समा के चावल पचने में बेहद हल्के होते हैं और पेट पर भारी नहीं पड़ते। पारंपरिक रूप से व्रत में अनाज की जगह इस जंगली बीज का उपयोग सुरक्षित माना जाता है। • स्वाद और सुगंध: सादे फलाहार को खास बनाने के लिए केसर, देसी घी और काली मिर्च का प्रयोग किया गया है। यह मेल बिना प्याज-लहसुन के भी भोजन को शाही महक और रंगत देता है। सवाल-जवाब 1. शाही समा-पनीर पुलाव बनाने में कुल कितना समय लगता है? इस पुलाव को बनाने में लगभग 15 मिनट तैयारी में और 25 मिनट पकाने में, यानी कुल 40 मिनट का समय लगता है। 2. समा के चावल को पकाने से पहले कितनी देर भिगोना चाहिए? चावल को अच्छी तरह धोने के बाद करीब 10 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रखना चाहिए। 3. इस रेसिपी में कितनी मात्रा में पनीर और मेवे इस्तेमाल किए जाते हैं? इसमें 200 ग्राम पनीर, 10 काजू, 8 बादाम और 2 बड़े चम्मच मूंगफली का उपयोग किया जाता है। 4. चावल को ढककर धीमी आंच पर कितनी देर पकाना चाहिए? उबाल आने के बाद आंच धीमी करके बर्तन को ढक दें और इसे 8 से 12 मिनट तक पकने दें। 5. इस पुलाव को किन चीजों के साथ परोसा जा सकता है? इसे ताजा हरा धनिया डालकर सजाने के बाद सादे दही या व्रत वाली हरी चटनी के साथ गरमागरम परोसा जा सकता है। https://trendkia.com/rajasthan/vrata-ke-dinon-men-taiyara-karen-sama-aura-paneer-se-bana-lajija-pulao-janen-stepa-bai-stepa-tarika-53714 TrendKia — Har trend, sabse pehle.