भोपाल में पति की खर्राटे लेने की आदत बनी तलाक की वजह, डॉक्टरों ने दी सेहत को लेकर चेतावनी भोपाल में एक महिला ने झगड़े या अफेयर की वजह से नहीं, बल्कि पति के खर्राटों से परेशान होकर तलाक मांगा है, और डॉक्टरों ने इसे स्लीप एपनिया जैसी गंभीर सेहत समस्या से जोड़ा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो सुनने में जितना अजीब लगता है, उतना ही गंभीर भी है. यहां एक महिला ने अपने पति से तलाक मांग लिया है, और वजह न तो कोई झगड़ा है, न ही कोई एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, बल्कि पति की रात में जोर-जोर से खर्राटे लेने की आदत है. क्या है पूरा मामला महिला ने बेहद भावुक होकर अपनी बात रखी. उसका कहना है कि उसके पति स्वभाव से बहुत अच्छे इंसान हैं और उसे उनसे कोई शिकायत नहीं है. दिक्कत सिर्फ इतनी है कि पति की खर्राटों की आदत इतनी ज्यादा है कि वह रातभर सो ही नहीं पाती. सुबह जब वह पति को बताती है कि रात में वह बहुत तेज खर्राटे ले रहे थे, तो पति यह मानने को तैयार ही नहीं होते. रोज की परेशानी से बढ़ा विवाद शुरुआत में परिवार और दोनों पति पत्नी ने इसे एक सामान्य सी बात मानकर टाल दिया, लेकिन जब यह परेशानी रोज-रोज की बन गई, तो दोनों के बीच नाराजगी और विवाद हद से ज्यादा बढ़ गया. आखिरकार महिला ने भारी मन से तलाक लेने का फैसला कर लिया. अब यह मामला सिर्फ घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है और कानूनी गलियारों में भी इस पर बातचीत हो रही है. डॉक्टरों ने बताया, यह सिर्फ आदत नहीं, बीमारी है डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के मामलों को हल्के में लेना ठीक नहीं, क्योंकि तेज खर्राटे लेना अक्सर 'स्लीप एपनिया' नाम की एक गंभीर सेहत समस्या का संकेत होता है. डॉक्टरों के मुताबिक, बीते 10 सालों में खर्राटों और स्लीप एपनिया से पीड़ित मरीजों की तादाद तीन गुना तेजी से बढ़ी है. यानी यह अब कोई अकेला-दुकेला मामला नहीं, बल्कि एक बड़ी सेहत चुनौती बनता जा रहा है, जो सीधे पारिवारिक जिंदगी पर भी असर डाल रहा है. हार्ट अटैक और स्ट्रोक तक का खतरा डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी है कि खर्राटों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. भोपाल का यह मामला इस बात की जीती-जागती मिसाल है कि सेहत से जुड़ी छोटी सी लापरवाही किस तरह हंसते-खेलते वैवाहिक जीवन पर भारी पड़ सकती है. डॉक्टरों की सलाह है कि अगर परिवार में किसी को लगातार तेज खर्राटे आने की शिकायत मिले, तो उसे सामान्य आदत समझकर टालने की बजाय समय रहते जांच करवा लेनी चाहिए. इसका आप पर असर • भारत में: डॉक्टरों के मुताबिक बीते 10 सालों में स्लीप एपनिया के मरीज तीन गुना बढ़े हैं, इसलिए घर में किसी के लगातार तेज खर्राटे लेने को मामूली आदत समझकर टालने की बजाय समय पर जांच करवाना जरूरी है. • भोपाल में: भोपाल के इस मामले के सामने आने के बाद शहर में लोग खर्राटों जैसी रोजमर्रा की समस्या को अब गंभीरता से लेने और डॉक्टर से सलाह लेने की बात कर रहे हैं. सवाल-जवाब 1. भोपाल का यह तलाक का मामला किस वजह से चर्चा में है? क्योंकि पत्नी ने किसी झगड़े या अफेयर की वजह से नहीं, बल्कि सिर्फ पति के खर्राटों से परेशान होकर तलाक मांगा है. 2. पत्नी को पति से क्या शिकायत है? पत्नी का कहना है कि पति दिल का बहुत अच्छा है, लेकिन उसके खर्राटों की वजह से वह रातभर सो नहीं पाती और सुबह बताने पर पति यह मानने को तैयार नहीं होता. 3. डॉक्टर इस मामले को किस बीमारी से जोड़ रहे हैं? डॉक्टरों के मुताबिक यह मामला स्लीप एपनिया नाम की गंभीर सेहत समस्या से जुड़ा है. 4. पिछले कुछ सालों में स्लीप एपनिया के मरीजों की संख्या कैसे बदली है? डॉक्टरों के अनुसार बीते 10 सालों में खर्राटे और स्लीप एपनिया से पीड़ित मरीजों की संख्या तीन गुना बढ़ी है. 5. खर्राटों को नजरअंदाज करने से सेहत को क्या खतरा हो सकता है? डॉक्टरों की मानें तो लगातार खर्राटे आने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक तक का खतरा बढ़ जाता है. 6. यह मामला अभी कहां-कहां चर्चा में है? यह मामला सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है. https://trendkia.com/relationships/bhopal-men-pati-ki-kharrate-lene-ki-adata-bani-talaka-ki-vajaha-doktaron-ne-di-sehata-ko-lekara-chetavani-4141 TrendKia — Har trend, sabse pehle.