बच्चे ने वीडियो में खोली पिता की पोल, कमाने वाले पापा को कहा पल्ला झाड़ने वाला सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में बच्चे ने अपने पिता को पल्ला झाड़ने वाला कहा है। इस बयान के जरिए कामकाजी माता-पिता और बच्चों के बीच बढ़ती भावनात्मक दूरी पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। आज के दौर में कामकाज में व्यस्त रहने वाले माता-पिता और बच्चों के बीच का रिश्ता किस तरह प्रभावित हो रहा है, इस पर सोशल मीडिया के जरिए एक बार फिर गहरी चर्चा छिड़ गई है। इंटरनेट पर एक बच्चे का वीडियो इन दिनों काफी सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें उसने अपने पिता के पास समय के अभाव को लेकर अपनी बात बहुत ही बेबाकी से रखी है। आम तौर पर समाज में यही मान लिया जाता है कि पिता का मुख्य कर्तव्य परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी करना और घर के लिए पैसे कमाना है। सुबह सवेरे काम पर निकलना, देर रात को घर लौटना और बच्चों की हर फरमाइश या जरूरत को तुरंत पूरा कर देना ही एक आदर्श पिता की पहचान मान ली जाती है। लेकिन एक छोटे से बच्चे के नजरिए से देखने पर यह समझ आता है कि उसका बचपन सिर्फ स्कूल की फीस या महंगे खिलौनों तक सीमित नहीं होता है। उसे अपने दिनभर के छोटे-बड़े अनुभवों को साझा करने के लिए एक ऐसे पिता की जरूरत होती है जो उसके सवालों पर रुक सके और उसकी बातें तसल्ली से सुन सके। कमाने की भागदौड़ में पीछे छूटता रिश्ता इस वीडियो में बच्चे द्वारा इस्तेमाल किए गए एक खास शब्द ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उसने अपने पिता को पल्ला झाड़ने वाला पापा कहकर संबोधित किया है। सुनने में यह बात किसी को भी चुभ सकती है और माता-पिता को आहत कर सकती है, लेकिन इसके पीछे एक ऐसी गहरी कसक छिपी है जिसे अक्सर व्यस्त जीवनशैली के चलते अनसुना कर दिया जाता है। आज की इस तेज रफ्तार जिंदगी में मेरे पास समय नहीं है वाक्य सबसे आम जवाब बन चुका है। दफ्तर का काम, कारोबार की उलझनें और जिम्मेदारियां पिता को इस कदर घेर लेती हैं कि घर लौटने के बाद भी उनका ध्यान लैपटॉप, मोबाइल स्क्रीन या दफ्तर के ईमेल पर ही टिका रहता है। बच्चा जब उत्साह के साथ अपनी कोई बात अपने पिता को बताना चाहता है और उसे हर बार बाद में सुनने का टालमटोल भरा जवाब मिलता है, तो वह धीरे-धीरे अपनी भावनाओं को भीतर ही दबाना सीख जाता है। असल समस्या यह नहीं है कि पिता कामकाज में व्यस्त हैं, बल्कि मुख्य दिक्कत यह है कि बच्चे को अपने पिता का ध्यान पाने के लिए लगातार इंतजार करना पड़ता है और खुद को नजरअंदाज महसूस करना पड़ता है. घर की पूरी जिम्मेदारी का बोझ और मां की भूमिका पारिवारिक जीवन में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि बच्चे की पढ़ाई-लिखाई, स्कूल के लिए तैयारी कराना, होमवर्क पूरा करवाना, समय पर खाना खिलाना, डॉक्टर के पास ले जाना और दैनिक जरूरतों को देखना जैसे तमाम काम मां की अकेली जिम्मेदारी बन जाते हैं। दूसरी तरफ, पिता अपनी आर्थिक जिम्मेदारियों को सबसे ऊपर रखते हुए यह मान लेते हैं कि घर के बाकी सारे काम अपने आप सुचारू रूप से चल रहे हैं। लेकिन एक मासूम बच्चे की नजर में इन दोनों भूमिकाओं का अंतर साफ दिखाई देता है। वह इन कामों को अलग-अलग हिस्सों में नहीं बांटता है। उसके लिए जो इंसान रोज उसके पास बैठता है, उसकी कॉपियां जांचता है और स्कूल के किस्से ध्यान से सुनता है, वही उसके सबसे ज्यादा करीब और उपलब्ध रहता है। इसके विपरीत, यदि पिता केवल आवश्यकता पड़ने पर ही नजर आएं और बाकी समय दूरी बनाए रखें, तो बच्चा भावनात्मक रूप से उनके सामने सहज महसूस नहीं कर पाता है। यही वजह है कि बाद में कई पिता यह शिकायत करते नजर आते हैं कि उनका बेटा या बेटी उनसे अपनी बातें साझा नहीं करता है और अपनी हर बात के लिए सिर्फ मां पर निर्भर रहता है या दोस्तों के साथ वक्त बिताना ज्यादा पसंद करता है। लेकिन कोई भी मजबूत रिश्ता रातोंरात या बिना किसी निवेश के तैयार नहीं होता है। यदि बचपन के शुरुआती सालों में पिता ने बच्चे के साथ संवाद स्थापित करने, उसके साथ खेलने और दिनभर के छोटे-छोटे पलों को बांटने के लिए थोड़ा भी समय निकाला होता है, तो आगे चलकर किशोरावस्था की दहलीज पर पहुंचने पर भी आपसी बातचीत के रास्ते हमेशा खुले रहते हैं. मजबूत बॉन्डिंग के लिए बड़े प्रयासों की जरूरत नहीं विशेषज्ञों और अनुभवों से यह बात साफ होती है कि बच्चे के साथ एक मजबूत और स्वस्थ रिश्ता बनाने के लिए हर दिन घंटों का समय देना अनिवार्य नहीं है। इसके बजाय छोटे लेकिन गुणवत्तापूर्ण पलों का होना ज्यादा असरदार साबित होता है। परिवार के साथ बैठकर भोजन करना, स्कूल से लौटने पर उसके दिनभर के अनुभवों के बारे में प्यार से पूछना, रात को सोने से पहले कुछ मिनट इत्मीनान से बातचीत करना या फिर हफ्ते में कम से कम एक छोटा सा काम मिलकर करना भी बहुत बड़ा फर्क पैदा कर सकता है। इस वायरल वीडियो A post shared by NIMISH (NEMO) (@nimishnemo) के माध्यम से यह संदेश साफ मिलता है कि बच्चों को भौतिक सुख-सुविधाओं से ज्यादा माता-पिता के मानसिक और भावनात्मक साथ की आवश्यकता होती है, जिसे समय रहते समझ लेना हर परिवार के लिए बेहद जरूरी है। इसका आप पर असर यह खबर कामकाजी माता-पिता को अपनी दैनिक जीवनशैली और बच्चों के प्रति समय के आवंटन पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित करती है। • भारत में: देश के शहरी कामकाजी परिवारों में माता-पिता की व्यस्तता के कारण बच्चों से संवाद कम होने की समस्या आम होती जा रही है। इसका असर बच्चों के मानसिक विकास और पारिवारिक जुड़ाव पर पड़ रहा है। • दैनिक जीवन पर असर: माता-पिता को अपनी दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर बच्चों की बातें सुनने और उनके साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने की आदत डालनी चाहिए ताकि भावनात्मक दूरी न बढ़े। ऐसा क्यों हुआ यह स्थिति आधुनिक कामकाजी जीवनशैली और पेशेवर प्राथमिकताओं के कारण उत्पन्न होती है जहाँ आर्थिक दबाव को प्राथमिकता दी जाती है। • काम का भारी दबाव: दफ्तर की लंबी व्यस्तताएं और घर लौटने पर डिजिटल उपकरणों में उलझे रहना संवादहीनता की मुख्य वजह बनता है। • घरेलू श्रम का विभाजन: माता-पिता अक्सर यह मान लेते हैं कि बच्चों की देखभाल और पढ़ाई का सारा जिम्मा सिर्फ मां का है, जिससे पिता और बच्चे के बीच दूरी आ जाती है। • समय की कमी का चक्र: बार-बार बच्चे की बात टालने से बच्चा अपनी भावनाएं साझा करना पूरी तरह बंद कर देता है। सवाल-जवाब 1. वायरल वीडियो में बच्चे ने अपने पिता को क्या कहा? बच्चे ने अपने व्यस्त पिता को पल्ला झाड़ने वाला पापा कहकर संबोधित किया। 2. वीडियो में किस मुख्य समस्या को उठाया गया है? वीडियो में कामकाजी माता-पिता और बच्चों के बीच समय की कमी और बढ़ती भावनात्मक दूरी को दिखाया गया है। 3. पारिवारिक जिम्मेदारियों में क्या अंतर देखा जाता है? घर में बच्चे की पढ़ाई, होमवर्क और जरूरतों का अधिकांश जिम्मा मां संभालती हैं जबकि पिता आर्थिक जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। 4. बच्चा पिता से दूरी क्यों महसूस करने लगता है? बार-बार अपनी बात टालने और पिता के पास समय न होने के कारण बच्चा उनसे भावनात्मक रूप से दूर हो जाता है। 5. बच्चे के साथ मजबूत रिश्ता बनाने के लिए क्या जरूरी है? हर दिन कुछ समय साथ बैठकर खाना खाना, स्कूल के बारे में पूछना और छोटी-छोटी बातचीत करना मजबूत रिश्ता बनाने के लिए काफी है। https://trendkia.com/relationships/child-calls-working-dad-brush-off-dad-in-viral-video-exposing-modern-parenting-gaps-29865 TrendKia — Har trend, sabse pehle.