नये रिश्ते में पुराने पार्टनर से संपर्क पर विक्रांत मैसी की खरी राय, बताया क्यों जरूरी है पारदर्शिता अभिनेता विक्रांत मैसी का मानना है कि नये रिश्ते की शुरुआत के साथ पुराने रिश्तों को पीछे छोड़ देना चाहिए, ताकि वर्तमान पार्टनर के मन में असुरक्षा या भ्रम पैदा न हो। आजकल डेटिंग ऐप्स, सोशल मीडिया और तेजी से बदलते इंटरनेट के इस दौर में प्यार तथा रिश्तों के मायने काफी बदल चुके हैं। युवा अपनी दैनिक बातचीत में सिचुएशनशिप, ब्रेडक्रंबिंग, घोस्टिंग और कैजुअल डेटिंग जैसे नए-नए शब्दों का प्रयोग धड़ल्ले से कर रहे हैं। ऐसे बदलते सामाजिक माहौल में यह समझना और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है कि एक स्वस्थ, मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते का असली आधार क्या होता है। अक्सर यह सवाल सामने आता है कि क्या अपने पुराने पार्टनर यानी एक्स के साथ संपर्क बनाए रखना सामान्य है, क्या किसी गंभीर रिश्ते को दुनिया से छिपाकर रखना सही माना जा सकता है, अथवा पारदर्शिता ही आज भी किसी रिश्ते की सबसे बड़ी ताकत है। पुराने पार्टनर से संपर्क पर स्पष्ट सीमाएं और व्यक्तिगत अनुभव हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार के दौरान जब अभिनेता विक्रांत मैसी से यह पूछा गया कि क्या ब्रेकअप के बाद भी एक्स पार्टनर के साथ दोस्ती बनाए रखना उचित है, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के इसे एक बड़ा रेड फ्लैग करार दिया। विक्रांत मैसी का स्पष्ट मानना है कि जब व्यक्ति अपनी जिंदगी में किसी नये रिश्ते की शुरुआत करता है और उसमें पूरी ईमानदारी के साथ आगे बढ़ना चाहता है, तो उसे अपने अतीत के रिश्तों को सम्मानपूर्वक पीछे छोड़ देना चाहिए। उन्होंने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि वे स्वयं अपने किसी भी एक्स पार्टनर के संपर्क में नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पत्नी शीतल ठाकुर भी अपने पूर्व पार्टनर्स से किसी तरह का संबंध नहीं रखती हैं। उनके अनुसार, इस तरह की स्पष्ट सीमाएं तय करने से वर्तमान रिश्ते में किसी भी प्रकार की बेवजह उलझन या असुरक्षा की भावना पैदा नहीं होती। एक्स से दोस्ती: अलग दृष्टिकोण और वर्तमान पार्टनर की सहजता यद्यपि रिश्तों को देखने और जीने का हर इंसान का नजरिया बिल्कुल अलग हो सकता है। कई लोगों की यह सोच होती है कि यदि कोई पुराना रिश्ता परिपक्वता और स्वस्थ तरीके से समाप्त हुआ हो, तो आपसी दोस्ती या संवाद बनाए रखने में कोई बुराई नहीं है। वहीं दूसरी तरफ, कई व्यक्तियों के लिए ब्रेकअप के बाद भावनात्मक दूरी बना पाना आसान नहीं होता। विशेषज्ञों और जानकारों की मानें तो इस विषय में सबसे महत्वपूर्ण बात यह नहीं है कि एक्स के साथ दोस्ती बनी हुई है या नहीं, बल्कि सबसे अहम बात यह है कि आपका मौजूदा पार्टनर उस पूरी स्थिति में कितना सहज और सुरक्षित महसूस कर रहा है। यदि वर्तमान पार्टनर को इससे असहजता होती है, तो रिश्ते में तनाव आना स्वाभाविक है। रिश्ते को छिपाकर रखना और अस्पष्टता की चुनौती इंटरव्यू में विक्रांत मैसी ने एक और बेहद गंभीर और व्यावहारिक मुद्दे की ओर सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी के साथ लंबे समय से रिलेशनशिप में है, लेकिन फिर भी वह उस रिश्ते को लगातार छिपाकर रखता है अथवा सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने से बचता है, तो यह रिश्ते में स्पष्टता और कमिटमेंट की भारी कमी को दर्शाता है। उनके दृष्टिकोण से, एक सच्चे और मजबूत रिश्ते में किसी भी तरह के दिखावे की जगह ईमानदारी और खुलेपन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। जब दो लोग एक-दूसरे के प्रति खुलकर खड़े होते हैं और अपने जुड़ाव को सहर्ष स्वीकारते हैं, तभी उनके बीच का आपसी भरोसा मजबूत और गहरा होता है। स्वस्थ और टिकाऊ रिश्ते के तीन मुख्य स्तंभ यदि विक्रांत मैसी द्वारा साझा किए गए इन विचारों का गहराई से विश्लेषण किया जाए, तो किसी भी रिश्ते को स्वस्थ और खुशहाल बनाए रखने के लिए तीन सबसे अहम बातें सामने आती हैं। • पहला स्तंभ: अपने पार्टनर के साथ हमेशा पूर्ण ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखें। छिपाव या झूठ हमेशा रिश्ते की नींव को कमजोर करता है। • दूसरा स्तंभ: अपने पार्टनर की व्यक्तिगत भावनाओं, सोच और सीमाओं का पूरा सम्मान करें। उनकी असहजता को नजरअंदाज न करें। • तीसरा स्तंभ: अपने रिश्ते और कमिटमेंट को लेकर मन में या बाहर कोई भ्रम की स्थिति न बनने दें। अपने इरादों और कमिटमेंट को हमेशा पूरी तरह स्पष्ट रखें। विश्वास, सम्मान और संवाद: टिकाऊ प्यार का आधार अंततः हर जोड़े के रिश्ते की गतिशीलता और उनके अपने तय नियम अलग हो सकते हैं। लेकिन यह भी एक निर्विवाद सत्य है कि आपसी विश्वास, सम्मान, निरंतर संवाद और पारदर्शिता ऐसे अनमोल मूल्य हैं जो किसी भी सफल रिश्ते की वास्तविक बुनियाद होते हैं। विक्रांत मैसी के बयान भी इसी सच्चाई को रेखांकित करते हैं कि एक स्थायी रिश्ता केवल शुरुआती आकर्षण या प्यार से नहीं चलता, बल्कि वह आपसी भरोसे और विचारों की स्पष्टता से आगे बढ़ता है। यही कारण है कि यह हर कपल पर निर्भर करता है कि वे अपने रिश्ते के लिए किस तरह की सीमाएं और प्राथमिकताएं तय करते हैं, ताकि उनका साथ का सफर लंबे समय तक सहज, सुखद और अटूट बना रहे। इसका आप पर असर कपल्स के लिए: पार्टनर के साथ अतीत और एक्स से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शी बातचीत रिश्ते में असुरक्षा और गलतफहमी को कम करती है। युवाओं के लिए: डेटिंग के आधुनिक दौर में अपने रिश्ते को सार्वजनिक स्वीकार्यता देना और स्पष्ट सीमाएं तय करना लंबे समय के भरोसे की बुनियाद बनता है। सवाल-जवाब 1. विक्रांत मैसी ने एक्स पार्टनर के साथ दोस्ती को क्या बताया? विक्रांत मैसी ने एक्स पार्टनर के साथ दोस्ती बनाए रखने को एक रेड फ्लैग बताया है, क्योंकि उनका मानना है कि नए रिश्ते में पूरी ईमानदारी से आगे बढ़ने के लिए अतीत को पीछे छोड़ना बेहतर होता है। 2. क्या विक्रांत मैसी या उनकी पत्नी शीतल ठाकुर अपने एक्स के संपर्क में हैं? नहीं, विक्रांत मैसी ने स्पष्ट किया कि न तो वे स्वयं अपने किसी एक्स के संपर्क में हैं और न ही उनकी पत्नी शीतल ठाकुर अपने पूर्व पार्टनर्स से जुड़ी हुई हैं। 3. विक्रांत मैसी के अनुसार रिश्ते को छिपाकर रखने का क्या मतलब है? विक्रांत के अनुसार, यदि कोई लंबे समय से रिलेशनशिप में होने के बावजूद उसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करता, तो यह रिश्ते में स्पष्टता और कमिटमेंट की कमी को दिखाता है। 4. एक मजबूत और सफल रिश्ते के मुख्य आधार क्या हैं? सफल रिश्ते की मुख्य बुनियाद आपसी भरोसा, सम्मान, स्पष्ट संवाद, ईमानदारी और एक-दूसरे की सीमाओं का सम्मान करना है। https://trendkia.com/relationships/naye-rishte-men-purane-partanara-se-snparka-para-vikrant-massey-ki-khari-raya-bataya-kyon-jaruri-hai-paradarshita-12133 TrendKia — Har trend, sabse pehle.